23 जुलाई 2026
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भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा, MOS कीर्ति वर्धन सिंह ने कुलुबायेव से की मुलाकात

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भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा, MOS कीर्ति वर्धन सिंह ने कुलुबायेव से की मुलाकात

सारांश

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने चोलपोन-अता में SCO बैठक के इतर किर्गिस्तान के विदेश मंत्री जीनबेक कुलुबायेव से मुलाकात की और भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन की तैयारियों का हिस्सा है।

मुख्य बातें

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 23 जुलाई 2026 को चोलपोन-अता में किर्गिस्तान के विदेश मंत्री जीनबेक कुलुबायेव से द्विपक्षीय वार्ता की।
दोनों नेताओं ने भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
यह बैठक SCO विदेश मंत्रियों की परिषद की उस बैठक के दौरान हुई जो 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बिश्केक SCO शिखर सम्मेलन की तैयारी है।
किर्गिस्तान 2025-2026 के लिए SCO की अध्यक्षता कर रहा है; अध्यक्षता का विषय 'SCO के 25 वर्ष: स्थायी शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर' है।
सिंह SCO सदस्य देशों के अन्य समकक्षों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 23 जुलाई 2026 को किर्गिस्तान के चोलपोन-अता में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक के दौरान किर्गिस्तान के विदेश मंत्री जीनबेक कुलुबायेव से द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में क्या हुई चर्चा

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की और आगे सहयोग के रास्ते तलाशे। बैठक के बाद कीर्ति वर्धन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'किर्गिस्तान गणराज्य के विदेश मंत्री जीनबेक कुलुबायेव से मिलकर खुशी हुई। हमने अपनी द्विपक्षीय साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की। भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।'

SCO बैठक का संदर्भ और उद्देश्य

कीर्ति वर्धन सिंह बुधवार को SCO विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बिश्केक पहुँचे थे। वहाँ पहुँचने पर उन्होंने कहा था कि वे क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर 'सार्थक चर्चा' और SCO के भीतर सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रति आशान्वित हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि यह बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 को बिश्केक में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन की तैयारी के तौर पर आयोजित की जा रही है। बैठक में SCO सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा होगी और उन दस्तावेज़ों व फैसलों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिन्हें शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों की मंजूरी मिलनी है।

किर्गिस्तान की SCO अध्यक्षता

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब किर्गिस्तान 2025-2026 के लिए SCO की अध्यक्षता कर रहा है। राष्ट्रपति सदर जापारोव ने इस अध्यक्षता का विषय 'SCO के 25 वर्ष: स्थायी शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर' रखा है। गौरतलब है कि SCO की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में यह शिखर सम्मेलन विशेष महत्व रखता है।

आगे क्या होगा

कीर्ति वर्धन सिंह इस बैठक के दौरान SCO के अन्य सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ भी द्विपक्षीय वार्ताएँ करेंगे। बिश्केक शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों द्वारा अनुमोदित किए जाने वाले प्रमुख दस्तावेज़ों की रूपरेखा इसी बैठक में तैयार होने की उम्मीद है, जो भारत की SCO में सक्रिय भूमिका को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' पहल के तहत वर्षों से आगे बढ़ाया जा रहा है। हालाँकि, 'रणनीतिक साझेदारी' और 'सहयोग के रास्तों' जैसे राजनयिक वाक्यांश ठोस नतीजों का संकेत नहीं देते — असली कसौटी यह होगी कि बिश्केक शिखर सम्मेलन में किन दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत SCO में पाकिस्तान और चीन जैसे सदस्यों के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच अपनी स्वतंत्र कूटनीतिक पहचान बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कीर्ति वर्धन सिंह और जीनबेक कुलुबायेव की बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक 23 जुलाई 2026 को किर्गिस्तान के चोलपोन-अता शहर में SCO विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने भारत-किर्गिस्तान द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा की और सहयोग के नए रास्ते तलाशे।
SCO विदेश मंत्रियों की यह बैठक क्यों आयोजित की गई?
यह बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 को बिश्केक में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन की तैयारी के तौर पर आयोजित की गई है। इसमें SCO सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा होगी और शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों द्वारा अनुमोदित किए जाने वाले दस्तावेज़ों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
किर्गिस्तान की SCO अध्यक्षता का विषय क्या है?
राष्ट्रपति सदर जापारोव ने किर्गिस्तान की 2025-2026 SCO अध्यक्षता का विषय 'SCO के 25 वर्ष: स्थायी शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर' रखा है। यह SCO की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है।
भारत-किर्गिस्तान संबंधों में इस बैठक का क्या महत्व है?
इस बैठक में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। यह SCO के बहुपक्षीय मंच पर भारत की द्विपक्षीय कूटनीति को आगे बढ़ाने का हिस्सा है, जिसमें मध्य एशियाई देशों के साथ संबंध प्रगाढ़ करना प्राथमिकता है।
बिश्केक SCO शिखर सम्मेलन 2026 कब होगा?
SCO शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 को बिश्केक, किर्गिस्तान में आयोजित होगा। इसमें SCO के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष भाग लेंगे और चोलपोन-अता में तैयार किए गए दस्तावेज़ों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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