जयशंकर की हेलसिंकी यात्रा: भारत-फिनलैंड ने AI, सेमीकंडक्टर और 6G सहयोग पर की विस्तृत चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 12 जून 2025 को हेलसिंकी में फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में भारत-फिनलैंड रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। यह बैठक डॉ. जयशंकर की दो देशों — बुल्गारिया और फिनलैंड — की यात्रा के दूसरे चरण में हुई।
बैठक के प्रमुख बिंदु
दोनों विदेश मंत्रियों के बीच स्टार्ट-अप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, आवश्यक खनिज (Critical Minerals), क्वांटम प्रौद्योगिकी, 6G, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों पक्ष राजनीतिक जुड़ाव की गति बनाए रखते हुए व्यापार और निवेश को और गहरा करने पर भी सहमत हुए।
डॉ. जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी पर हमारी रणनीतिक साझेदारी के विकास की समीक्षा की। स्टार्ट-अप्स, एआई, सेमीकंडक्टर, जरूरी मिनरल्स, क्वांटम प्रौद्योगिकी, 6जी, स्वच्छ ऊर्जा और स्पेस पर सहयोग को लेकर चर्चा की।'
फिनलैंड की प्रतिक्रिया
फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन ने भी एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा, 'फिनलैंड और भारत के बीच बहुत अच्छे आपसी संबंध हैं। हम अपने व्यापारिक संबंधों को और गहरा करते रहेंगे और डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी में काफी संभावनाएं देखते हैं।' यह बयान दोनों देशों के बीच उभरती तकनीकी साझेदारी को और पुख्ता करता है।
कुलटारेंटा टॉक्स में भागीदारी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डॉ. जयशंकर 'बदलाव में दुनिया: वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय नजरिए' थीम पर आयोजित कुलटारेंटा टॉक्स के 14वें संस्करण में भाग लेने के लिए उत्सुक थे। इस प्रतिष्ठित मंच पर फिनलैंड के शीर्ष नेतृत्व और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ बातचीत होनी थी।
बुल्गारिया में भी रही सक्रिय कूटनीति
इससे पहले, सोफिया में बुल्गारिया की विदेश मंत्री वेलिस्लावा पेट्रोवा के साथ बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस वार्ता में डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और बुल्गारिया के बीच द्विपक्षीय सहयोग, भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी और वैश्विक स्तर पर दोनों देश मिलकर क्या योगदान दे सकते हैं — इन तीन पहलुओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, 'भारत-बुल्गारिया के संबंध बहुत पुराने और आरामदायक हैं। हमारा काम इसे आज के जमाने के और आगे की सोच वाले संबंधों में बदलना है।'
आगे क्या
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ प्रौद्योगिकी, व्यापार और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी साझेदारियों को नई गति देने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि फिनलैंड नोकिया और कई अग्रणी क्लीनटेक कंपनियों का घर है, जो भारत के डिजिटल और हरित परिवर्तन में भागीदार बन सकती हैं। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश से जुड़े ठोस कदमों की उम्मीद जताई जा रही है।