12 अगस्त 2026
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सीआईएनटीएए से इस्तीफा देने पर दीपक पाराशर बोले — 'सिर्फ दो लोगों को श्रेय, बाकी सदस्यों को नजरअंदाज किया गया'

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सीआईएनटीएए से इस्तीफा देने पर दीपक पाराशर बोले — 'सिर्फ दो लोगों को श्रेय, बाकी सदस्यों को नजरअंदाज किया गया'

सारांश

दीपक पाराशर का सीआईएनटीएए से इस्तीफा महज एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं — यह उस संगठन के भीतर उबलते प्रशासनिक संकट की परत उघाड़ता है जहाँ 50% से अधिक सदस्यों के इस्तीफे के बाद भी बैठकें जारी हैं, और श्रेय की राजनीति ने टीम को बाँट दिया है।

मुख्य बातें

अभिनेता दीपक पाराशर ने सीआईएनटीएए की कार्यकारी समिति के निर्वाचित सदस्य पद से इस्तीफा दिया।
उनका आरोप — 2024 से हुए कार्यों का श्रेय केवल एक-दो लोगों को दिया गया, जनरल सेक्रेटरी और ट्रेसर को नजरअंदाज किया गया।
पाराशर की उपस्थिति 39 रही — प्रेसिडेंट और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की अटेंडेंस 29 से अधिक नहीं थी।
लेबर कमिश्नर के पत्र के अनुसार 50% से अधिक सदस्यों के इस्तीफे से कमेटी संविधान के तहत भंग हो चुकी है।
पद्मिनी कोल्हापुरी को जनरल सेक्रेटरी बुलाए जाने और हेमंत पांडे की जगह बिना सहमति मिस्टर पिंटल की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए।

अभिनेता दीपक पाराशर ने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सीआईएनटीएए) की कार्यकारी समिति के निर्वाचित सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। 12 अगस्त 2026 को मुंबई में दिए एक विस्तृत बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ साल में संगठन के भीतर हुए कार्यों का श्रेय केवल एक या दो लोगों को दिया जा रहा है, जबकि जनरल सेक्रेटरी और ट्रेसर सहित अन्य पदाधिकारियों के योगदान को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।

इस्तीफे की वजह

पाराशर ने कहा, 'कोई भी संगठन टीम की तरह काम करता है। सीआईएनटीएए के भीतर सिर्फ एक या दो लोगों को ही आगे दिखाया जा रहा है — जैसे 2024 से अब तक जो कुछ भी हुआ, वो केवल उन्हीं की वजह से हुआ। यह सच नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रेसर के रूप में उनकी और जनरल सेक्रेटरी की उपस्थिति हर बैठक, हर इवेंट और हर फंक्शन में रही, लेकिन अचानक दोनों के नाम गायब कर दिए गए।

उपस्थिति और योगदान का ब्यौरा

पाराशर के अनुसार, कार्यकारी समिति में उनकी उपस्थिति सर्वाधिक रही — उनकी अटेंडेंस 39 दर्ज की गई, जबकि प्रेसिडेंट, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, जनरल सेक्रेटरी और अन्य ईसी सदस्यों की उपस्थिति 29 से अधिक नहीं रही। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेसर के तौर पर उन्होंने सीआईएनटीएए के हर सदस्य के एक-एक रुपये की बचत का प्रयास किया।

कमेटी भंग होने का विवाद

पाराशर ने बताया कि लेबर कमिश्नर ने एक पत्र भेजकर सूचित किया है कि 50 प्रतिशत से अधिक सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। संगठन के संविधान के अनुसार, ऐसी स्थिति में कमेटी स्वतः भंग हो जाती है। इसके बावजूद, कथित तौर पर एजीएम और बैठकें जारी रखी जा रही हैं, जिसे पाराशर ने प्रक्रियागत रूप से अनुचित बताया।

पद्मिनी कोल्हापुरी और हेमंत पांडे विवाद

पाराशर ने अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरी को जनरल सेक्रेटरी के रूप में संबोधित किए जाने पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या इसके लिए कोई चुनाव हुआ था। उन्होंने यह भी उजागर किया कि सीनियर ज्वाइंट सेक्रेटरी हेमंत पांडे की जगह बिना उनसे पूछे मिस्टर पिंटल को नियुक्त करने का ईमेल भेजा गया। पाराशर ने कहा, 'जब मुझे वो ईमेल मिली तो मैं हैरान रह गया। हेमंत पांडे ने अभिनेताओं के लिए बहुत काम किया है — उन्हें इस तरह नहीं हटाया जा सकता।'

आगे की स्थिति

कमेटी के भंग होने के बाद पाराशर ने स्पष्ट किया कि वे अब खुद को सीआईएनटीएए का जनरल सेक्रेटरी नहीं कहेंगे। इस विवाद ने फिल्म और टीवी उद्योग के सबसे पुराने कलाकार संगठनों में से एक के भीतर प्रशासनिक पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लेबर कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद सीआईएनटीएए किस दिशा में आगे बढ़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपक पाराशर ने सीआईएनटीएए से इस्तीफा क्यों दिया?
दीपक पाराशर ने आरोप लगाया कि डेढ़ साल के सामूहिक कार्य का श्रेय केवल एक-दो लोगों को दिया जा रहा है, जबकि जनरल सेक्रेटरी और ट्रेसर सहित अन्य पदाधिकारियों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इसे संगठन की टीम भावना के विरुद्ध बताते हुए इस्तीफा दिया।
सीआईएनटीएए की कार्यकारी समिति भंग क्यों हुई?
लेबर कमिश्नर के एक पत्र के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक सदस्यों के इस्तीफे के बाद संगठन के संविधान के तहत कमेटी स्वतः भंग हो जाती है। इसके बावजूद कथित तौर पर बैठकें और एजीएम जारी रखी गई, जिसे पाराशर ने प्रक्रियागत रूप से गलत बताया।
पद्मिनी कोल्हापुरी को लेकर दीपक पाराशर ने क्या सवाल उठाए?
पाराशर ने पूछा कि पद्मिनी कोल्हापुरी को जनरल सेक्रेटरी के रूप में संबोधित किया जा रहा है, जबकि इसके लिए कोई चुनाव नहीं हुआ। उन्होंने इस नियुक्ति की प्रक्रिया पर पारदर्शिता की माँग की।
हेमंत पांडे विवाद क्या है?
सीनियर ज्वाइंट सेक्रेटरी हेमंत पांडे की जगह मिस्टर पिंटल को नियुक्त करने का ईमेल बिना पांडे की सहमति लिए भेजा गया। पाराशर ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि पहले पांडे से पूछा जाना चाहिए था कि वे पद पर बने रहना चाहते हैं या नहीं।
सीआईएनटीएए क्या है और यह किसके अधीन काम करता है?
सीआईएनटीएए यानी सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन फिल्म और टेलीविजन कलाकारों का प्रमुख संगठन है। यह लेबर कमिश्नर के अधीन काम करता है, जबकि इससे जुड़ा ट्रस्ट चैरिटी कमिश्नर के अधीन आता है।
राष्ट्र प्रेस
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