सिंटा में इस्तीफों के बाद फिर चुनाव; मुकेश ऋषि बोले — जहाँ मन न लगे, वो जगह छोड़ देनी चाहिए
सारांश
मुख्य बातें
सिने एंड टीवी आर्टिस्टिस असोसिएशन (सिंटा) में अंदरूनी कलह और बड़े पैमाने पर इस्तीफों के बाद 12 सितंबर 2026 को मुंबई में संगठन के नए नेतृत्व के लिए फिर से चुनाव कराए गए। मनोरंजन उद्योग की कई जानी-मानी हस्तियों ने इस चुनाव प्रक्रिया में भाग लिया और मतदान किया।
क्यों हुए दोबारा चुनाव
सिंटा की मौजूदा कमेटी के अधिकांश सदस्यों के एक साथ इस्तीफा देने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई। संगठन में गुटबाजी और आपसी टकराव इतना बढ़ गया था कि काम-काज लगभग ठप हो गया था। नए चुनाव इसी रिक्तता को भरने के लिए आयोजित किए गए।
अभिनेता बिंदु दारा सिंह ने इस स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा, 'पहले सिंटा का कार्यकाल दो साल का था, लेकिन हमने तीन साल कर दिया था। उस बीच कमेटी ने अच्छा काम किया था, लेकिन लड़ाइयाँ बहुत हो रही थीं। उसके चक्कर में ग्रुप बन गए थे, वे आपस में लड़ते थे। तो चीजें खराब हो गई थीं, जिस वजह से जाने का मन भी नहीं करता था।'
मुकेश ऋषि की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ अभिनेता मुकेश ऋषि ने मतदान के बाद अपनी बात रखते हुए कहा, 'चुनाव होने थे क्योंकि ज्यादातर लोगों ने इस्तीफा दिया था। इसका दूसरा विकल्प यही था कि चुनाव हों — जिसे आना है और खड़ा होना है, उन्हें दूसरा मौका मिला है।' उन्होंने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जो भी जीते, वह सिंटा के लिए बेहतर काम करे।
ऋषि ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद भी किसी समय संगठन से नाता तोड़ा था। उन्होंने कहा, 'जहाँ मन न लगे, वो जगह छोड़ देनी चाहिए। मैं भी उनमें से हूँ — मुझे समझ में नहीं आ रहा था, तो मैंने छोड़ दिया था।' पूर्व पदाधिकारियों पद्मिनी और पूनम के इरादों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह वे ही जानें।
कलाकारों की प्राथमिकताएँ
अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने दोबारा मतदान की प्रक्रिया पर खुशी जताते हुए कहा, 'देखकर अच्छा लग रहा है कि वोट फिर से हो रहे हैं। उम्मीद है कि नई कमेटी अच्छा काम करेगी।' उन्होंने कलाकारों के लिए भुगतान की सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और समानता को नई कमेटी की प्राथमिकताओं में शामिल करने की अपेक्षा जताई।
गौरतलब है कि सिंटा टेलीविजन और फिल्म उद्योग में काम करने वाले हज़ारों कलाकारों का प्रतिनिधित्व करती है और इसके फैसले सीधे कलाकारों की कार्यस्थिति और अनुबंध-संबंधी सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
पारदर्शिता की माँग
बिंदु दारा सिंह ने नए विजेताओं से अनुरोध किया कि सिंटा का काम पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाए। उन्होंने कहा, 'जो लोग जीतकर आएंगे, मैं उनसे रिक्वेस्ट करता हूँ कि सिंटा का काम खुले तौर पर सामने रखा जाए, जिससे लोगों को पता चले कि क्या हो रहा है।' यह बयान उन चिंताओं को उजागर करता है जो सदस्यों में संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर पहले से पनप रही थीं।
चुनाव परिणाम उसी शाम घोषित किए जाने थे। नई कमेटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी — आपसी विवादों को पीछे छोड़कर कलाकारों के हितों के लिए एकजुट होकर काम करना।