PM मोदी का बिश्केक दौरा उपहार जैसा: किर्गिज़ एक्टर अल्माज़, बोले — भारत हमारा पड़ोसी और करीबी दोस्त
सारांश
मुख्य बातें
किर्गिज़ टेलीविज़न प्रेज़ेंटर और अभिनेता अल्माज़ अलीमजानोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी बिश्केक यात्रा को अपने देश के लिए किसी उपहार से कम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि भले ही किर्गिस्तान और भारत की सीमाएँ नहीं मिलतीं, फिर भी किर्गिज़ जनमानस भारत को एक निकट पड़ोसी की तरह मानता है। पीएम मोदी 31 अगस्त 2026 को उज़्बेकिस्तान की द्विपक्षीय यात्रा पूर्ण करने के बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुँचेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
अल्माज़ अलीमजानोव ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी का किर्गिस्तान आना हमारे लिए किसी उपहार जैसा लगता है, क्योंकि भारत एक बहुत बड़ा और प्रसिद्ध देश है। मुझे लगता है कि यह हमारे देश के लिए बहुत अच्छी बात है।' पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन SCO की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसका भारत 2017 से पूर्ण सदस्य है।
बॉलीवुड और भारतीय संस्कृति की गहरी पैठ
अल्माज़ ने बताया कि किर्गिस्तान में भारतीय संस्कृति की जड़ें दशकों पुरानी हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैं छोटा था, करीब 25 साल पहले, तब भी किर्गिस्तान में ज़्यादातर लोग बॉलीवुड फिल्में देखते थे। आज भी हम भारतीय फिल्में पसंद करते हैं, क्योंकि भारतीय संस्कृति, पहनावा और कई दूसरी चीज़ें बहुत दिलचस्प लगती हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय पारंपरिक वस्त्र भी किर्गिज़ समाज में काफी लोकप्रिय हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सॉफ्ट पावर को मध्य एशिया में और मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
SCO शिखर सम्मेलन में भारत की प्राथमिकताएँ
प्रधानमंत्री मोदी शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जहाँ वे भारत की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर संबंधी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालेंगे। सम्मेलन के दौरान वे SCO नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शिरकत करेंगे, जो मध्य एशिया की समृद्ध खानाबदोश सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाता है।
मोदी की किर्गिस्तान यात्राओं का इतिहास
गौरतलब है कि यह पीएम मोदी की किर्गिस्तान की तीसरी यात्रा है। वे पहली बार 2015 में आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा पर और दूसरी बार 2019 में SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने बिश्केक पहुँचे थे। इस बार भी SCO के मंच पर भारत की उपस्थिति मध्य एशिया में भारतीय कूटनीति की निरंतरता को दर्शाती है।
आगे की राह
SCO शिखर सम्मेलन के बाद भारत-किर्गिस्तान के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों में और प्रगाढ़ता की उम्मीद जताई जा रही है। अल्माज़ जैसे सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की भावनाएँ इस बात का संकेत हैं कि जन-स्तर पर दोनों देशों के बीच गर्मजोशी पहले से ही मौजूद है।