पश्चिम बंगाल मतगणना 2026: ड्रोन कैमरों और केंद्रीय बलों की त्रिस्तरीय सुरक्षा में खुलेंगी ईवीएम

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पश्चिम बंगाल मतगणना 2026: ड्रोन कैमरों और केंद्रीय बलों की त्रिस्तरीय सुरक्षा में खुलेंगी ईवीएम

सारांश

पश्चिम बंगाल में मतगणना का दिन सिर्फ नतीजों का इंतज़ार नहीं — यह राज्य की चुनावी विश्वसनीयता की परीक्षा भी है। ड्रोन कैमरे, 163 बटालियन और त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बताता है कि प्रशासन किसी भी चूक का जोखिम नहीं उठाना चाहता।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में 4 मई 2026 को विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू हुई।
कटवा कॉलेज परिसर में तीन विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा लागू।
सिधू कान्हो बिरसा विश्वविद्यालय, पुरुलिया में चार विधानसभा क्षेत्रों — पुरुलिया, बलरामपुर, बागमुंडी और जयपुर — की गिनती।
मालदा कॉलेज में पाँच क्षेत्रों की मतगणना; 163 बटालियन तैनात और ड्रोन कैमरों से निगरानी।
बैलीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल, कोलकाता में वाहन प्रतिबंध और बैरिकेडिंग लागू।
राज्यभर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस की संयुक्त तैनाती।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद सोमवार, 4 मई 2026 को मतगणना शुरू हो गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित मतगणना केंद्रों पर ड्रोन कैमरों, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस की संयुक्त तैनाती के साथ अभूतपूर्व सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं।

कटवा और पुरुलिया में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम

कटवा सब-डिवीजन में तीन विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए कटवा कॉलेज परिसर को आधिकारिक केंद्र बनाया गया है। सोमवार सुबह से ही पूरे परिसर को सील कर दिया गया और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। अधिकारियों के अनुसार यहाँ त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत केवल अधिकृत कर्मियों को कई चरणों की सघन जाँच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।

पुरुलिया में स्थित सिधू कान्हो बिरसा विश्वविद्यालय को पुरुलिया, बलरामपुर, बागमुंडी और जयपुर — चार विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए केंद्र बनाया गया है। यहाँ भी पोलिंग कर्मी और उम्मीदवार पहुँच चुके हैं और सघन जाँच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

कोलकाता में वाहन प्रतिबंध और बैरिकेडिंग

कोलकाता के राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र के लिए बैलीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल को मतगणना केंद्र बनाया गया है। यहाँ केंद्रीय बलों, राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस की भारी तैनाती की गई है। सुरक्षा के मद्देनज़र वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और सभी प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

मालदा में ड्रोन निगरानी और 163 बटालियन की तैनाती

मालदा कॉलेज में पाँच विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना होगी। यहाँ भी तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है और 163 बटालियन को तैनात किया गया है। इस बार विशेष रूप से ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जिससे मतगणना केंद्र के आसपास की हर गतिविधि पर नज़र रखी जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चिंताएँ जताई जाती रही हैं।

राज्यव्यापी सतर्कता और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था हमेशा संवेदनशील मुद्दा रही है। इस बार प्रशासन ने राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की संयुक्त तैनाती सुनिश्चित की है। राज्यभर में माहौल सतर्क और नियंत्रित बताया जा रहा है। मतगणना के नतीजे आने के साथ ही राजनीतिक समीकरण स्पष्ट होंगे और यह तय होगा कि पश्चिम बंगाल की सत्ता की बागडोर किसके हाथ जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि पिछले कई चुनावों में हिंसा की घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं। असली सवाल यह है कि क्या इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मतगणना के बाद का माहौल शांत रहेगा, जो अक्सर ज़्यादा संवेदनशील होता है। त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रभावशाली लगती है, लेकिन नतीजे आने के बाद की स्थिति प्रशासन की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में मतगणना कब और कहाँ हो रही है?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई 2026 को राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित केंद्रों पर हो रही है। प्रमुख केंद्रों में कटवा कॉलेज, सिधू कान्हो बिरसा विश्वविद्यालय (पुरुलिया), बैलीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल (कोलकाता) और मालदा कॉलेज शामिल हैं।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
अधिकारियों के अनुसार त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है, जिसमें केंद्रीय अर्धसैनिक बल, राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस की संयुक्त तैनाती शामिल है। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है और मालदा में 163 बटालियन तैनात की गई है।
ड्रोन कैमरों का उपयोग मतगणना में क्यों किया जा रहा है?
अधिकारियों के अनुसार ड्रोन कैमरे मतगणना केंद्रों के आसपास की हर गतिविधि पर नज़र रखने के लिए तैनात किए गए हैं। इससे किसी भी अनधिकृत गतिविधि या भीड़ की स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सकेगा।
कटवा और पुरुलिया में किन विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना होगी?
कटवा कॉलेज में तीन विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना होगी। पुरुलिया के सिधू कान्हो बिरसा विश्वविद्यालय में पुरुलिया, बलरामपुर, बागमुंडी और जयपुर — चार क्षेत्रों की मतगणना होगी।
मतगणना के दौरान आम लोगों पर क्या प्रतिबंध हैं?
मतगणना केंद्रों पर अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक है। कोलकाता के बैलीगंज केंद्र पर वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है और सभी प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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