सुखबीर बादल ने गुरुद्वारे पर हमले के बाद कहा: हमलावरों को माफ किया, गुरु कृपा से घृणा मुक्त हूं
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने 14 अगस्त को एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए गुरुद्वारे में हुए ताज़ा हमले के बाद अपनी प्रतिक्रिया सार्वजनिक की। उन्होंने कहा कि दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह महाराज की कृपा से उनका मन किसी भी घृणा की भावना से मुक्त है और उन्होंने हमलावरों को माफ कर दिया है।
बादल का बयान: क्षमा और सेवा का संकल्प
बादल ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मैं रोम-रोम पंत श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का ऋणी हूं, जिन्होंने मेरे जीवन में हर परीक्षा के दौरान अपना आश्रय दिया।' उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व श्री गुरु रामदास जी के पवित्र स्थान पर उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें गुरु महाराज की कृपा से वे बच गए।
इस बार दसवें पातशाह के पवित्र स्थान पर पुनः गुरुद्वारे की पवित्रता भंग करने का प्रयास किया गया। बादल ने कहा कि एक बार फिर गुरु साहिब ने दया दिखाई और वे सुरक्षित रहे।
क्षमा का आदर्श: 'भाई काहू काऊ देत नेह'
बादल ने स्पष्ट किया कि उनका मन केवल विनम्रता और सेवा में डूबा हुआ है। उन्होंने गुरबाणी के आदर्श 'भाई काहू काऊ देत नेह, नेह बेह मानत आन' का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इसी सिद्धांत पर जीएंगे। उन्होंने कहा, 'अकाल पुरख और गुरु महाराज के डर में, गुरु की कृपा की छाया में, मैं सेवा के लिए समर्पित था और रहूंगा।'
पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार
शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों का आभार जताते हुए बादल ने कहा कि उनके जीवन का हर पल समुदाय से मिले प्रेम और आशीर्वाद का ऋण चुकाने के लिए समर्पित है। उन्होंने प्रार्थना की कि गुरु साहिब सभी के सिर पर दया का हाथ बनाए रखें।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारी की सराहना की
इस घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर उस समय ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी पीआई संतोष केंद्र की सराहना की। फडणवीस ने लिखा, 'एसपीयू ड्यूटी के दौरान हमले के समय पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा के लिए तुरंत आगे आने वाले पीआई संतोष केंद्र की हिम्मत, सूझ-बूझ और कर्तव्य-निष्ठा वाकई तारीफ के काबिल है।'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अपनी जान जोखिम में डालकर की गई पीआई संतोष केंद्र की यह त्वरित कार्रवाई महाराष्ट्र पुलिस की हिम्मत और कर्तव्य के प्रति समर्पण की गौरवशाली परंपरा को दर्शाती है। उन्होंने लिखा, 'बहुत बढ़िया! ऐसे ही करते रहिए, पीआई संतोष केंद्र।'
आगे क्या
यह घटना ऐसे समय में आई है जब सुखबीर सिंह बादल पहले भी एक जानलेवा हमले का सामना कर चुके हैं। गुरुद्वारे की पवित्रता भंग करने की इस घटना की जाँच जारी बताई जा रही है। बादल ने संकेत दिया है कि वे इस घटना के बावजूद सेवा और सिख आदर्शों के मार्ग पर अडिग रहेंगे।