30 अगस्त 2026
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WBJEEB ने बीटेक काउंसलिंग पाबंदियाँ हटाईं, छात्र-शिक्षकों के विरोध के बाद बड़ा फैसला

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WBJEEB ने बीटेक काउंसलिंग पाबंदियाँ हटाईं, छात्र-शिक्षकों के विरोध के बाद बड़ा फैसला

सारांश

छात्रों और शिक्षकों के विरोध के सामने WBJEEB को झुकना पड़ा — बोर्ड ने 30 अगस्त को वह पाबंदी हटा ली जो सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से प्रवेशित छात्रों को डिसेंट्रलाइज्ड प्रक्रिया से बाहर रखती थी। संशोधित शेड्यूल जल्द वेबसाइट पर आएगा।

मुख्य बातें

WBJEEB ने 30 अगस्त को बीटेक काउंसलिंग से जुड़ी पाबंदियाँ वापस लेने की घोषणा की।
अब सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन काउंसलिंग से प्रवेशित उम्मीदवार भी कॉमन ऑनलाइन डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे।
पूर्व प्रतिबंध का उद्देश्य सीटों की अनावश्यक ब्लॉकिंग और सीट माइग्रेशन रोकना था।
छात्रों और शिक्षकों ने तर्क दिया कि पाबंदी मेरिट-आधारित प्रणाली के विरुद्ध थी और अपग्रेडेशन के अवसर छीनती थी।
संशोधित काउंसलिंग शेड्यूल और विस्तृत दिशानिर्देश जल्द WBJEEB की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित होंगे।

पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड (WBJEEB) ने रविवार, 30 अगस्त को बीटेक प्रवेश से जुड़ी काउंसलिंग प्रक्रिया में लगाई गई पाबंदियाँ वापस ले लीं। यह फैसला कोलकाता सहित पूरे पश्चिम बंगाल में छात्रों और शिक्षकों के तीखे विरोध के बाद आया। बोर्ड की नई अधिसूचना के अनुसार, सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए पहले से एडमिशन ले चुके उम्मीदवार अब कॉमन ऑनलाइन डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग प्रक्रिया में भी भाग ले सकेंगे।

पहले क्या था प्रतिबंध

बोर्ड की पूर्व अधिसूचना में स्पष्ट किया गया था कि जो बीटेक उम्मीदवार सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश पा चुके हैं, वे डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में भाग नहीं ले सकते। केवल वे उम्मीदवार ही डिसेंट्रलाइज्ड प्रक्रिया में शामिल हो सकते थे, जो सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में क्वालिफाई नहीं कर पाए थे और जिनका मूल्यांकन हायर सेकेंडरी (10+2) परीक्षा के अंकों के आधार पर होना था।

छात्र-शिक्षकों का विरोध

इस प्रतिबंध के विरुद्ध शिक्षकों और छात्रों दोनों ने एकजुट होकर आवाज़ उठाई। उनका तर्क था कि यह नियम मेरिट-आधारित प्रणाली के सिद्धांतों के विपरीत है, क्योंकि इससे पहले से एडमिशन ले चुके छात्रों को बेहतर कॉलेज या ब्रांच में अपग्रेडेशन का अवसर नहीं मिल पाता। आलोचकों का कहना था कि ऐसी पाबंदी छात्रों के शैक्षणिक विकल्पों को अनावश्यक रूप से सीमित करती है।

सरकार की प्रतिक्रिया और नई अधिसूचना

राज्य के हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व प्रतिबंध का उद्देश्य सीटों पर एकाधिक दावों, सीटों की अनावश्यक ब्लॉकिंग और पहले से प्रवेशित उम्मीदवारों द्वारा सीट माइग्रेशन को रोकना था। हालाँकि, छात्रों और शिक्षकों दोनों वर्गों के तीव्र विरोध को देखते हुए बोर्ड ने यह पाबंदी हटाने का निर्णय लिया।

WBJEEB की नई अधिसूचना में कहा गया है कि डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग की पूरी संशोधित जानकारी और संशोधित शेड्यूल जल्द ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से प्रकाशित किया जाएगा।

आम छात्रों पर असर

यह बदलाव उन हज़ारों बीटेक उम्मीदवारों के लिए राहत लेकर आया है जो सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग के जरिए प्रवेश पा चुके थे, लेकिन अपनी पसंद के कॉलेज या ब्रांच में जाने का विकल्प चाहते थे। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में बीटेक प्रवेश प्रक्रिया हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्रों को प्रभावित करती है, और काउंसलिंग के नियमों में किसी भी बदलाव का असर व्यापक होता है।

आगे क्या होगा

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि संशोधित काउंसलिंग शेड्यूल और विस्तृत दिशानिर्देश शीघ्र ही आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम जानकारी के लिए WBJEEB की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहें। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि संगठित छात्र-शिक्षक विरोध नीतिगत निर्णयों को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसका समाधान एकमुश्त प्रतिबंध नहीं, बल्कि बेहतर सत्यापन तंत्र हो सकता था। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की उच्च शिक्षा प्रशासन की उस पुरानी समस्या को रेखांकित करता है जहाँ नीतियाँ बिना पर्याप्त हितधारक परामर्श के लागू की जाती हैं और विरोध के बाद पलटी जाती हैं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

WBJEEB ने काउंसलिंग पाबंदियाँ क्यों हटाईं?
छात्रों और शिक्षकों के तीव्र विरोध के बाद WBJEEB ने 30 अगस्त को यह पाबंदियाँ वापस लीं। विरोध करने वालों का तर्क था कि पाबंदी मेरिट-आधारित प्रणाली के विरुद्ध थी और पहले से प्रवेशित छात्रों को अपग्रेडेशन के अवसर से वंचित करती थी।
WBJEEB की पुरानी पाबंदी में क्या था?
पुरानी अधिसूचना के अनुसार सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से प्रवेशित छात्र डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में भाग नहीं ले सकते थे। केवल वे उम्मीदवार ही डिसेंट्रलाइज्ड प्रक्रिया में शामिल हो सकते थे जो सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में क्वालिफाई नहीं कर पाए थे।
अब बीटेक उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया क्या होगी?
नई अधिसूचना के अनुसार, सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन काउंसलिंग से प्रवेशित उम्मीदवार भी कॉमन ऑनलाइन डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे। संशोधित शेड्यूल और विस्तृत दिशानिर्देश जल्द WBJEEB की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित होंगे।
पाबंदी लगाने के पीछे बोर्ड का मूल उद्देश्य क्या था?
राज्य के हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार, पाबंदी का उद्देश्य सीटों पर एकाधिक दावों, सीटों की अनावश्यक ब्लॉकिंग और पहले से प्रवेशित उम्मीदवारों द्वारा सीट माइग्रेशन को रोकना था।
WBJEEB काउंसलिंग का संशोधित शेड्यूल कब आएगा?
बोर्ड ने अधिसूचना में कहा है कि डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग की पूरी संशोधित जानकारी और शेड्यूल जल्द ही WBJEEB की आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से प्रकाशित किया जाएगा। सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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