15 अगस्त 2026
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सुखबीर बादल ने गुरुद्वारे पर हमले के बाद कहा: हमलावरों को माफ किया, गुरु कृपा से घृणा मुक्त हूं

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सुखबीर बादल ने गुरुद्वारे पर हमले के बाद कहा: हमलावरों को माफ किया, गुरु कृपा से घृणा मुक्त हूं

सारांश

गुरुद्वारे में दूसरे हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल ने क्षमा का रास्ता चुना — गुरबाणी के आदर्श का हवाला देते हुए कहा कि घृणा के लिए मन में कोई जगह नहीं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें बचाने वाले पुलिस अधिकारी की खुलकर तारीफ की।

मुख्य बातें

सुखबीर सिंह बादल पर दसवें पातशाह के पवित्र स्थान पर गुरुद्वारे की पवित्रता भंग करने का प्रयास किया गया।
बादल ने 14 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट में हमलावरों को माफ करने और मन को घृणा से मुक्त रखने की बात कही।
उन्होंने गुरबाणी का आदर्श 'भाई काहू काऊ देत नेह' उद्धृत कर सेवा और विनम्रता का संकल्प दोहराया।
इससे पूर्व श्री गुरु रामदास जी के पवित्र स्थान पर भी उन पर जानलेवा हमला हो चुका है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीआई संतोष केंद्र की हिम्मत और कर्तव्यनिष्ठा की एक्स पर सराहना की।

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने 14 अगस्त को एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए गुरुद्वारे में हुए ताज़ा हमले के बाद अपनी प्रतिक्रिया सार्वजनिक की। उन्होंने कहा कि दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह महाराज की कृपा से उनका मन किसी भी घृणा की भावना से मुक्त है और उन्होंने हमलावरों को माफ कर दिया है।

बादल का बयान: क्षमा और सेवा का संकल्प

बादल ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मैं रोम-रोम पंत श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का ऋणी हूं, जिन्होंने मेरे जीवन में हर परीक्षा के दौरान अपना आश्रय दिया।' उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व श्री गुरु रामदास जी के पवित्र स्थान पर उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें गुरु महाराज की कृपा से वे बच गए।

इस बार दसवें पातशाह के पवित्र स्थान पर पुनः गुरुद्वारे की पवित्रता भंग करने का प्रयास किया गया। बादल ने कहा कि एक बार फिर गुरु साहिब ने दया दिखाई और वे सुरक्षित रहे।

क्षमा का आदर्श: 'भाई काहू काऊ देत नेह'

बादल ने स्पष्ट किया कि उनका मन केवल विनम्रता और सेवा में डूबा हुआ है। उन्होंने गुरबाणी के आदर्श 'भाई काहू काऊ देत नेह, नेह बेह मानत आन' का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इसी सिद्धांत पर जीएंगे। उन्होंने कहा, 'अकाल पुरख और गुरु महाराज के डर में, गुरु की कृपा की छाया में, मैं सेवा के लिए समर्पित था और रहूंगा।'

पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार

शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों का आभार जताते हुए बादल ने कहा कि उनके जीवन का हर पल समुदाय से मिले प्रेम और आशीर्वाद का ऋण चुकाने के लिए समर्पित है। उन्होंने प्रार्थना की कि गुरु साहिब सभी के सिर पर दया का हाथ बनाए रखें।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारी की सराहना की

इस घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर उस समय ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी पीआई संतोष केंद्र की सराहना की। फडणवीस ने लिखा, 'एसपीयू ड्यूटी के दौरान हमले के समय पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा के लिए तुरंत आगे आने वाले पीआई संतोष केंद्र की हिम्मत, सूझ-बूझ और कर्तव्य-निष्ठा वाकई तारीफ के काबिल है।'

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अपनी जान जोखिम में डालकर की गई पीआई संतोष केंद्र की यह त्वरित कार्रवाई महाराष्ट्र पुलिस की हिम्मत और कर्तव्य के प्रति समर्पण की गौरवशाली परंपरा को दर्शाती है। उन्होंने लिखा, 'बहुत बढ़िया! ऐसे ही करते रहिए, पीआई संतोष केंद्र।'

आगे क्या

यह घटना ऐसे समय में आई है जब सुखबीर सिंह बादल पहले भी एक जानलेवा हमले का सामना कर चुके हैं। गुरुद्वारे की पवित्रता भंग करने की इस घटना की जाँच जारी बताई जा रही है। बादल ने संकेत दिया है कि वे इस घटना के बावजूद सेवा और सिख आदर्शों के मार्ग पर अडिग रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दोनों बार धार्मिक स्थलों पर हुआ, जो इस हिंसा के पैटर्न को और गंभीर बनाता है। क्षमा का सार्वजनिक प्रदर्शन सिख आदर्शों के अनुरूप है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि सुरक्षा व्यवस्था में बार-बार चूक क्यों हो रही है। महाराष्ट्र पुलिस की व्यक्तिगत बहादुरी की तारीफ उचित है, पर संस्थागत सुरक्षा विफलता पर जवाबदेही की माँग अभी भी अनुत्तरित है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखबीर सिंह बादल पर गुरुद्वारे में क्या हुआ?
दसवें पातशाह के पवित्र स्थान पर कुछ लोगों ने गुरुद्वारे की पवित्रता भंग करने का प्रयास किया, जिसे सुखबीर बादल ने 'घृणित मन का कोढ़ा कर्म' बताया। वे इस घटना में सुरक्षित रहे।
सुखबीर बादल ने हमलावरों के बारे में क्या कहा?
बादल ने कहा कि गुरु साहिब के आशीर्वाद से उनका मन किसी भी घृणा की भावना से मुक्त है और उन्होंने हमलावरों को माफ कर दिया है। उन्होंने गुरबाणी के आदर्श 'भाई काहू काऊ देत नेह' का हवाला दिया।
क्या सुखबीर बादल पर पहले भी हमला हो चुका है?
हाँ, बादल ने खुद बताया कि इससे पहले श्री गुरु रामदास जी के पवित्र स्थान पर उन पर जानलेवा हमला हो चुका है, जिसमें वे गुरु महाराज की कृपा से बच गए थे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट कर पुलिस अधिकारी पीआई संतोष केंद्र की सराहना की, जिन्होंने हमले के समय अपनी जान जोखिम में डालकर बादल की सुरक्षा की। उन्होंने इसे महाराष्ट्र पुलिस की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बताया।
सुखबीर सिंह बादल कौन हैं?
सुखबीर सिंह बादल शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री हैं। वे पंजाब की राजनीति में एक प्रमुख सिख नेता के रूप में जाने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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