ब्रुसेल्स में भारत-EU TTC की तीसरी बैठक: AI, सेमीकंडक्टर और 6G पर बनी ठोस सहमति
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की सह-अध्यक्षता में भारत-यूरोपीय संघ (EU) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) की तीसरी मंत्री स्तरीय बैठक बुधवार, 15 जुलाई 2026 को ब्रुसेल्स में आयोजित हुई। इस बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), क्वांटम तकनीक और अगली पीढ़ी के 6G दूरसंचार मानकों पर व्यापक सहयोग की रूपरेखा तय की गई। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसे भारत-EU रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
TTC की पृष्ठभूमि और महत्व
भारत-EU TTC की नींव अप्रैल 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रखी थी। इसका मूल उद्देश्य व्यापार, भरोसेमंद तकनीक और सुरक्षा से जुड़ी साझा चुनौतियों पर समन्वित रणनीति बनाना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और EU — दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र — खुले बाज़ार, साझा मूल्यों और विविध समाजों के आधार पर स्वाभाविक रणनीतिक साझेदार हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक पुनर्गठन तेज़ी से बदल रहे हैं।
गौरतलब है कि दोनों पक्षों ने 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया, जिसमें दोनों देशों के नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को और ऊँचे स्तर तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई थी।
मुख्य तकनीकी सहमतियाँ
बैठक में कार्य समूह-एक (रणनीतिक तकनीक, डिजिटल प्रशासन और कनेक्टिविटी) के तहत कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी। दोनों पक्ष सेमीकंडक्टर क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग का ढाँचा तैयार करने, AI के उपयोग से जुड़ी बेहतर प्रक्रियाएँ साझा करने और HPC तथा क्वांटम तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर राज़ी हुए। इसके साथ ही कुशल ICT कर्मचारियों की आवाजाही को सुगम बनाने और 6G दूरसंचार मानकों पर संयुक्त कार्य में तेज़ी लाने की भी सहमति बनी।
डिजिटल ट्रस्ट सर्विसेज के क्षेत्र में दोनों पक्षों ने e-सिग्नेचर की आपसी अनुकूलता और मान्यता के लिए तकनीकी बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया। जनवरी 2026 में एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर और सील पर हुए प्रशासनिक समझौते के बाद यह अगला स्वाभाविक कदम है।
डिजिटल पहचान और वॉलेट परियोजना
दोनों पक्षों ने EU डिजिटल आइडेंटिटी वॉलेट और भारत के DigiLocker को जोड़ने की एक पायलट परियोजना की संभावनाओं पर विचार करने का फैसला किया है। डिजिटल वॉलेट की आपसी संगतता — जिसमें बिज़नेस वॉलेट भी शामिल हैं — पर बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी। यह दोनों पक्षों द्वारा तय किए गए उपयोग के मामलों (यूज़ केस) के आधार पर होगा।
स्टार्टअप और व्यापार सहयोग
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने माना कि डीप-टेक स्टार्टअप, इनोवेशन इकोसिस्टम और व्यवसायों की भूमिका द्विपक्षीय सहयोग में लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए TTC के तहत एक विशेष मंच बनाने की संभावना पर विचार किया जाएगा, ताकि 'ब्लू वैलीज़' पहल पर आगे चर्चा हो सके। 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में शुरू किए गए भारत-EU बिज़नेस फोरम को अब हर वर्ष आयोजित करने पर भी सहमति बनी है।
आगे क्या होगा
दोनों पक्षों ने तय किया कि TTC की अगली मंत्री स्तरीय बैठक 2027 में नई दिल्ली में होगी। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित उद्योग-स्तरीय बैठकें और संवाद भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि TTC व्यापार, तकनीक और सुरक्षा की चुनौतियों पर सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण स्थायी मंच के रूप में उभर रही है, जिसका लक्ष्य वैश्विक स्थिरता, आर्थिक सुरक्षा और समावेशी तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देना है।