असम पुलिस में 20,000 नई भर्तियाँ और 5,000 प्रमोशन: CM हिमंत सरमा का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 3 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दो दिवसीय सम्मेलन के बाद राज्य की पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार की घोषणा की — जिसमें 15,000 से 20,000 नए कर्मचारियों की भर्ती और लगभग 5,000 मौजूदा पुलिसकर्मियों को पदोन्नति देने का संकल्प शामिल है। सरमा ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इन निर्णयों को छह महीने के भीतर लागू किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पुलिस नेतृत्व को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में असम की सुरक्षा व्यवस्था न चरमराए। उन्होंने दो नई पुलिस बटालियन गठित करने की भी घोषणा की — एक आपदा प्रबंधन के लिए और दूसरी ऑयल इंडिया तथा ओएनजीसी के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए।
गौरतलब है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हुआ जब राज्य में नशा तस्करी और संगठित आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने की माँग तेज हो रही है। सरमा ने एक महीने के भीतर एक समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की, जो ड्रग तस्करी के साथ-साथ आर्थिक अपराधों की भी जाँच करेगी।
दोषसिद्धि दर में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि असम पुलिस की दोषसिद्धि दर 2020 में लगभग 8 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 29.30 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय समय पर चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया को दिया। सरकार का अगला लक्ष्य इस दर को 35 प्रतिशत तक पहुँचाना है।
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर कई राज्यों की दोषसिद्धि दर 20 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है, जिससे असम का यह आँकड़ा अपेक्षाकृत उल्लेखनीय है।
आधारभूत सुविधाओं का विस्तार
पुलिसकर्मियों के आवास की गंभीर कमी को दूर करने के लिए सरकार ने मौजूदा 10,000 घरों की संख्या बढ़ाकर 30,000 करने का इरादा जताया है — यह कदम राज्य के लगभग 90,000 पुलिसकर्मियों की आवासीय जरूरतों को देखते हुए उठाया जा रहा है।
लचित बरफुकन पुलिस अकादमी को भी अपग्रेड किया जाएगा ताकि उसे राष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिल सके। सरमा ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए यह अकादमी नए सिरे से तैयार की जाएगी।
ड्रग तस्करी पर सख्त कार्रवाई
प्रस्तावित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ड्रग डीलरों के खिलाफ कड़ी सजा की माँग करेगी और नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्यवाही शुरू करेगी। यह फोर्स आर्थिक अपराधों की जाँच का दायित्व भी संभालेगी।
आगे क्या
सरमा ने बताया कि सम्मेलन में लिए गए सभी फैसलों को छह महीने के भीतर लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस अधीक्षकों का अगला सम्मेलन फरवरी में बोंगाईगांव में आयोजित होगा, जहाँ इन सुधारों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।