ओडिशा विजिलेंस ने पटनायक टैंक घोटाले में 2 इंजीनियरों समेत 3 गिरफ्तार, ₹55.69 लाख के गबन का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा विजिलेंस ने 6 अगस्त 2026 को गजपति जिले के परलाखेमुंडी में पटनायक टैंक के सुधार और नवीनीकरण प्रोजेक्ट में ₹55,69,033 के कथित गबन के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में पूर्व जूनियर इंजीनियर डी. युधिष्ठिर, म्युनिसिपल इंजीनियर संजीव चंपाती और प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर सुरेंद्र पाणिग्रही शामिल हैं। एंटी-करप्शन एजेंसी की गहन जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
ओडिशा विजिलेंस के अधिकारियों ने 2019 से 2022 के बीच चले इस प्रोजेक्ट में वित्तीय अनियमितताओं की विस्तृत जांच की। आधिकारिक बयान के अनुसार, ब्रह्मपुर विजिलेंस पुलिस स्टेशन में तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि नकली मेजरमेंट बुक (एमबी) एंट्री और घटिया गुणवत्ता के काम के ज़रिए सरकारी खजाने को ₹55,69,033 का नुकसान पहुँचाया गया।
कैसे हुआ गबन
जांच के अनुसार, पूर्व जूनियर इंजीनियर युधिष्ठिर ने जानबूझकर आधिकारिक मेजरमेंट बुक्स में गलत और बढ़ा-चढ़ाकर एंट्री दर्ज कीं। उन्होंने ऐसे कार्यों को प्रमाणित किया जो या तो हुए ही नहीं थे या निर्धारित मानकों से कमतर थे।
इसके बाद, अनिवार्य 'चेक मेजरमेंट' प्रक्रिया के दौरान म्युनिसिपल इंजीनियर चंपाती ने इन्हीं गलत मापों को सत्यापित कर उन्हें सही ठहराया। इन्हीं प्रमाणित मापों के आधार पर कॉन्ट्रैक्टर सुरेंद्र पाणिग्रही को तीन 'रनिंग अकाउंट' (आरए) बिलों के माध्यम से कानूनी कर कटौती के बाद कुल ₹1,22,40,700 का भुगतान किया गया।
तकनीकी जांच के निष्कर्ष
ओडिशा विजिलेंस द्वारा कराई गई स्वतंत्र तकनीकी जांच में स्पष्ट रूप से सामने आया कि ₹55,69,033 मूल्य का कार्य या तो किया ही नहीं गया था या घटिया गुणवत्ता का था। इससे राज्य के खजाने को उतनी ही राशि का प्रत्यक्ष नुकसान हुआ। गौरतलब है कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा था जिसमें सरकारी अधिकारियों और निजी ठेकेदार ने मिलकर काम किया।
सरकारी तंत्र पर सवाल
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ओडिशा में सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। नकली मेजरमेंट बुक एंट्री और चेक मेजरमेंट प्रक्रिया में मिलीभगत जैसी गड़बड़ियाँ दर्शाती हैं कि निगरानी तंत्र में गंभीर खामियाँ थीं। यह पहली बार नहीं है जब ओडिशा विजिलेंस ने नगर निकाय से जुड़ी किसी परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया हो।
आगे की कार्रवाई
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी है। ब्रह्मपुर विजिलेंस पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में न्यायिक प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, जांच में और तथ्य सामने आ सकते हैं।