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नीट-यूजी री-एग्जाम 21 जून: एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को 20-21 जून तक छात्रों को छुट्टी न देने का निर्देश दिया

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नीट-यूजी री-एग्जाम 21 जून: एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को 20-21 जून तक छात्रों को छुट्टी न देने का निर्देश दिया

सारांश

नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से ठीक पहले NMC ने मेडिकल कॉलेजों को 20-21 जून तक छात्रों को छुट्टी न देने का आदेश दिया है। पहले भी परीक्षा-विरोधी गतिविधियों में मेडिकल छात्रों की संलिप्तता के मामले सामने आ चुके हैं — यह एडवाइजरी उसी चिंता की प्रतिक्रिया है।

मुख्य बातें

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 19 जून 2026 को सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए एडवाइजरी जारी की।
कॉलेजों को 20 और 21 जून को अत्यावश्यक परिस्थितियों को छोड़कर छात्रों को अवकाश न देने का निर्देश दिया गया।
नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित होनी है।
एनएमसी ने छात्रों को परीक्षा प्रक्रिया की 'पवित्रता और ईमानदारी' को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने समीक्षा बैठक में ईमानदारी और पारदर्शिता के उच्चतम मानक बनाए रखने पर जोर दिया।

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 19 जून 2026 को देशभर के सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की, जिसमें 20 और 21 जून को अत्यावश्यक परिस्थितियों को छोड़कर छात्रों को अवकाश न देने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। यह कदम नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से ठीक पहले परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एनएमसी की एडवाइजरी में क्या है

एनएमसी ने गुरुवार को जारी नोटिस में कहा कि 'पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के कुछ छात्र ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए, जिनसे परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता और ईमानदारी पर असर पड़ सकता है।' इसी पृष्ठभूमि में आयोग ने सभी संस्थानों को सतर्क रहने और छात्रों को परीक्षा-विरोधी गतिविधियों के दुष्परिणामों से अवगत कराने का निर्देश दिया।

नोटिस में आगे स्पष्ट किया गया कि 'यह कदम किसी भी संभावित गलत इस्तेमाल को रोकने और परीक्षा के निष्पक्ष संचालन में मदद करने के लिए उठाया गया है।' आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग का एक आधिकारिक संदेश भी एडवाइजरी के साथ संलग्न किया है और सभी मेडिकल कॉलेजों को इसका 'सख्ती से पालन' करने का आदेश दिया है।

शिक्षा मंत्री का निर्देश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को एक समीक्षा बैठक में नीट-यूजी दोबारा परीक्षा में ईमानदारी, पारदर्शिता और कुशलता के उच्चतम मानक बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और दोबारा परीक्षा के निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

नीट-यूजी री-एग्जाम की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित होनी है। यह री-एग्जाम उन परिस्थितियों के मद्देनजर बुलाई गई है जिनमें परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा को लेकर पिछले वर्षों में अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं और छात्रों व अभिभावकों में पारदर्शिता को लेकर चिंता बनी हुई है।

आम जनता और छात्रों पर असर

एनएमसी की इस एडवाइजरी का सीधा असर देशभर के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ेगा, जिन्हें 20 और 21 जून को संस्थान परिसर में उपस्थित रहना होगा। आलोचकों का कहना है कि यह कदम दर्शाता है कि परीक्षा तंत्र में आंतरिक अनुशासन की जरूरत अभी भी बनी हुई है। वहीं, समर्थकों का मानना है कि सक्रिय सतर्कता परीक्षा की विश्वसनीयता बहाल करने में सहायक होगी।

आगे क्या होगा

नीट-यूजी री-एग्जाम के परिणाम और उसकी निष्पक्षता पर सभी की नजर रहेगी। एनएमसी की एडवाइजरी और शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस बार परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्विवाद रह पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अनुभव से सीखा गया सबक है। सवाल यह है कि क्या अवकाश-प्रतिबंध जैसे प्रशासनिक उपाय उस प्रणालीगत कमज़ोरी को दूर कर सकते हैं जो नीट को बार-बार विवादों में घसीटती है। जब तक परीक्षा की संरचनात्मक खामियों — पेपर लीक, केंद्र-स्तरीय अनियमितताएँ — पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसी एडवाइजरियाँ लक्षण का उपचार करती हैं, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा कब होगी?
नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। यह री-एग्जाम परीक्षा प्रक्रिया में उठे सवालों के मद्देनजर बुलाई गई है।
एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को क्या निर्देश दिया है?
नेशनल मेडिकल कमीशन ने सभी मेडिकल कॉलेजों को 20 और 21 जून 2026 को अत्यावश्यक परिस्थितियों को छोड़कर छात्रों को छुट्टी न देने का निर्देश दिया है। साथ ही, छात्रों को परीक्षा-विरोधी गतिविधियों के दुष्परिणामों से अवगत कराने को भी कहा गया है।
एनएमसी ने यह एडवाइजरी क्यों जारी की?
एनएमसी ने स्वीकार किया है कि पहले भी मेडिकल कॉलेजों के कुछ छात्र ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए जिनसे परीक्षा की पवित्रता और ईमानदारी पर असर पड़ सकता था। इसी पृष्ठभूमि में यह एहतियाती एडवाइजरी जारी की गई है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री का नीट री-एग्जाम पर क्या रुख है?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने समीक्षा बैठक में ईमानदारी, पारदर्शिता और कुशलता के उच्चतम मानक बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और दोबारा परीक्षा के निष्पक्ष संचालन के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
क्या मेडिकल छात्रों पर कोई कार्रवाई हो सकती है?
एनएमसी की एडवाइजरी के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले मेडिकल छात्रों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को इन दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें।
राष्ट्र प्रेस
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