29 जुलाई 2026
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नीट-यूजी काउंसलिंग 2026: जेपी नड्डा ने समीक्षा की, एक बार भौतिक रिपोर्टिंग और ऑनलाइन इस्तीफे की सुविधा लागू

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नीट-यूजी काउंसलिंग 2026: जेपी नड्डा ने समीक्षा की, एक बार भौतिक रिपोर्टिंग और ऑनलाइन इस्तीफे की सुविधा लागू

सारांश

नीट-यूजी काउंसलिंग 2026 इस बार सिर्फ दोहराव नहीं — यह बड़े बदलाव की शुरुआत है। एक बार की भौतिक रिपोर्टिंग, ऑनलाइन इस्तीफा सुविधा और मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 16 से 61 करना — ये सुधार लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के अनुभव को बदल सकते हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 29 जुलाई 2026 को नीट-यूजी काउंसलिंग 2026 की तैयारियों की समीक्षा की।
एक बार की भौतिक रिपोर्टिंग प्रणाली लागू — उम्मीदवारों को बार-बार संस्थान नहीं जाना होगा; फ्रीज/फ्लोट विकल्प ऑनलाइन उपलब्ध।
ऑनलाइन त्यागपत्र सुविधा इस वर्ष पहली बार शुरू — MCC पोर्टल के माध्यम से बिना संस्थान गए सीट छोड़ी जा सकेगी।
नामित मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 की गई; दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 'पात्रता प्रमाण पत्र' और अपीलीय बोर्ड का प्रावधान।
NTA ने 16 जुलाई 2026 को नीट-यूजी 2026 परिणाम घोषित किए; MBBS, BDS और B.Sc.
नर्सिंग की काउंसलिंग शीघ्र प्रारंभ होगी।
टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-102-7637 चौबीसों घंटे उपलब्ध; ईमेल शिकायत निवारण तंत्र भी सक्रिय।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 29 जुलाई 2026 को आगामी नीट-यूजी काउंसलिंग 2026 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस बैठक में अखिल भारतीय कोटा (AIQ) और चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) के अंतर्गत आने वाली सीटों की काउंसलिंग प्रक्रिया का आकलन किया गया। मंत्री ने देशभर में स्नातक चिकित्सा प्रवेश को पारदर्शी, योग्यता-आधारित और छात्र-हितैषी बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

समीक्षा में क्या-क्या परखा गया

नड्डा ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) और MCC के अधिकारियों के साथ काउंसलिंग कार्यक्रम, आईटी अवसंरचना, साइबर सुरक्षा तैयारियों और शिकायत निवारण तंत्र की स्थिति की जाँच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि काउंसलिंग पोर्टल का संचालन सुचारू रहे, तकनीकी सहायता मज़बूत हो और उम्मीदवारों की चिंताओं का शीघ्र समाधान हो।

राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) के समन्वय से साइबर सुरक्षा तैयारियों की भी व्यापक समीक्षा की गई। विकलांगता मूल्यांकन बोर्डों, कॉलेज नोडल अधिकारियों और दस्तावेज़ सत्यापन अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

प्रमुख तकनीकी और छात्र-केंद्रित सुधार

इस वर्ष नीट-यूजी काउंसलिंग में कई महत्त्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। सबसे बड़ा सुधार है एक बार की भौतिक रिपोर्टिंग प्रणाली — अब उम्मीदवारों को बार-बार संस्थान में उपस्थित नहीं होना पड़ेगा। सीट आवंटन के बाद उम्मीदवार ऑनलाइन 'फ्रीज' या 'फ्लोट' विकल्प चुन सकेंगे।

जो उम्मीदवार फ्लोट विकल्प चुनते हैं — यानी बाद के दौरों में अपग्रेडेशन चाहते हैं — वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन दस्तावेज़ सत्यापन सहित प्रवेश औपचारिकताएँ पूरी कर सकेंगे। इस अवधि में उन्हें संस्थान में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने, मूल दस्तावेज़ जमा करने या प्रवेश शुल्क अदा करने की आवश्यकता नहीं होगी। तीसरे चरण की काउंसलिंग तक अपग्रेडेशन की यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।

इसके अतिरिक्त, इस वर्ष ऑनलाइन त्यागपत्र सुविधा भी शुरू की गई है। जो उम्मीदवार आवंटित सीट छोड़ना चाहते हैं, वे अब MCC काउंसलिंग पोर्टल के ज़रिए बिना संस्थान गए इस्तीफा दे सकेंगे — जहाँ काउंसलिंग नियमों और समय-सीमा के तहत ऐसी अनुमति हो।

पारदर्शिता और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए विशेष प्रावधान

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से प्राप्त पूर्व-भरे उम्मीदवार डेटा, ऑनलाइन दस्तावेज़ सत्यापन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा सीट मैट्रिक्स के सत्यापन जैसे उपाय शामिल किए गए हैं। देशभर में नामित मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 कर दी गई है।

NMC के 27 जुलाई 2026 के दिशानिर्देशों के अनुसार, नामित चिकित्सा बोर्डों द्वारा जारी प्रमाण पत्र को अब 'पात्रता प्रमाण पत्र' कहा जाएगा। संशोधित दिशानिर्देश दिव्यांग उम्मीदवारों के मूल्यांकन के लिए एक पारदर्शी, साक्ष्य-आधारित और योग्यता-उन्मुख ढाँचा स्थापित करते हैं। एक अपीलीय विकलांगता मूल्यांकन बोर्ड का भी प्रावधान किया गया है, जो पात्र उम्मीदवारों को प्रारंभिक मूल्यांकन के खिलाफ अपील करने का अधिकार देता है।

उम्मीदवारों के लिए सहायता व्यवस्था

उम्मीदवारों की सुविधा के लिए चौबीसों घंटे टोल-फ्री कॉल सेंटर (1800-102-7637) स्थापित किया गया है। इसके अलावा द्विभाषी सूचना सामग्री, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) और मार्गदर्शन वीडियो विभिन्न प्लेटफार्मों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रश्नों के शीघ्र समाधान के लिए एक समर्पित ईमेल-आधारित शिकायत निवारण तंत्र भी सक्रिय है।

आगे क्या होगा

NTA ने 16 जुलाई 2026 को नीट-यूजी 2026 के परिणाम घोषित किए थे। MBBS, BDS और B.Sc. (ऑनर्स) नर्सिंग में अखिल भारतीय कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। संशोधित ढाँचे का उद्देश्य एक बार भौतिक रिपोर्टिंग, एक बार दस्तावेज़ सत्यापन और एक बार प्रवेश शुल्क भुगतान के ज़रिए छात्रों की अनावश्यक यात्रा को कम करना और प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — खासकर तब जब मूल्यांकन केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की गुणवत्ता और एकरूपता पर निगरानी का ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए अपीलीय बोर्ड का प्रावधान सराहनीय है, लेकिन अपील की समय-सीमा और प्रक्रिया के विवरण सार्वजनिक होने पर ही इसकी वास्तविक उपयोगिता आँकी जा सकेगी।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी काउंसलिंग 2026 में 'फ्रीज' और 'फ्लोट' विकल्प क्या हैं?
सीट आवंटन के बाद उम्मीदवार ऑनलाइन 'फ्रीज' (आवंटित सीट पर प्रवेश लेना) या 'फ्लोट' (बाद के दौरों में अपग्रेडेशन के लिए बने रहना) विकल्प चुन सकते हैं। फ्लोट विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को तीसरे चरण की काउंसलिंग तक संस्थान में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की ज़रूरत नहीं होगी।
नीट-यूजी काउंसलिंग 2026 में ऑनलाइन त्यागपत्र सुविधा कैसे काम करेगी?
इस वर्ष पहली बार शुरू की गई इस सुविधा के तहत उम्मीदवार MCC काउंसलिंग पोर्टल के माध्यम से बिना संस्थान गए अपनी आवंटित सीट से इस्तीफा दे सकेंगे — जहाँ काउंसलिंग नियमों और समय-सीमा के तहत ऐसी अनुमति हो। इससे उम्मीदवारों की अनावश्यक यात्रा और समय की बचत होगी।
नीट-यूजी काउंसलिंग 2026 में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए क्या नए प्रावधान हैं?
NMC के 27 जुलाई 2026 के दिशानिर्देशों के अनुसार, विकलांगता प्रमाण पत्र को अब 'पात्रता प्रमाण पत्र' कहा जाएगा। एक अपीलीय विकलांगता मूल्यांकन बोर्ड भी बनाया गया है जो प्रारंभिक मूल्यांकन के खिलाफ अपील का अधिकार देता है। साथ ही, मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 कर दी गई है।
नीट-यूजी 2026 का परिणाम कब आया और काउंसलिंग कब शुरू होगी?
NTA ने 16 जुलाई 2026 को नीट-यूजी 2026 के परिणाम घोषित किए। MBBS, BDS और B.Sc. (ऑनर्स) नर्सिंग में अखिल भारतीय कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।
नीट-यूजी काउंसलिंग 2026 में मदद के लिए कहाँ संपर्क करें?
उम्मीदवारों की सहायता के लिए चौबीसों घंटे टोल-फ्री कॉल सेंटर नंबर 1800-102-7637 उपलब्ध है। इसके अलावा एक समर्पित ईमेल-आधारित शिकायत निवारण तंत्र और विभिन्न प्लेटफार्मों पर द्विभाषी FAQ व मार्गदर्शन वीडियो भी उपलब्ध हैं।
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