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नेपाल बाढ़: कर्नाटक के 17 कन्नड़िगा अब भी लापता, सीएम शिवकुमार ने बचे मल्लिनाथ से की फोन पर बात

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नेपाल बाढ़: कर्नाटक के 17 कन्नड़िगा अब भी लापता, सीएम शिवकुमार ने बचे मल्लिनाथ से की फोन पर बात

सारांश

नेपाल की बाढ़ और भूस्खलन की तबाही में कर्नाटक के 17 नागरिक अब भी लापता हैं। सीएम शिवकुमार ने जीवित बचे कलबुर्गी निवासी मल्लिनाथ से सीधे फोन पर बात की — मल्लिनाथ ने बताया कि उनसे 10 मिनट पहले निकली दो बसें लापता हो गईं। राज्य सरकार केंद्र और राजनयिक माध्यमों से समन्वय कर रही है।

मुख्य बातें

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बीच कर्नाटक के कम से कम 17 नागरिक अब भी लापता हैं।
शिवकुमार ने 27 अगस्त को नई दिल्ली में राहत प्रयासों की जानकारी दी।
जीवित बचे कलबुर्गी के मल्लिनाथ ने बताया कि उनसे 10 मिनट पहले निकली दो बसें लापता हो गईं; उन बसों में पश्चिम बंगाल के पर्यटक सवार थे।
मल्लिनाथ पिछले तीन दिनों से काठमांडू में हैं और किसी कर्नाटक निवासी से संपर्क नहीं हो पाया।
राहत समन्वय कर्नाटक भवन, नई दिल्ली और बेंगलुरु से एक साथ किया जा रहा है; भारत सरकार के साथ राजनयिक समन्वय जारी।

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हुई भीषण तबाही के बीच कर्नाटक के कम से कम 17 नागरिक अब भी लापता हैं। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार, 27 अगस्त को नई दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार नेपाल में फंसे कन्नड़िगाओं की तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार तथा राजनयिक माध्यमों के साथ मिलकर चौबीसों घंटे काम कर रही है।

मुख्यमंत्री का बयान और राहत समन्वय

शिवकुमार ने कहा, 'हम लगातार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। 17 लोगों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है और उनकी तलाश जारी है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ नागरिकों की लोकेशन का पता चल गया है और वे अपने परिवारों के संपर्क में हैं, जबकि शेष की खोज अभी भी जारी है।

राहत अभियान का समन्वय नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन और बेंगलुरु से एक साथ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी विदेशी भूमि पर राज्य सरकार स्वतंत्र रूप से अभियान नहीं चला सकती, इसलिए भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय से ही यह कार्य संभव है।

जीवित बचे मल्लिनाथ की आपबीती

कलबुर्गी जिले के निवासी मल्लिनाथ इस आपदा में सौभाग्य से बच निकले। शिवकुमार ने उनके परिवार से संपर्क करने के बाद स्वयं मल्लिनाथ से फोन पर बात की।

मल्लिनाथ ने मुख्यमंत्री को बताया, 'सर, जो हमने देखा उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। हमारे आगे करीब 10 मिनट पहले निकली दो बसें लापता हो गईं। हम कैसे बचे, यह बताना मुश्किल है।' जब शिवकुमार ने पूछा कि उन बसों में कर्नाटक के लोग भी थे, तो मल्लिनाथ ने बताया कि वे सभी पश्चिम बंगाल के पर्यटक थे।

मल्लिनाथ ने यह भी बताया कि वे पिछले तीन दिनों से काठमांडू में हैं, लेकिन किसी भी कर्नाटक निवासी से उनका संपर्क नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें सुरक्षित रहने और जल्दबाजी में कोई निर्णय न लेने की सलाह दी।

संकट में राजनीति से परे एकजुटता

बातचीत के दौरान एक उल्लेखनीय क्षण आया जब मल्लिनाथ ने कहा कि वे किसी अन्य राजनीतिक दल के समर्थक हैं, लेकिन शिवकुमार के कामकाज की सराहना करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा चाहे जो भी हो, संकट की घड़ी में सभी कन्नड़िगा एकजुट हैं।

गौरतलब है कि कर्नाटक से बड़ी संख्या में पर्यटक नेपाल गए हुए थे और इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी सुरक्षा को लेकर परिवारों में गहरी चिंता पैदा कर दी है।

आगे क्या होगा

कर्नाटक सरकार ने भरोसा दिलाया है कि लापता 17 नागरिकों की जानकारी जल्द से जल्द साझा की जाएगी। केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रियों के साथ सतत संपर्क बनाए रखते हुए राजनयिक माध्यमों से नेपाल में फंसे सभी कन्नड़िगाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि विदेश मंत्रालय और नेपाल में भारतीय दूतावास कितनी तेज़ी से ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। मल्लिनाथ का तीन दिन बाद भी काठमांडू में किसी अन्य कर्नाटक निवासी से संपर्क न हो पाना बताता है कि सूचना-तंत्र अभी भी अधूरा है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में कर्नाटक के कितने लोग लापता हैं?
कर्नाटक के कम से कम 17 नागरिक नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद से लापता हैं। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 27 अगस्त को बताया कि इन लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही जानकारी साझा की जाएगी।
सीएम शिवकुमार ने मल्लिनाथ से क्यों बात की?
कलबुर्गी जिले के निवासी मल्लिनाथ नेपाल आपदा में जीवित बच निकले थे। सरकार ने उनके परिवार से संपर्क किया और मुख्यमंत्री शिवकुमार ने स्वयं फोन पर उनसे हालचाल जाना और उन्हें सुरक्षित रहने की सलाह दी।
मल्लिनाथ ने नेपाल आपदा के बारे में क्या बताया?
मल्लिनाथ ने बताया कि उनके आगे करीब 10 मिनट पहले निकली दो बसें लापता हो गईं, जिनमें पश्चिम बंगाल के पर्यटक सवार थे। वे स्वयं पिछले तीन दिनों से काठमांडू में हैं और किसी अन्य कर्नाटक निवासी से उनका संपर्क नहीं हो पाया है।
कर्नाटक सरकार नेपाल में फंसे नागरिकों को कैसे वापस लाएगी?
कर्नाटक सरकार नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन और बेंगलुरु से राहत अभियान का समन्वय कर रही है। चूँकि विदेशी भूमि पर राज्य सरकार स्वतंत्र रूप से अभियान नहीं चला सकती, इसलिए भारत सरकार और राजनयिक माध्यमों के ज़रिए नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है।
नेपाल में कर्नाटक के पर्यटक क्यों फंसे हैं?
कर्नाटक से बड़ी संख्या में पर्यटक नेपाल घूमने गए थे। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में संपर्क टूट गया और यातायात बाधित हो गया, जिससे पर्यटक फंस गए।
राष्ट्र प्रेस
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