13 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सिंटा में इस्तीफों के बाद फिर चुनाव; मुकेश ऋषि बोले — जहाँ मन न लगे, वो जगह छोड़ देनी चाहिए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सिंटा में इस्तीफों के बाद फिर चुनाव; मुकेश ऋषि बोले — जहाँ मन न लगे, वो जगह छोड़ देनी चाहिए

सारांश

सिंटा में बड़े पैमाने पर इस्तीफों और गुटबाजी ने संगठन को चुनाव की राह पर धकेल दिया। मुकेश ऋषि ने साफ कहा — जहाँ मन न लगे, वो जगह छोड़ देनी चाहिए। नई कमेटी के सामने पारदर्शिता और कलाकारों के हितों की रक्षा की दोहरी चुनौती है।

मुख्य बातें

सिंटा में अधिकांश कमेटी सदस्यों के इस्तीफे के बाद 12 सितंबर 2026 को मुंबई में दोबारा चुनाव आयोजित किए गए।
अभिनेता मुकेश ऋषि ने कहा — 'जहाँ मन न लगे, वो जगह छोड़ देनी चाहिए'; उन्होंने खुद भी पहले संगठन छोड़ा था।
अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने नई कमेटी से कलाकारों के भुगतान की सुरक्षा, महिला सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने की अपील की।
बिंदु दारा सिंह ने बताया कि गुटबाजी और आपसी लड़ाइयों के कारण संगठन की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई थी।
बिंदु दारा सिंह ने नई कमेटी से सिंटा का काम खुले और पारदर्शी तरीके से सामने रखने की माँग की।

सिने एंड टीवी आर्टिस्टिस असोसिएशन (सिंटा) में अंदरूनी कलह और बड़े पैमाने पर इस्तीफों के बाद 12 सितंबर 2026 को मुंबई में संगठन के नए नेतृत्व के लिए फिर से चुनाव कराए गए। मनोरंजन उद्योग की कई जानी-मानी हस्तियों ने इस चुनाव प्रक्रिया में भाग लिया और मतदान किया।

क्यों हुए दोबारा चुनाव

सिंटा की मौजूदा कमेटी के अधिकांश सदस्यों के एक साथ इस्तीफा देने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई। संगठन में गुटबाजी और आपसी टकराव इतना बढ़ गया था कि काम-काज लगभग ठप हो गया था। नए चुनाव इसी रिक्तता को भरने के लिए आयोजित किए गए।

अभिनेता बिंदु दारा सिंह ने इस स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा, 'पहले सिंटा का कार्यकाल दो साल का था, लेकिन हमने तीन साल कर दिया था। उस बीच कमेटी ने अच्छा काम किया था, लेकिन लड़ाइयाँ बहुत हो रही थीं। उसके चक्कर में ग्रुप बन गए थे, वे आपस में लड़ते थे। तो चीजें खराब हो गई थीं, जिस वजह से जाने का मन भी नहीं करता था।'

मुकेश ऋषि की प्रतिक्रिया

वरिष्ठ अभिनेता मुकेश ऋषि ने मतदान के बाद अपनी बात रखते हुए कहा, 'चुनाव होने थे क्योंकि ज्यादातर लोगों ने इस्तीफा दिया था। इसका दूसरा विकल्प यही था कि चुनाव हों — जिसे आना है और खड़ा होना है, उन्हें दूसरा मौका मिला है।' उन्होंने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जो भी जीते, वह सिंटा के लिए बेहतर काम करे।

ऋषि ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद भी किसी समय संगठन से नाता तोड़ा था। उन्होंने कहा, 'जहाँ मन न लगे, वो जगह छोड़ देनी चाहिए। मैं भी उनमें से हूँ — मुझे समझ में नहीं आ रहा था, तो मैंने छोड़ दिया था।' पूर्व पदाधिकारियों पद्मिनी और पूनम के इरादों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह वे ही जानें।

कलाकारों की प्राथमिकताएँ

अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने दोबारा मतदान की प्रक्रिया पर खुशी जताते हुए कहा, 'देखकर अच्छा लग रहा है कि वोट फिर से हो रहे हैं। उम्मीद है कि नई कमेटी अच्छा काम करेगी।' उन्होंने कलाकारों के लिए भुगतान की सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और समानता को नई कमेटी की प्राथमिकताओं में शामिल करने की अपेक्षा जताई।

गौरतलब है कि सिंटा टेलीविजन और फिल्म उद्योग में काम करने वाले हज़ारों कलाकारों का प्रतिनिधित्व करती है और इसके फैसले सीधे कलाकारों की कार्यस्थिति और अनुबंध-संबंधी सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।

पारदर्शिता की माँग

बिंदु दारा सिंह ने नए विजेताओं से अनुरोध किया कि सिंटा का काम पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाए। उन्होंने कहा, 'जो लोग जीतकर आएंगे, मैं उनसे रिक्वेस्ट करता हूँ कि सिंटा का काम खुले तौर पर सामने रखा जाए, जिससे लोगों को पता चले कि क्या हो रहा है।' यह बयान उन चिंताओं को उजागर करता है जो सदस्यों में संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर पहले से पनप रही थीं।

चुनाव परिणाम उसी शाम घोषित किए जाने थे। नई कमेटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी — आपसी विवादों को पीछे छोड़कर कलाकारों के हितों के लिए एकजुट होकर काम करना।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि ज़मीनी मुद्दे — अनुबंध-उल्लंघन, असमान भुगतान, महिला सुरक्षा — अनसुले रह जाते हैं। नए चुनाव समस्या का समाधान नहीं, बल्कि अस्थायी पट्टी हैं; असली परीक्षा यह है कि नई कमेटी क्या वैसी जवाबदेही प्रणाली स्थापित कर पाएगी जो बिंदु दारा सिंह ने माँगी। बिना संरचनात्मक पारदर्शिता के, यह चक्र फिर दोहराएगा।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंटा में दोबारा चुनाव क्यों हुए?
सिंटा की कमेटी के अधिकांश सदस्यों ने आंतरिक कलह और गुटबाजी के चलते इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद संगठन में नई कमेटी के गठन के लिए 12 सितंबर 2026 को दोबारा चुनाव कराए गए।
मुकेश ऋषि ने सिंटा चुनाव पर क्या कहा?
मुकेश ऋषि ने कहा कि इस्तीफों के बाद चुनाव ही एकमात्र विकल्प था और जो भी जीते, वह सिंटा के लिए बेहतर काम करे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जहाँ मन न लगे वो जगह छोड़ देनी चाहिए और उन्होंने खुद भी पहले संगठन छोड़ा था।
कुनिका सदानंद ने नई सिंटा कमेटी से क्या उम्मीद जताई?
कुनिका सदानंद ने उम्मीद जताई कि नई कमेटी कलाकारों के भुगतान की सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और कलाकारों को समानता दिलाने पर ध्यान देगी।
बिंदु दारा सिंह ने सिंटा की समस्याओं पर क्या कहा?
बिंदु दारा सिंह ने बताया कि कार्यकाल बढ़ाकर तीन साल करने के बावजूद गुटबाजी और आपसी लड़ाइयों ने कमेटी को नुकसान पहुँचाया। उन्होंने नई कमेटी से अनुरोध किया कि सिंटा का काम पारदर्शी और खुले तरीके से सामने रखा जाए।
सिंटा क्या है और यह कलाकारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
सिंटा यानी सिने एंड टीवी आर्टिस्टिस असोसिएशन, फिल्म और टेलीविजन उद्योग में काम करने वाले हज़ारों कलाकारों का प्रतिनिधि संगठन है। इसके फैसले कलाकारों के अनुबंध, भुगतान और कार्यस्थितियों को सीधे प्रभावित करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 15 घंटे पहले
  2. 15 घंटे पहले
  3. 18 घंटे पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले