भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा, MOS कीर्ति वर्धन सिंह ने कुलुबायेव से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 23 जुलाई 2026 को किर्गिस्तान के चोलपोन-अता में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक के दौरान किर्गिस्तान के विदेश मंत्री जीनबेक कुलुबायेव से द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में क्या हुई चर्चा
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की और आगे सहयोग के रास्ते तलाशे। बैठक के बाद कीर्ति वर्धन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'किर्गिस्तान गणराज्य के विदेश मंत्री जीनबेक कुलुबायेव से मिलकर खुशी हुई। हमने अपनी द्विपक्षीय साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की। भारत-किर्गिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।'
SCO बैठक का संदर्भ और उद्देश्य
कीर्ति वर्धन सिंह बुधवार को SCO विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बिश्केक पहुँचे थे। वहाँ पहुँचने पर उन्होंने कहा था कि वे क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर 'सार्थक चर्चा' और SCO के भीतर सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रति आशान्वित हैं।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि यह बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 को बिश्केक में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन की तैयारी के तौर पर आयोजित की जा रही है। बैठक में SCO सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा होगी और उन दस्तावेज़ों व फैसलों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिन्हें शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों की मंजूरी मिलनी है।
किर्गिस्तान की SCO अध्यक्षता
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब किर्गिस्तान 2025-2026 के लिए SCO की अध्यक्षता कर रहा है। राष्ट्रपति सदर जापारोव ने इस अध्यक्षता का विषय 'SCO के 25 वर्ष: स्थायी शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर' रखा है। गौरतलब है कि SCO की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में यह शिखर सम्मेलन विशेष महत्व रखता है।
आगे क्या होगा
कीर्ति वर्धन सिंह इस बैठक के दौरान SCO के अन्य सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ भी द्विपक्षीय वार्ताएँ करेंगे। बिश्केक शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों द्वारा अनुमोदित किए जाने वाले प्रमुख दस्तावेज़ों की रूपरेखा इसी बैठक में तैयार होने की उम्मीद है, जो भारत की SCO में सक्रिय भूमिका को रेखांकित करती है।