26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों से द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों से द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की?

सारांश

तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों से मुलाकात की। इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिससे भारत के विकासात्मक सहयोग में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।

मुख्य बातें

द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में चर्चा हुई।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ रहा है।
मालदीव के साथ विकास सहयोग पर चर्चा की गई।
चीन के राष्ट्रपति के साथ शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति।
इन मुलाकातों से भारत की विदेश नीति को नई दिशा मिलती है।

तियानजिन, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा की।

पीएम मोदी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने लिखा, "तियानजिन में किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ बहुत उपयोगी बातचीत हुई। हमारे देशों के बीच मजबूत साझेदारी है और हम अपने विकासात्मक सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"

उन्होंने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, "उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक गतिशील साझेदारी है जो संस्कृति, अर्थव्यवस्था और जन-जन के संबंधों में लगातार विस्तार कर रही है।"

इससे पहले, पीएम मोदी ने तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि मालदीव के साथ भारत का विकास सहयोग हमारे लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने मिस्र के प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा, "एससीओ शिखर सम्मेलन में मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबौली से मुलाकात हुई। कुछ साल पहले की अपनी मिस्र यात्रा को याद किया। भारत-मिस्र मैत्री प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रही है।"

इसके अलावा, पीएम मोदी ने रविवार को एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर तियानजिन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों पक्षों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर सहमति जताई।

पीएम मोदी ने एक्स पर फोटो शेयर करते हुए लिखा, "एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ सार्थक बैठक हुई। हमने कजान में पिछली बैठक के बाद भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक प्रगति की समीक्षा की। हमने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर सहमति जताई और पारस्परिक सम्मान, हित और संवेदनशीलता के आधार पर सहयोग के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इस प्रकार की मुलाकातें भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह न केवल हमारे देशों के साथ संबंधों को मजबूती प्रदान करती हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करती हैं। देश की भलाई के लिए इन संबंधों का विस्तार आवश्यक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी ने किस देश के राष्ट्रपति से मुलाकात की?
प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की।
एससीओ शिखर सम्मेलन का महत्व क्या है?
एससीओ शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले