20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

असम बाढ़: 16 जिलों में 5.6 लाख प्रभावित, 21 मौतें; दूरसंचार विभाग ने ICR सुविधा लागू की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
असम बाढ़: 16 जिलों में 5.6 लाख प्रभावित, 21 मौतें; दूरसंचार विभाग ने ICR सुविधा लागू की

सारांश

असम में बाढ़ ने 16 जिलों में 5.6 लाख लोगों को चपेट में ले लिया है और 24 घंटे में 21 जानें गई हैं। केंद्र ने आपातकालीन ICR सुविधा लागू की और सेना ने 'ऑपरेशन जल राहत-3' के तहत 150 लोगों को बचाया — लेकिन संकट अभी थमा नहीं है।

मुख्य बातें

दूरसंचार विभाग ने 22 जुलाई को चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट में आपातकालीन ICR (इंट्रा सर्किल रोमिंग) सुविधा सक्रिय की।
पिछले 24 घंटों में असम बाढ़ में 21 लोगों की मौत ; सर्वाधिक 13 मौतें शिवसागर में।
16 जिलों में करीब 5.6 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित।
भारतीय सेना के 'ऑपरेशन जल राहत-3' के तहत अब तक 150 लोग — 73 पुरुष, 47 महिलाएँ, 30 बच्चे — सुरक्षित निकाले गए।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बुधवार को प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने 22 जुलाई को असम के बाढ़ प्रभावित जिलों में मोबाइल कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए आपातकालीन आधार पर इंट्रा सर्किल रोमिंग (ICR) सुविधा सक्रिय की है। इस कदम से विभिन्न टेलीकॉम ऑपरेटरों के ग्राहक एक-दूसरे के उपलब्ध नेटवर्क का उपयोग कर सकेंगे, जिससे आपदा के बीच राहत एवं बचाव संचार सुगम होगा। इसी बीच पिछले 24 घंटों में बाढ़ से 21 लोगों की मौत हो चुकी है और 16 जिलों में करीब 5.6 लाख लोग प्रभावित हैं।

ICR सुविधा: कहाँ और कैसे काम करेगी

दूरसंचार विभाग ने फिलहाल चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में ICR सक्रिय की है। इस व्यवस्था के तहत यदि किसी उपयोगकर्ता के ऑपरेटर का नेटवर्क टॉवर क्षतिग्रस्त या अनुपलब्ध हो, तो वह स्वतः किसी अन्य उपलब्ध ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़ सकेगा। यह सुविधा आपदा-प्रबंधन टीमों, स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संचार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अहम है।

मुख्य घटनाक्रम: जिलेवार मौतों का ब्यौरा

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा देर रात जारी बुलेटिन के अनुसार, सर्वाधिक प्रभावित शिवसागर जिले में 13 लोगों की जान गई। इसके अतिरिक्त चराइदेव में 5, गोलाघाट में 2 और जोरहाट में 1 व्यक्ति की मृत्यु हुई। बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है और राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

सेना का 'ऑपरेशन जल राहत-3'

राज्य प्रशासन के अनुरोध पर भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन जल राहत-3' शुरू किया है। सेना अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 150 लोगों को सुरक्षित निकाल चुकी है — इनमें 73 पुरुष, 47 महिलाएँ और 30 बच्चे शामिल हैं। बचाव अभियान में इंजीनियर टास्क फोर्स की सहायता ली जा रही है और विशेष दल निकासी, बचाव तथा मानवीय सहायता कार्यों में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बुधवार को चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और बाढ़ की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब प्रशासन पर राहत वितरण और संचार व्यवस्था को तेज़ करने का दबाव बढ़ रहा है।

आगे क्या

गौरतलब है कि असम हर वर्ष मानसून में विनाशकारी बाढ़ का सामना करता है, परंतु इस बार शिवसागर जैसे ऊपरी असम के जिलों में एकसाथ इतनी मौतें चिंताजनक हैं। ICR जैसी आपातकालीन दूरसंचार व्यवस्था और सेना की सक्रिय भागीदारी राहत में सहायक है, लेकिन प्रभावित लोगों तक खाद्य सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुँचाना अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पहले अपेक्षाकृत कम प्रभावित रहते थे, इस बार 13 मौतें क्यों हुईं — यह जलवायु पैटर्न में बदलाव का संकेत हो सकता है। 'ऑपरेशन जल राहत' का यह तीसरा संस्करण है, जो बताता है कि सेना की भागीदारी अब असाधारण नहीं, बल्कि वार्षिक अनिवार्यता बन चुकी है — और यह नीति-निर्माताओं के लिए गंभीर चेतावनी है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में ICR सुविधा क्या है और यह कैसे काम करती है?
ICR यानी इंट्रा सर्किल रोमिंग एक आपातकालीन दूरसंचार व्यवस्था है जिसके तहत किसी एक ऑपरेटर का नेटवर्क उपलब्ध न होने पर उपयोगकर्ता स्वतः किसी अन्य ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़ सकता है। दूरसंचार विभाग ने बाढ़ की स्थिति में यह सुविधा चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट में सक्रिय की है।
असम बाढ़ 2025 में अब तक कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 16 जिलों में करीब 5.6 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। पिछले 24 घंटों में 21 लोगों की मौत हुई है, जिनमें सर्वाधिक 13 मौतें शिवसागर जिले में दर्ज की गई हैं।
'ऑपरेशन जल राहत-3' क्या है?
यह भारतीय सेना का असम में बाढ़ राहत अभियान है, जो राज्य प्रशासन के अनुरोध पर शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत अब तक 150 लोगों को — जिनमें 73 पुरुष, 47 महिलाएँ और 30 बच्चे शामिल हैं — सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बाढ़ की स्थिति का जायजा कब लेंगे?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बुधवार को चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य बाढ़ की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करना और राहत कार्यों की समीक्षा करना है।
असम में बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिले कौन-से हैं?
ASDMA के बुलेटिन के अनुसार शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहाँ 24 घंटों में 13 मौतें हुईं। चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट भी बुरी तरह प्रभावित हैं और ICR सुविधा इन्हीं जिलों में प्राथमिकता से लागू की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले