20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रणवीर सिंह-'डॉन 3' विवाद: FWICE ने असहयोग का फैसला लिया वापस, IMPAA-गिल्ड की मध्यस्थता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रणवीर सिंह-'डॉन 3' विवाद: FWICE ने असहयोग का फैसला लिया वापस, IMPAA-गिल्ड की मध्यस्थता

सारांश

रणवीर सिंह और 'डॉन 3' विवाद में FWICE ने यू-टर्न लिया है। IMPAA अध्यक्ष अभय सिन्हा, प्रोड्यूसर्स गिल्ड और CINTAA की मध्यस्थता के बाद असहयोग निर्देश वापस ले लिया गया। अशोक पंडित ने रणवीर से संवाद की अपील की, जबकि उपासना सिंह ने इसे पूरी इंडस्ट्री-परिवार का मसला बताया।

मुख्य बातें

FWICE ने रणवीर सिंह के विरुद्ध जारी असहयोग निर्देश वापस लेने का निर्णय लिया।
यह फैसला IMPAA , CINTAA और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से चर्चा के बाद लिया गया।
मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने 3 जून को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि की।
IMPAA अध्यक्ष अभय सिन्हा ने विवाद-समाधान में सक्रिय भूमिका का लिखित आश्वासन दिया।
CINTAA की उपासना सिंह ने कलाकारों और तकनीशियनों — दोनों के हितों की रक्षा पर ज़ोर दिया।
FWICE ने रणवीर सिंह से आगे आकर संवाद करने की औपचारिक अपील की।

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म 'डॉन 3' से जुड़े विवाद में बड़ा मोड़ आया है। फिल्म कर्मचारियों और तकनीशियनों के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर के विरुद्ध जारी असहयोग (नॉन-कोऑपरेशन) निर्देश वापस लेने का निर्णय लिया है। यह घोषणा 3 जून को मुंबई में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के मुख्य सलाहकार और फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने की।

मुख्य घटनाक्रम

अशोक पंडित के अनुसार, यह फैसला इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPAA), सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया जैसे प्रमुख निकायों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री का साझा मुद्दा है, जिसका समाधान आपसी संवाद से ही संभव है।

निर्माता संगठनों की मध्यस्थता

FWICE ने असहयोग का निर्णय लेने के बाद निर्माता संगठनों को औपचारिक पत्र भेजकर हस्तक्षेप का अनुरोध किया था। इसके बाद IMPAA के अध्यक्ष अभय सिन्हा के साथ विस्तृत बैठक हुई, जिसमें IMPAA ने आश्वासन दिया कि यदि असहयोग वापस लिया जाता है तो वे विवाद-समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। संगठन की ओर से इस आशय का लिखित पत्र भी भेजा गया। बाद में प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी इसी रुख का समर्थन किया।

इंडस्ट्री की चिंताएँ

अशोक पंडित ने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट को अंतिम क्षण में छोड़ देना फिल्म उद्योग के लिए स्वस्थ परंपरा नहीं है, क्योंकि इससे निर्माताओं, तकनीशियनों और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने विश्वास और पारदर्शिता बनाए रखने पर ज़ोर दिया और रणवीर सिंह से आगे आकर संवाद करने की अपील की। उनके अनुसार रणवीर जैसे कलाकार दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाते हैं और इंडस्ट्री की सफलता में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

CINTAA का पक्ष

CINTAA की प्रतिनिधि और अभिनेत्री उपासना सिंह ने कहा कि कलाकारों के हितों की रक्षा करना उनके संगठन की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को एक परिवार बताते हुए कहा कि मतभेद होना स्वाभाविक है, परंतु उनका समाधान बातचीत से ही निकलना चाहिए। उपासना ने रणवीर सिंह की सराहना करते हुए याद दिलाया कि एक फिल्म के पीछे केवल अभिनेता, निर्देशक या निर्माता नहीं, बल्कि स्पॉट बॉय, लाइटमैन, कैमरामैन सहित सैकड़ों परिवारों की मेहनत जुड़ी होती है।

क्या होगा आगे

अब निगाहें इस बात पर हैं कि रणवीर सिंह और 'डॉन 3' के निर्माताओं की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया कब आती है। FWICE ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रमुख संगठन एक मंच पर आ चुके हैं, ऐसे में विवाद का सर्वमान्य हल निकलना तय है। आने वाले दिनों में संयुक्त बैठक के संकेत मिल रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या हर बार प्रेस कॉन्फ्रेंस के सहारे चलती रहेगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग का फैसला क्यों वापस लिया?
FWICE ने यह फैसला IMPAA, CINTAA और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के साथ विस्तृत चर्चा के बाद वापस लिया, ताकि विवाद को आपसी संवाद से सुलझाया जा सके। संगठन का मानना है कि यह केवल एक कलाकार का नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री का मुद्दा है।
रणवीर सिंह और 'डॉन 3' से जुड़ा विवाद क्या है?
विवाद रणवीर सिंह की 'डॉन 3' से कथित दूरी और उससे जुड़े संगठनात्मक मतभेदों को लेकर है, जिसके चलते FWICE ने पहले उनके विरुद्ध असहयोग निर्देश जारी किया था। अब निर्माता संगठनों की मध्यस्थता के बाद यह निर्देश वापस लिया जा रहा है।
इस फैसले में IMPAA और प्रोड्यूसर्स गिल्ड की क्या भूमिका रही?
IMPAA अध्यक्ष अभय सिन्हा ने FWICE को लिखित आश्वासन दिया कि यदि असहयोग वापस लिया जाता है तो वे विवाद-समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। बाद में प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी इसी रुख का समर्थन किया।
CINTAA ने इस मामले पर क्या कहा है?
CINTAA की प्रतिनिधि और अभिनेत्री उपासना सिंह ने कहा कि कलाकारों के हितों की रक्षा संस्था की ज़िम्मेदारी है और मतभेदों का समाधान बातचीत से ही निकलना चाहिए। उन्होंने रणवीर सिंह की सराहना करते हुए इंडस्ट्री को एक परिवार बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले