किर्गिस्तान में PM मोदी को परोसा जाएगा थेपला और शाकाहारी 'लघमन', गांधी रेस्तरां के शेफ ने बताया पूरा मेन्यू
सारांश
मुख्य बातें
बिश्केक स्थित गांधी रेस्तरां के हेड शेफ चिन्मय बडोदेकर ने खुलासा किया है कि किर्गिस्तान दौरे पर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घर जैसा गुजराती खाना परोसा जाएगा, साथ ही शाकाहारी किर्गिज व्यंजन भी मेन्यू का हिस्सा होंगे। 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाले इस 2 दिवसीय दौरे में पीएम मोदी बिश्केक में एससीओ की 26वीं समिट में भाग लेंगे।
मेन्यू में क्या-क्या शामिल है
बडोदेकर के अनुसार, नाश्ते में पीएम मोदी को पोहा, उपमा और इडली-सांभर परोसा जाएगा। लंच में थेपला, घर की बनी दाल-चावल और गुजराती तरीके से पकी सब्जियाँ रहेंगी। रात के खाने में हल्की खिचड़ी-कढ़ी की व्यवस्था की गई है। बडोदेकर ने कहा, 'हम उनके लिए घर जैसा गुजराती खाना पका रहे हैं। उन्हें गुजराती और घर का बना खाना पसंद है।'
शाकाहारी किर्गिज व्यंजन भी मेन्यू में
भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ पीएम मोदी को स्थानीय किर्गिज खाने का भी स्वाद दिलाया जाएगा। लंच में 'प्लोव' (किर्गिज प्लोव) — जो आमतौर पर नॉन-वेज होता है — उसका विशेष शाकाहारी संस्करण कई तरह की सब्जियों के साथ तैयार किया जाएगा। डिनर में 'लघमन' परोसा जाएगा, जो नूडल्स से बनने वाली पारंपरिक किर्गिज डिश है और इसे भी पूरी तरह शाकाहारी रूप में बनाया जाएगा। बडोदेकर ने बताया, 'हमने यहाँ पहले भी कई बार इंडो-किर्गिज फूड फेस्टिवल आयोजित किए हैं, इसलिए हम सर के लिए शाकाहारी किर्गिज खाना भी तैयार करेंगे।'
सुरक्षा जाँच और तैयारी की प्रक्रिया
पीएम मोदी को खाना परोसने से पहले कड़ी जाँच प्रक्रिया से गुज़रना होगा। बडोदेकर ने बताया कि सभी सामग्री की लैब एनालिसिस और ज़रूरी टेस्टिंग की जा रही है। खाना परोसने से पहले तीन अलग-अलग टीमें उसकी जाँच और पुष्टि करती हैं। उन्होंने कहा, 'हम 100% तैयार हैं। मेन्यू लिस्ट, खाने-पीने से जुड़ी पाबंदियों और हर छोटी-बड़ी बात का बारीकी से ध्यान रखा गया है।'
गांधी रेस्तरां और इंडो-किर्गिज संबंध
गांधी रेस्तरां बिश्केक में भारतीय मूल के खानपान के लिए जाना-माना नाम है। यहाँ भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ 'फ्यूजन फूड' भी परोसा जाता है। रेस्तरां पहले भी इंडो-किर्गिज फूड फेस्टिवल आयोजित कर चुका है, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मज़बूत करने में सहायक रहा है।
दौरे का संदर्भ
पीएम मोदी उज्बेकिस्तान की यात्रा के बाद 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे। इस दौरान वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे। यह दौरा भारत की मध्य एशिया नीति के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।