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असम में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम लागू होगा, आपदा अलर्ट अब सीधे मोबाइल पर मिलेंगे

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असम में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम लागू होगा, आपदा अलर्ट अब सीधे मोबाइल पर मिलेंगे

सारांश

असम अब आपदाओं से पहले सीधे आपके मोबाइल पर चेतावनी देगा — 30 सेकंड का तेज अलार्म, पॉप-अप संदेश और आवाज़ में पाठन। CBS प्रणाली बाढ़-प्रवण असम के लिए एक निर्णायक कदम है, जो रोमिंग उपयोगकर्ताओं तक भी पहुँचेगी।

मुख्य बातें

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) राज्यभर में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) लागू करने जा रहा है।
भारत सरकार ने यह प्रणाली 2 मई को देशव्यापी परीक्षण के बाद लागू करने की अनुमति दी; असम चुनाव आचार संहिता के कारण तब बाहर था।
अलर्ट मोबाइल पर 30 सेकंड तक तेज अलार्म, कंपन और पॉप-अप नोटिफिकेशन के रूप में आएंगे।
प्रणाली 2G, 3G, 4G और 5G नेटवर्क पर काम करेगी और रोमिंग उपयोगकर्ताओं तक भी पहुँचेगी।
बाढ़, फ्लैश फ्लड, चक्रवात, बिजली गिरना, गैस रिसाव जैसी आपदाओं के लिए केवल अधिकृत सरकारी एजेंसियाँ ही अलर्ट जारी कर सकेंगी।
यह प्रणाली पारंपरिक SMS की तुलना में अधिक विश्वसनीय है और नेटवर्क दबाव में भी कार्यशील रहती है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) राज्यभर में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) लागू करने जा रहा है, जिसके तहत किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों के मोबाइल फोन पर तत्काल और स्थान-विशिष्ट चेतावनी संदेश भेजे जा सकेंगे। 8 जून को अधिकारियों ने बताया कि यह प्रणाली गुवाहाटी सहित पूरे असम में जल्द ही पूरी तरह संचालित हो जाएगी।

क्या है यह प्रणाली

यह स्वदेशी सार्वजनिक चेतावनी तंत्र दूरसंचार विभाग के अंतर्गत सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया है। भारत सरकार ने इसे 2 मई को देशव्यापी परीक्षण के बाद राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की अनुमति दी थी।

गौरतलब है कि उस समय असम समेत जिन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू थी, उन्हें परीक्षण प्रक्रिया से बाहर रखा गया था। अब चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप असम सरकार इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कैसे काम करेगा CBS अलर्ट

CBS तकनीक किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में उपस्थित सभी मोबाइल उपभोक्ताओं — यहाँ तक कि रोमिंग उपयोगकर्ताओं तक भी — एक साथ संदेश पहुँचाने में सक्षम है। यह 2G, 3G, 4G और 5G सभी नेटवर्क पर काम करती है और नेटवर्क पर अधिक दबाव की स्थिति में भी सक्रिय रहती है, जो इसे पारंपरिक SMS अलर्ट से अधिक विश्वसनीय बनाता है।

अलर्ट मोबाइल स्क्रीन पर पॉप-अप नोटिफिकेशन के रूप में दिखाई देंगे, साथ में लगभग 30 सेकंड तक तेज अलार्म और कंपन (वाइब्रेशन) होगा। जिन उपकरणों में सुविधा उपलब्ध होगी, वे संदेश को आवाज़ में भी पढ़कर सुनाएंगे। यह प्रणाली बहुभाषी चेतावनी संदेश प्रसारित करने में भी सक्षम है।

किन आपदाओं के लिए जारी होंगे अलर्ट

ASDMA अधिकारियों के अनुसार, ये अलर्ट केवल अधिकृत सरकारी एजेंसियों द्वारा वास्तविक आपात स्थितियों में जारी किए जाएंगे। इनमें भीषण तूफान, भारी बारिश, बिजली गिरना, चक्रवात, बाढ़, फ्लैश फ्लड, गैस रिसाव और अन्य प्राकृतिक व मानव-जनित आपदाएं शामिल हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब असम हर वर्ष मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आता है, जिसमें बड़ी संख्या में जनहानि और संपत्ति का नुकसान होता है। समय पर चेतावनी मिलने से निकासी और राहत कार्यों में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।

आम जनता के लिए ज़रूरी जानकारी

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि CBS अलर्ट मिलने पर घबराएं नहीं। ये संदेश पूरी तरह आधिकारिक होंगे और केवल जन-सुरक्षा के उद्देश्य से जारी किए जाएंगे। कार्यान्वयन के शुरुआती चरण में परीक्षण संदेश भी प्राप्त हो सकते हैं, जिनकी पूर्व सूचना दी जाएगी।

आगे चलकर यह प्रणाली असम के आपदा प्रबंधन ढाँचे की आधारशिला बन सकती है — विशेष रूप से उन दूरदराज़ के इलाकों में जहाँ पारंपरिक संचार माध्यम आपदा के समय विफल हो जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली परीक्षा तब होगी जब अगली बाढ़ आएगी। राज्य में हर साल मानसून के दौरान दर्जनों जिले जलमग्न होते हैं और संचार व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है — ऐसे में यह प्रणाली उन दूरदराज़ के इलाकों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुँचती है, यह देखना होगा जहाँ नेटवर्क कवरेज पहले से ही कमज़ोर है। बहुभाषी अलर्ट की क्षमता सराहनीय है, पर जब तक स्थानीय भाषाओं — असमिया, बोडो, बंगाली — में सटीक और समयबद्ध संदेश नहीं जाते, तब तक यह महज़ एक तकनीकी उपकरण बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) क्या है?
CBS एक स्वदेशी सार्वजनिक चेतावनी प्रणाली है जो किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं को एक साथ आपातकालीन संदेश भेज सकती है। इसे C-DOT ने NDMA और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया है और असम में ASDMA इसे लागू कर रहा है।
CBS अलर्ट मोबाइल पर कैसे दिखेगा?
अलर्ट मोबाइल स्क्रीन पर पॉप-अप नोटिफिकेशन के रूप में आएगा, साथ में लगभग 30 सेकंड तक तेज अलार्म और कंपन होगा। जिन उपकरणों में सुविधा होगी, वे संदेश को आवाज़ में भी पढ़कर सुनाएंगे।
CBS अलर्ट किन आपदाओं के लिए जारी किए जाएंगे?
भीषण तूफान, भारी बारिश, बिजली गिरना, चक्रवात, बाढ़, फ्लैश फ्लड और गैस रिसाव जैसी स्थितियों में ये अलर्ट जारी किए जाएंगे। केवल अधिकृत सरकारी एजेंसियाँ ही वास्तविक आपात स्थितियों में इन्हें भेज सकेंगी।
क्या CBS अलर्ट पुराने 2G फोन पर भी काम करेगा?
हाँ, यह प्रणाली 2G, 3G, 4G और 5G — सभी नेटवर्क पर काम करती है। रोमिंग उपयोगकर्ताओं तक भी यह पहुँच सकती है और नेटवर्क पर अधिक दबाव की स्थिति में भी सक्रिय रहती है।
असम में CBS पहले क्यों लागू नहीं हुआ?
भारत सरकार ने 2 मई को देशव्यापी परीक्षण के बाद CBS लागू करने की अनुमति दी थी, लेकिन उस समय असम में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण राज्य को परीक्षण प्रक्रिया से बाहर रखा गया था। चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब केंद्र के निर्देशों पर इसे लागू किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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