30 अगस्त 2026
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उज्बेकिस्तान ने PM मोदी को दिया 'ओली दाराजली दोस्तलिक' सम्मान, बोले — '140 करोड़ भारतीयों का सम्मान'

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उज्बेकिस्तान ने PM मोदी को दिया 'ओली दाराजली दोस्तलिक' सम्मान, बोले — '140 करोड़ भारतीयों का सम्मान'

सारांश

उज्बेकिस्तान ने PM मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ओली दाराजली दोस्तलिक' से नवाजा — मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया। दो दिवसीय ताशकंद यात्रा में यूरेनियम आपूर्ति पर रणनीतिक सहमति भी बनी, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम कदम है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ओली दाराजली दोस्तलिक' ऑर्डर से 30 अगस्त को ताशकंद में नवाजा गया।
राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने यह सम्मान प्रदान किया; मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया।
उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक में यूरेनियम आपूर्ति पर रणनीतिक व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी।
मोदी ने ताशकंद में योग सत्र का नेतृत्व किया और उपस्थित लोगों को योगाभ्यास कराया।
प्रधानमंत्री ने दो दिवसीय यात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने 30 अगस्त को ताशकंद में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ओली दाराजली दोस्तलिक' ऑर्डर से नवाजा। प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच की गहरी मित्रता को समर्पित करते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।

सम्मान समारोह और प्रधानमंत्री का संबोधन

संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'ओली दाराजली दोस्तलिक ऑर्डर' पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच के अटूट रिश्ते को समर्पित करता हूं।" उन्होंने 'दोस्तलिक' शब्द के अर्थ — मित्रता — को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत में शायद ही कोई परिवार होगा जो इस शब्द से परिचित न हो। मोदी ने इसे दोनों देशों की साझा विरासत का प्रतीक बताया।

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की सराहना

उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा, "आपके नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। आपके करीबी मित्र के तौर पर हम निश्चित रूप से इन सभी उपलब्धियों को देखकर बहुत खुश हैं।" प्रधानमंत्री ने भी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव को उज्बेकिस्तान के आर्थिक विकास का जनक बताते हुए उनके विकास मॉडल की सराहना की और कहा कि उन्होंने पूरे क्षेत्र के लिए एक रोल मॉडल प्रस्तुत किया है।

यूरेनियम आपूर्ति पर रणनीतिक चर्चा

दोनों नेताओं के बीच हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक में यूरेनियम आपूर्ति का मुद्दा भी उठा। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया, "हम यूरेनियम की आपूर्ति के लिए भी एक रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे और एक व्यवस्था बनाएंगे।" यह चर्चा भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उज्बेकिस्तान विश्व के प्रमुख यूरेनियम उत्पादक देशों में शामिल है।

दो दिवसीय यात्रा की मुख्य झलकियाँ

प्रधानमंत्री मोदी दो दिन के उज्बेकिस्तान दौरे पर रहे। उन्होंने रविवार की सुबह ताशकंद में एक योग सत्र में भाग लिया और वहाँ उपस्थित लोगों को योगाभ्यास भी कराया। यह यात्रा, जैसा कि मोदी ने स्वयं कहा, उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को हमेशा याद रहेगी — गर्मजोशी भरे स्वागत और अपनेपन के एहसास के लिए।

द्विपक्षीय संबंधों का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी और ऊर्जा साझेदारी को नई गति दे रहा है। गौरतलब है कि 'दोस्तलिक' ऑर्डर उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है, जो विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। इस सम्मान के साथ भारत-उज्बेकिस्तान संबंध एक नए रणनीतिक आयाम की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ओली दाराजली दोस्तलिक' ऑर्डर क्या है?
यह उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को द्विपक्षीय संबंधों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। 'दोस्तलिक' का अर्थ उज्बेक भाषा में मित्रता होता है।
PM मोदी को यह सम्मान क्यों दिया गया?
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने यह सम्मान भारत-उज्बेकिस्तान के बीच गहरे होते द्विपक्षीय संबंधों और PM मोदी के योगदान को मान्यता देते हुए प्रदान किया। मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम समझौते की क्या स्थिति है?
ताशकंद में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यूरेनियम आपूर्ति पर चर्चा हुई और PM मोदी ने कहा कि इसके लिए एक रणनीति और व्यवस्था बनाई जाएगी। अभी तक कोई औपचारिक समझौते का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
PM मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा में और क्या हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी ने दो दिवसीय ताशकंद यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक की, संयुक्त प्रेस वार्ता में भाग लिया और रविवार की सुबह एक योग सत्र का नेतृत्व किया।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंध इस यात्रा के बाद किस दिशा में जाएंगे?
यूरेनियम आपूर्ति रणनीति और सर्वोच्च नागरिक सम्मान के आदान-प्रदान के बाद दोनों देशों के संबंध ऊर्जा, व्यापार और कूटनीतिक सहयोग के क्षेत्र में और मज़बूत होने की उम्मीद है। मध्य एशिया में भारत की बढ़ती उपस्थिति के लिहाज़ से यह यात्रा अहम मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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