भाजपा का पलटवार: 'SIR विरोध राजनीतिक प्रोपेगैंडा, लोकतंत्र को हितों की बलि चढ़ाने की कोशिश'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बिहार नेताओं ने 17 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के विरुद्ध भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। BJP नेताओं ने कहा कि यह विरोध एक सुनियोजित प्रोपेगैंडा का हिस्सा है और इसके ज़रिए लोकतंत्र तथा संविधान को राजनीतिक हितों की भेंट चढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा सांसद का सीधा हमला
BJP सांसद संजय जायसवाल ने कहा, 'विपक्ष SIR को लेकर पूरा आंदोलन खड़ा कर रहा है, लेकिन एक भी वोटर ऐसा सामने नहीं आया है जिसने कहा हो कि उसे कोई परेशानी हुई या उसके साथ अन्याय हुआ।' उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में चुनावों के एक साल बाद भी कोई एक व्यक्ति नहीं आया जो इस बात की पुष्टि करे।
जायसवाल ने आरोप लगाया कि एक झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है — यह स्थापित किया जा रहा है कि SIR में गड़बड़ियों के कारण विपक्ष चुनाव हारा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे कभी आत्म-चिंतन नहीं करते कि उनकी पार्टी बार-बार क्यों हार रही है।
प्रवक्ता पासवान ने 'नौटंकी' करार दिया
BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, 'एक बड़े सुनियोजित ढंग से एक प्रोपेगैंडा चल रहा है। लोकतंत्र और संविधान को राजनीतिक हितों की बलि पर चढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ऐसा हम होने नहीं देंगे। यह देश दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे सफल और सबसे पारदर्शी लोकतंत्र है।'
पासवान ने 'रिजीम चेंज' और 'रेजिस्टेंस' जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस तरह की भाषा का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना है। उनके अनुसार, सत्ता में आने के लिए जनादेश प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता चुनाव लड़ना है।
पार्टी के भीतर लोकतंत्र पर निशाना
पासवान ने कहा कि आगामी पाँच राज्यों के चुनावों से पहले कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जो पार्टी अपने भीतर लोकतंत्र नहीं रख सकती, वह देश में लोकतंत्र की रक्षा का दावा नहीं कर सकती।
उत्तर प्रदेश का संदर्भ और कांग्रेस की स्थिति
गुरु प्रकाश ने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी फिलहाल एक 'अस्तित्ववादी संकट' से गुज़र रहे हैं। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन होने के बावजूद कांग्रेस का जनाधार काफी कमज़ोर हो चुका है और उसे स्वीकार करने के लिए कोई तैयार नहीं है।
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देश में कई राज्यों में चुनावी तैयारियाँ चल रही हैं और SIR की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों में असंतोष बढ़ रहा है। BJP और कांग्रेस के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।