22 अक्टूबर 2026
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सोनिया गांधी की 'बेलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' 10 नवंबर को होगी रिलीज़, KPCC अध्यक्ष हरिप्रसाद बोले — यह जीवनी नहीं, इतिहास है

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सोनिया गांधी की 'बेलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' 10 नवंबर को होगी रिलीज़, KPCC अध्यक्ष हरिप्रसाद बोले — यह जीवनी नहीं, इतिहास है

सारांश

सोनिया गांधी की आत्मकथात्मक पुस्तक 'बेलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' का वैश्विक विमोचन 10 नवंबर को होगा। KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि यह किताब नहीं, भारत के इतिहास का एक अध्याय है — त्याग, संघर्ष और जनता से अटूट जुड़ाव की अनकही दास्तान।

मुख्य बातें

हरिप्रसाद ने 22 अक्टूबर 2026 को फेसबुक पोस्ट के ज़रिए सोनिया गांधी के जीवन को भारत के इतिहास का अभिन्न हिस्सा बताया।
सोनिया गांधी की आत्मकथात्मक पुस्तक 'बेलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' का वैश्विक विमोचन 10 नवंबर 2026 को होगा।
79 वर्षीय सोनिया गांधी को आधिकारिक रिलीज़ से पहले पुस्तक की पहली हार्डबाउंड प्रति मिठाई के डिब्बे के साथ भेंट की गई।
हरिप्रसाद ने कहा कि यह जीवनी दशकों तक सोनिया गांधी के साथ काम करने वालों के लिए 'यादों की यात्रा और भावनात्मक पलों को दोबारा जीने का दुर्लभ अवसर' है।
पुस्तक में सोनिया गांधी के व्यक्तिगत अनुभवों के साथ-साथ भारत की राजनीतिक यात्रा का विवरण होने की उम्मीद है।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष एवं एमएलसी बी.के. हरिप्रसाद ने 22 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की आत्मकथात्मक पुस्तक 'बेलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' की आगामी वैश्विक रिलीज़ से पहले उनके जीवन को भारत के इतिहास का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने बेंगलुरु से फेसबुक पर साझा किए गए एक पोस्ट में कहा कि 79 वर्षीय सोनिया गांधी का जीवन त्याग, राजनीतिक संघर्ष और भारतीय जनता से गहरे जुड़ाव की ऐसी असाधारण यात्रा है, जिसे किसी साधारण जीवनी के खाँचे में नहीं समेटा जा सकता।

हरिप्रसाद ने क्या कहा

हरिप्रसाद ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'कुछ लोगों का जीवन केवल उनकी व्यक्तिगत जीवनी नहीं होता, बल्कि वह एक राष्ट्र के इतिहास का हिस्सा बन जाता है। मेरी प्रिय नेता सोनिया गांधी का जीवन भी ऐसा ही असाधारण जीवन है।' उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के अनुभव और भारत तथा यहाँ के लोगों के साथ उनका जुड़ाव एक ऐसी अनोखी यात्रा है, जिसे पुस्तक के पन्नों में पूरी तरह समेट पाना संभव नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने सोनिया गांधी के साथ दशकों तक काम किया है, उनके लिए यह किताब केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि 'यादों की यात्रा और भावनात्मक पलों को दोबारा जीने का दुर्लभ अवसर' है।

पुस्तक की पहली प्रति और रिलीज़ की तारीख

प्रकाशकों ने आधिकारिक वैश्विक रिलीज़ से पहले सोनिया गांधी को पुस्तक की हार्डबाउंड प्रतियाँ भेंट कीं। इस अवसर पर सोनिया गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'आप बहुत भारी वज़न उठा रहे हैं।' इसके बाद उन्हें पुस्तक की पहली प्रति मिठाई के डिब्बे के साथ दी गई, और उपस्थित लोगों ने तालियाँ बजाकर उनका अभिनंदन किया। 'बेलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' का वैश्विक विमोचन 10 नवंबर 2026 को होना निर्धारित है।

राजनीतिक महत्त्व और संदर्भ

गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने भारतीय राजनीति में कई दशकों तक केंद्रीय भूमिका निभाई है — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं और यूपीए सरकार की सूत्रधार मानी जाती रहीं। यह पुस्तक ऐसे समय में आ रही है जब कांग्रेस अपनी राजनीतिक पुनर्स्थापना में जुटी है और पार्टी के भीतर नेतृत्व की पीढ़ीगत विरासत पर चर्चा तेज़ है।

हरिप्रसाद ने कहा कि पूरी दुनिया इस पुस्तक के विमोचन का बेसब्री से इंतजार कर रही है और उन्होंने स्वयं भी 'भावुकता के साथ' उस क्षण का इंतजार करने की बात कही।

आम पाठकों पर असर

यह आत्मकथा उन पाठकों के लिए विशेष रुचि का विषय होगी जो भारत के पिछले तीन दशकों की राजनीतिक उथल-पुथल को किसी प्रत्यक्षदर्शी की नज़र से समझना चाहते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा, इतिहास व राजनीति के अध्येताओं में भी इसके प्रति उत्सुकता देखी जा रही है। 10 नवंबर की रिलीज़ तारीख के साथ, पुस्तक वैश्विक स्तर पर एक साथ उपलब्ध होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि पुस्तक की प्रशंसा मुख्यतः कांग्रेस के भीतर से आ रही है — जो स्वाभाविक है, पर एकांगी भी। सोनिया गांधी का राजनीतिक जीवन जितना विवाद-रहित नहीं रहा जितना इस पोस्ट में चित्रित है; उनके कार्यकाल पर कई आलोचनात्मक दृष्टिकोण भी मौजूद हैं। असली दिलचस्पी यह है कि एक इतालवी मूल की महिला ने भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की कमान कैसे संभाली — और यह आत्मकथा उन अनकहे प्रसंगों पर कितनी खुलकर बात करती है, यह 10 नवंबर के बाद ही स्पष्ट होगा।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनिया गांधी की किताब 'बेलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' कब रिलीज़ होगी?
सोनिया गांधी की आत्मकथात्मक पुस्तक 'बेलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' का वैश्विक विमोचन 10 नवंबर 2026 को होना निर्धारित है। आधिकारिक रिलीज़ से पहले सोनिया गांधी को पुस्तक की पहली हार्डबाउंड प्रति भेंट की जा चुकी है।
बी.के. हरिप्रसाद कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
बी.के. हरिप्रसाद कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष और एमएलसी हैं। उन्होंने 22 अक्टूबर 2026 को फेसबुक पर एक पोस्ट साझा कर सोनिया गांधी के जीवन को भारत के इतिहास का अभिन्न हिस्सा बताया और कहा कि यह जीवनी उनके साथ काम करने वालों के लिए 'यादों की यात्रा' होगी।
'बेलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' किस बारे में है?
यह सोनिया गांधी की आत्मकथात्मक पुस्तक है, जिसमें उनके व्यक्तिगत अनुभवों, भारत से जुड़ाव, राजनीतिक संघर्ष और त्याग की यात्रा का वर्णन है। हरिप्रसाद के अनुसार, इसमें भारत की राजनीतिक और ऐतिहासिक यात्रा से जुड़े पहलू भी शामिल हैं।
क्या सोनिया गांधी को पुस्तक की पहली प्रति मिल चुकी है?
हाँ, प्रकाशकों ने आधिकारिक वैश्विक रिलीज़ से पहले 79 वर्षीय सोनिया गांधी को पुस्तक की पहली हार्डबाउंड प्रति मिठाई के डिब्बे के साथ भेंट की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने तालियाँ बजाकर उनका स्वागत किया।
यह पुस्तक कांग्रेस और भारतीय राजनीति के लिए क्यों अहम है?
यह पुस्तक ऐसे समय में आ रही है जब कांग्रेस अपनी राजनीतिक पुनर्स्थापना में जुटी है। सोनिया गांधी ने पार्टी की अध्यक्षता के दौरान यूपीए सरकार की सूत्रधार भूमिका निभाई, और यह आत्मकथा पिछले तीन दशकों की भारतीय राजनीति को एक प्रमुख सहभागी की नज़र से समझने का अवसर देगी।
राष्ट्र प्रेस
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