ओडिशा ईओडब्ल्यू ने यूको बैंक के पूर्व शाखा प्रमुख को ₹3.25 करोड़ के ऋण घोटाले में गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को यूको बैंक के पूर्व शाखा प्रमुख शिबा प्रसाद दास को ₹3,25,43,000 के कथित ऋण घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया। दास को कटक जिले के त्रिसुलिया क्षेत्र से हिरासत में लिया गया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह गिरफ्तारी यूको बैंक की कटक शाखा की उप महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रमुख वर्षा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत के आधार पर 19 जून 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जाँच में सामने आया कि दास ने 2021 से 2024 तक यूको बैंक की ओल्ड सेक्रेटेरिएट शाखा, कटक के शाखा प्रमुख के रूप में और उसके बाद 2024 से 2025 तक सालेपुर शाखा के शाखा प्रमुख के रूप में कार्य करते हुए यह धोखाधड़ी की।
धोखाधड़ी की कार्यप्रणाली
ईओडब्ल्यू के अनुसार, आरोपी दास ने सरकारी रिकॉर्ड में जानबूझकर हेरफेर कर 22 कार ऋण और 2 व्यावसायिक ऋण स्वीकृत एवं वितरित किए। इसके लिए उसने फर्जी कोटेशन, जाली पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी), केवाईसी दस्तावेज, बीमा कागजात और अन्य वाहन संबंधी दस्तावेज तैयार किए।
जाँच में यह भी उजागर हुआ कि कई कार ऋण उन वाहनों के लिए स्वीकृत किए गए जो पहले ही खरीदे जा चुके थे, लेकिन उन्हें नए वाहनों के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त, सीआईबीएल रिकॉर्ड की प्रतियों में भी हेरफेर किए जाने के संकेत मिले हैं।
ऋण राशि का दुरुपयोग
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, कुल ₹3,25,43,000 की ऋण राशि सीधे दास के व्यक्तिगत बैंक खातों में जमा की गई। आरोपी ने कथित तौर पर उधारकर्ताओं के नाम पर आवश्यक केवाईसी दस्तावेज प्राप्त किए बिना बचत बैंक खाते खोले, जिनका एकमात्र उद्देश्य धोखाधड़ी से स्वीकृत ऋणों की चुकौती को सुविधाजनक बनाना था।
जाँच में यह भी सामने आया कि इन खातों में जमा की गई ऋण राशि कथित तौर पर दास द्वारा स्वयं ही दी जाती थी, जिससे चुकौती के वास्तविक स्रोत को छिपाया गया और उधारकर्ताओं को यह झूठा आभास कराया गया कि वे नियमित रूप से अपने ऋण खातों का भुगतान कर रहे हैं।
आगे की जाँच
ईओडब्ल्यू ने पुष्टि की है कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले में अन्य संलिप्तताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भुवनेश्वर स्थित ईओडब्ल्यू मुख्यालय से आगे की कार्रवाई की जाएगी।