फीफा वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड ने मेक्सिको को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, बेलिंगहम के 2 गोल
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड ने 6 जुलाई को रोमांचक मुकाबले में मेक्सिको को 3-2 से पराजित कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। जूड बेलिंगहम की जोड़ीदार स्ट्राइक और कप्तान हैरी केन के पेनल्टी गोल ने इंग्लैंड को जीत दिलाई, जबकि मेक्सिको का विश्व कप अभियान यहीं समाप्त हो गया।
मैच का घटनाक्रम
खराब मौसम के कारण देरी से शुरू हुए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक फुटबॉल खेली। 36वें मिनट में बेलिंगहम ने इंग्लैंड को पहली बढ़त दिलाई और महज 98 सेकंड बाद — 38वें मिनट में — उन्होंने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। मेक्सिको ने 42वें मिनट में क्विनोन्स के गोल से वापसी की, लेकिन पहला हाफ इंग्लैंड की 2-1 की बढ़त के साथ समाप्त हुआ।
रेड कार्ड और पेनल्टी का नाटकीय दूसरा हाफ
दूसरे हाफ की शुरुआत में इंग्लैंड को बड़ा झटका लगा। जारेल क्वान्सा को जीसस गैलार्डो को गलत तरीके से चैलेंज करने पर रेफरी ने रेड कार्ड दिखाया। इस तरह क्वान्सा फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में रेड कार्ड पाने वाले चौथे इंग्लिश खिलाड़ी बन गए और इंग्लैंड को शेष मुकाबला 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
60वें मिनट में मेक्सिको के गोलकीपर राउल रेंजेल ने पेनल्टी बॉक्स में एंथनी गॉर्डन को गिरा दिया, जिससे इंग्लैंड को पेनल्टी मिली। कप्तान हैरी केन ने इसे गोल में बदलकर इस विश्व कप में अपना छठा गोल किया और टीम की बढ़त 3-1 हो गई।
69वें मिनट में केन पर ब्रायन गुटिरेज को रोकने के प्रयास में फाउल का आरोप लगा। वीएआर जांच के बाद मेक्सिको को पेनल्टी दी गई, जिसे राउल जिमिनेज ने गोल में तब्दील किया और स्कोर 3-2 हो गया।
इंग्लैंड का डिफेंस और पिकफोर्ड की भूमिका
बराबरी के लिए बेताब मेक्सिको ने अंतिम 20 मिनटों में जोरदार दबाव बनाया, लेकिन इंग्लैंड के डिफेंस ने मोर्चा संभाले रखा। गोलकीपर पिकफोर्ड ने मैच के अंतिम क्षणों में कई शानदार बचाव कर इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित की। यह जीत इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि इंग्लैंड ने अंतिम 30 मिनट 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए लीड बरकरार रखी।
आगे क्या
इंग्लैंड का अगला मुकाबला 12 जुलाई को नॉर्वे से क्वार्टर फाइनल में होगा। वहीं, हैरी केन के 6 गोल के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर की दौड़ में बने रहने से इंग्लैंड की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।