गृह मंत्री अमित शाह करेंगे राष्ट्रव्यापी मोबाइल आपदा चेतावनी प्रणाली 'सचेत' का शुभारंभ, 134 अरब SMS अलर्ट पहले ही भेजे जा चुके
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार, 3 मई 2025 को एक राष्ट्रव्यापी मोबाइल-आधारित आपदा संचार प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ करेंगे, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों तक चेतावनियाँ तेज़ और अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है। इस प्रणाली को दूरसंचार विभाग (DoT) ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से विकसित किया है।
क्या है 'सचेत' प्रणाली
इस पहल का केंद्रीय आधार एकीकृत चेतावनी प्रणाली 'सचेत' है, जिसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले ही लागू किया जा चुका है। इस प्लेटफॉर्म को दूरसंचार विकास केंद्र (C-DOT) ने विकसित किया है। यह प्रणाली मोबाइल उपयोगकर्ताओं को भौगोलिक रूप से लक्षित SMS अलर्ट के माध्यम से चेतावनियाँ देती है और अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) द्वारा अनुशंसित कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) का पालन करती है।
अब तक का प्रदर्शन
आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा इस प्रणाली का देशभर में व्यापक उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में 134 अरब से अधिक SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इनमें प्राकृतिक आपदाओं, चरम मौसम चेतावनियों और चक्रवाती घटनाओं से संबंधित संदेश शामिल हैं। यह आँकड़ा प्रौद्योगिकी-आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक की भूमिका
भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने, अचानक बाढ़ और औद्योगिक खतरों जैसी गंभीर स्थितियों में अलर्ट की गति और पहुँच को और मज़बूत करने के लिए, सरकार ने मौजूदा SMS-आधारित प्रणाली के साथ-साथ सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक भी शुरू की है। परंपरागत मैसेजिंग के विपरीत, यह तकनीक एक निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र के भीतर सभी मोबाइल उपकरणों पर एक साथ अलर्ट भेजने में सक्षम है — यहाँ तक कि नेटवर्क व्यस्तता के दौरान भी लगभग तत्काल डिलीवरी सुनिश्चित होती है। अधिकारियों के अनुसार, SMS और CB प्रणाली के एकीकरण से भारत का आपातकालीन संचार ढाँचा अधिक मज़बूत और वास्तविक समय में सुलभ बनेगा।
देशव्यापी परीक्षण और जनता के लिए सलाह
इस योजना के तहत देशव्यापी परीक्षण भी किया जाएगा, जिसके दौरान दिल्ली-NCR सहित प्रमुख शहरों में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अंग्रेज़ी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षण संदेश प्राप्त हो सकते हैं। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये केवल परीक्षण चेतावनियाँ हैं और जनता से किसी प्रकार की कार्रवाई की अपेक्षा नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से ऐसे संदेश मिलने पर घबराने से बचने की अपील की है। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत में मानसून-पूर्व मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति को देखते हुए त्वरित चेतावनी प्रणालियों की माँग तेज़ी से बढ़ी है।