15 अगस्त 2026
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विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हासिल होगा, PM मोदी के नेतृत्व पर चिराग पासवान का भरोसा

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विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हासिल होगा, PM मोदी के नेतृत्व पर चिराग पासवान का भरोसा

सारांश

स्वतंत्रता दिवस पर पटना में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मोदी के 12 साल बनाम पूर्व सरकारों के 70 साल की तुलना की, 'विकसित भारत 2047' पर पूरा भरोसा जताया और PM के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान का समर्थन करते हुए अराजक तत्वों से सतर्क रहने की अपील की।

मुख्य बातें

चिराग पासवान ने 15 अगस्त 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत में PM मोदी के विकास कार्यों की सराहना की।
उन्होंने मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की तुलना पूर्व सरकारों के 70 वर्षों से की, साथ ही जनसंख्या वृद्धि के पहलू को भी ध्यान में रखने की बात कही।
पासवान ने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को तय समय-सीमा में हासिल करने पर पूरा भरोसा जताया।
PM मोदी के 'दिमागी नक्सली' बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे अराजक तत्वों की पहचान करना जरूरी है।
उन्होंने देश की जनता से ऐसे लोगों के प्रति सतर्क रहने की अपील की जो विकास के पथ में बाधा डालते हैं।

पटना में स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 2026 के अवसर पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों की जोरदार तरीके से सराहना की और कहा कि 'विकसित भारत' का सपना तय समय-सीमा के भीतर पूरा होगा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल की तुलना पूर्ववर्ती सरकारों के 70 वर्षों से की।

मोदी के 12 साल बनाम पहले के 70 साल

चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के शासनकाल में हुए विकास कार्यों और पूर्व की सरकारों के 70 वर्षों के कार्यकाल की तुलना करने पर स्पष्ट अंतर दिखता है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि इस तुलना को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए और दोनों कार्यकालों के दौरान जनसंख्या वृद्धि के पहलू को भी ध्यान में रखना होगा।

उनके अनुसार, जिस गति से देश की आबादी बढ़ रही है, उसे देखते हुए यह समझना जरूरी है कि मौजूदा बुनियादी विकास भविष्य की जनसंख्या के लिए पर्याप्त होगा या नहीं। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक समग्र रूपरेखा तैयार कर उसे जमीन पर उतारना होगा।

विकसित भारत के लक्ष्य पर विश्वास

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने के लिए जो समय-सीमा तय की है, उस अवधि तक देश अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर लेगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार की ओर से पूरी कोशिश जारी है और हर स्तर पर योगदान दिया जा रहा है।

नक्सलवाद के खात्मे और 'दिमागी नक्सलियों' पर चेतावनी

पासवान ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहाँ सशस्त्र नक्सलवाद का काफी हद तक खात्मा हो चुका है, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 'दिमागी नक्सलियों' का जिक्र किया — ऐसे लोग जो समाज में अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं और भारत को एक महाशक्ति के रूप में उभरते हुए नहीं देखना चाहते।

उनके अनुसार, ये लोग उस विकास की विचारधारा को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं जिसे देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी। पासवान ने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान करना और उनसे सतर्क रहना आज के समय में अनिवार्य हो गया है।

आम जनता के लिए संदेश

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता को ऐसे सभी अराजक तत्वों से सावधान रहने का संदेश दिया है जो विकास के पथ पर बाधा डालने की कोशिश करते हैं। उन्होंने अपील की कि नागरिकों को सतर्क रहकर ऐसे लोगों को चिन्हित करने में सहयोग करना चाहिए।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश अपनी स्वतंत्रता की वर्षगाँठ मना रहा है और सरकार 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'दिमागी नक्सली' वाले शब्द का समर्थन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है — यह NDA की आंतरिक एकजुटता का संकेत है। मोदी के 12 साल बनाम 70 साल की तुलना BJP के पुराने चुनावी आख्यान का हिस्सा है, जिसे पासवान ने जनसंख्या वृद्धि का संदर्भ जोड़कर थोड़ा नुआंस दिया — यह उनकी राजनीतिक परिपक्वता दर्शाता है। हालाँकि, 'विकसित भारत 2047' के ठोस मानकों और जवाबदेही ढाँचे पर कोई स्पष्टता नहीं आई, जो इस तरह के बयानों की असली कमज़ोरी है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान ने स्वतंत्रता दिवस पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 15 अगस्त 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत में PM मोदी के 12 साल के विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य तय समय-सीमा में हासिल होगा। उन्होंने मोदी के 'दिमागी नक्सली' बयान का भी समर्थन किया।
चिराग पासवान ने मोदी के 12 साल और पहले के 70 साल की तुलना क्यों की?
पासवान ने यह तुलना यह दर्शाने के लिए की कि मोदी सरकार ने कम समय में अधिक विकास किया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस तुलना में जनसंख्या वृद्धि के पहलू को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
'दिमागी नक्सली' से PM मोदी का क्या मतलब था और पासवान ने क्या कहा?
PM मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में 'दिमागी नक्सलियों' का जिक्र किया, जिनसे उनका आशय समाज में अराजकता फैलाने वाले तत्वों से था। पासवान ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे लोग भारत को महाशक्ति बनते देखना नहीं चाहते और उनकी पहचान करना जरूरी है।
'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य क्या है?
'विकसित भारत 2047' भारत सरकार का वह लक्ष्य है जिसके तहत 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना है। चिराग पासवान ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में यह लक्ष्य तय समय-सीमा में हासिल किया जाएगा।
चिराग पासवान कौन हैं और वे किस पार्टी से हैं?
चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे NDA गठबंधन का हिस्सा हैं और दिवंगत केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के पुत्र हैं।
राष्ट्र प्रेस
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