सिंटा में इस्तीफों के बाद फिर से चुनाव; मुकेश ऋषि बोले — जहाँ मन न लगे, वो जगह छोड़ देनी चाहिए
सारांश
मुख्य बातें
सिने एंड टीवी आर्टिस्टिस असोसिएशन (सिंटा) में व्यापक आंतरिक कलह और बड़ी संख्या में सदस्यों के इस्तीफे के बाद शनिवार, 13 सितंबर 2026 को मुंबई में संस्था के दोबारा चुनाव आयोजित किए गए। मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने मतदान में हिस्सा लिया और नई कमेटी से संस्था को पटरी पर लाने की उम्मीद जताई।
क्यों हुए दोबारा चुनाव
सिंटा में हाल के महीनों में अंदरूनी गुटबाज़ी इस कदर बढ़ गई थी कि मौजूदा कमेटी के अधिकतर सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। बिंदु दारा सिंह ने बताया कि पहले सिंटा का कार्यकाल दो वर्ष का होता था, जिसे बाद में तीन साल कर दिया गया। उन्होंने कहा, 'उस बीच कमेटी ने अच्छा काम किया था, लेकिन लड़ाइयाँ बहुत हो रही थीं। उसके चक्कर में ग्रुप बन गए थे, वे आपस में लड़ते थे। तो चीजें खराब हो गई थीं, जिस वजह से जाने का मन भी नहीं करता था।'
इस्तीफों के कारण उत्पन्न हुई रिक्तता को भरने के लिए तत्काल नए चुनाव कराना अनिवार्य हो गया।
मुकेश ऋषि का बयान
अभिनेता मुकेश ऋषि ने मतदान के बाद कहा, 'इलेक्शन होने थे क्योंकि ज़्यादातर लोगों ने रिजाइन किया था। उसका दूसरा विकल्प यह है कि चुनाव हों, जिसे आना है और खड़ा होना है — उन्हें दूसरा मौका मिला है। उसी वोटिंग के लिए मैं आया था और अपने सभी दोस्तों को शुभकामनाएँ दीं।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं तो बस यही कहूँगा कि जहाँ मन न लगे, वो जगह छोड़ देनी चाहिए। मैं भी उनमें से हूँ — मुझे समझ में नहीं आ रहा था, तो मैंने छोड़ दिया था। अब वो (पद्मिनी और पूनम) क्या सोच रही हैं, क्या करना चाहती हैं, ये वो ही जानें।'
कुनिका सदानंद की माँगें
अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने मतदान में हिस्सा लेने के बाद कहा, 'देखकर मुझे खुशी हो रही है कि वोट फिर से हो रहे हैं। उम्मीद करती हूँ कि जो नई कमेटी चुनकर आएगी, वो अच्छा काम करेगी।' उन्होंने नई कमेटी के सामने प्राथमिकताएँ भी गिनाईं — कलाकारों के काम और भुगतान की सुरक्षा, महिलाओं की सेफ्टी और कलाकारों को समानता।
बिंदु दारा सिंह की अपील
बिंदु दारा सिंह ने नई कमेटी से पारदर्शिता की माँग करते हुए कहा, 'जो लोग जीतकर आएँगे, मैं उनसे रिक्वेस्ट करता हूँ कि सिंटा का काम ओपन कर दिया जाए, जिससे लोगों को पता चले कि क्या हो रहा है।' उनकी यह अपील संकेत देती है कि संस्था में पारदर्शिता की कमी भी आंतरिक कलह की एक बड़ी वजह रही।
आगे क्या होगा
मतदान के नतीजे उसी शाम घोषित होने की उम्मीद थी। मुकेश ऋषि ने कहा कि जो भी जीते, उन्हें उनकी बधाई, और वे सिंटा के लिए बेहतर काम करें। यह चुनाव सिंटा के लिए एक नई शुरुआत का अवसर है, बशर्ते नई कमेटी संस्था में पारदर्शिता और एकजुटता कायम कर सके।