मोदी और मिर्जियोयेव ने ताशकंद में साझा पौधारोपण किया, 'एक पेड़ मां के नाम' और 'यशिल मकोन' पहल जुड़ीं
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने 30 अगस्त 2026 को ताशकंद स्थित कुकसारोय राष्ट्रपति भवन के बगीचे में संयुक्त रूप से एक पौधा लगाया। यह पौधारोपण भारत की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल और उज्बेकिस्तान की 'यशिल मकोन' ग्रीन पहल — दोनों के प्रतीकात्मक संगम के रूप में सम्पन्न हुआ, जो दोनों देशों की पर्यावरणीय साझेदारी को रेखांकित करता है।
पर्यावरण साझेदारी का प्रतीकात्मक कदम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान एक हरित ग्रह के निर्माण के लिए मिलकर प्रयासरत हैं। उन्होंने इस कदम को दोनों देशों की एक हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब बताया। गौरतलब है कि भारत की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव के माध्यम से जन-आंदोलन बनाना है, जबकि उज्बेकिस्तान की 'यशिल मकोन' (हरित स्थान) पहल मध्य एशियाई देश में हरित आवरण बढ़ाने का राष्ट्रीय कार्यक्रम है।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता
पौधारोपण से पहले दोनों नेताओं के बीच राष्ट्रपति भवन में उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, उद्योग, अंतर-क्षेत्रीय और सांस्कृतिक सहयोग को विस्तार देने पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने उज्बेकिस्तान-भारत संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने पर सहमति जताई।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिसरी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, और विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
योग सत्र — सांस्कृतिक पहलू
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के 52 योग अभ्यासकर्ताओं के एक विशेष सत्र को भी देखा। इनमें उज्बेकिस्तान योग फेडरेशन के छह सदस्य शामिल थे, जिन्होंने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026 में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया था। मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर योग सत्र की झलकियाँ साझा करते हुए कहा, 'नमस्ते, आप सभी ने आज बेहतरीन योग प्रदर्शन किया है। यहाँ सभी उम्र के लोग मौजूद हैं। उज्बेकिस्तान को योग से जोड़ने के लिए मैं अपने मित्र, राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करता हूँ। बहुत-बहुत बधाई।'
दौरे का संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार, 29 अगस्त को दो दिन के राजकीय दौरे पर ताशकंद पहुँचे थे। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत मध्य एशिया के साथ अपने कनेक्टिविटी और व्यापारिक संबंधों को व्यापक रूप से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने ताशकंद हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया था। आगे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के ठोस करारों पर नज़र रहेगी।