1 अगस्त 2026
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कुलगाम आतंकी हमला: एलजी मनोज सिन्हा ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक, बाहरी मजदूरों की सुरक्षा के लिए SOP समीक्षा के निर्देश

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कुलगाम आतंकी हमला: एलजी मनोज सिन्हा ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक, बाहरी मजदूरों की सुरक्षा के लिए SOP समीक्षा के निर्देश

सारांश

कुलगाम में दो निहत्थे गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या के बाद एलजी मनोज सिन्हा ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। SOP समीक्षा, बीमा अनिवार्यता और आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करने के निर्देश — यह हाइब्रिड आतंकवाद की बदलती रणनीति के खिलाफ प्रशासन की तत्काल प्रतिक्रिया है।

मुख्य बातें

कुलगाम जिले में आतंकी हमले में दो गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या के बाद 1 अगस्त को उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई गई।
एलजी मनोज सिन्हा ने सभी उपायुक्तों और एसएसपी को बाहरी श्रमिकों की सुरक्षा SOP की व्यापक समीक्षा के निर्देश दिए।
नियोक्ताओं को बाहरी मजदूरों का बीमा कराना और उनका विवरण स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन में पंजीकृत कराना अनिवार्य किया गया।
बैठक में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई।
आतंकी संगठनों ने रणनीति बदलकर हाइब्रिड आतंकवाद अपनाया है — निहत्थे गैर-स्थानीय मजदूर, व्यापारी और ड्राइवर निशाने पर हैं।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 1 अगस्त को कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले के बाद एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें दो गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या कर दी गई थी। बैठक में बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की व्यापक समीक्षा का आदेश दिया गया।

बैठक में क्या निर्देश दिए गए

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभी उपायुक्तों और एसएसपी को निर्देश दिया कि जम्मू-कश्मीर से बाहर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए श्रमिकों की सुरक्षा के लिए बनाई गई SOP की तत्काल समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियोक्ता यह सुनिश्चित करें कि सभी बाहरी मजदूरों का बीमा कराया जाए और उनका पूरा विवरण स्थानीय पुलिस एवं जिला प्रशासन के पास पंजीकृत हो।

बैठक में उपराज्यपाल ने कहा, 'हमें आतंकियों को निष्क्रिय करने के लिए सटीक और प्रभावी आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करने होंगे।' उन्होंने अधिकारियों को कुलगाम हमले के पीड़ितों का गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार सुनिश्चित करने और शोक संतप्त परिवारों को हर संभव सहायता देने का भी निर्देश दिया।

अमरनाथ यात्रा सुरक्षा पर भी चर्चा

बैठक में चल रही अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा इंतजामों को और सुदृढ़ करने पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात, गृह विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती, एसडीजी कोऑर्डिनेशन एस.जे.एम. गिलानी, एडीजीपी सीआईडी नितीश कुमार, जीएडी के आयुक्त/सचिव एम. राजू, आईजीपी, मंडलायुक्त, एसएसपी, उपायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

हाइब्रिड आतंकवाद का बदलता चेहरा

सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, प्रमुख नागरिकों, धार्मिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्याओं और कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद आतंकी संगठनों ने अपनी रणनीति बदलकर हाइब्रिड आतंकवाद की ओर रुख किया है। इसके तहत घाटी में निहत्थे गैर-स्थानीय मजदूरों, सड़क किनारे व्यापारियों, ड्राइवरों और कुशल श्रमिकों को निशाना बनाया जा रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब कश्मीर में आर्थिक पुनरुद्धार के प्रयास जारी हैं और बाहरी राज्यों से आए श्रमिक निर्माण, कृषि और पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गौरतलब है कि यह इस वर्ष गैर-स्थानीय मजदूरों पर हुए कई हमलों में से एक है।

ज़मीनी सुरक्षा उपाय

जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल गैर-स्थानीय मजदूरों के ट्रांजिट कैंपों के आसपास कड़ी निगरानी रख रहे हैं। रात में गश्त बढ़ाकर उन इलाकों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति बढ़ाई जा रही है जहाँ आतंकियों के छिपे होने और उनके ओवर ग्राउंड वर्करों के सक्रिय होने की आशंका है। आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियाँ बाहरी श्रमिकों के पंजीकरण और बीमा की स्थिति की समीक्षा करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि पिछली बार ऐसी समीक्षाओं के बाद ज़मीन पर कितना बदला। जब तक ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क को प्रभावी ढंग से तोड़ा नहीं जाता, तब तक ट्रांजिट कैंपों की निगरानी केवल प्रतिक्रियात्मक उपाय बनी रहेगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुलगाम आतंकी हमले में क्या हुआ?
कुलगाम जिले में आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या कर दी। यह हमला हाइब्रिड आतंकवाद की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें निहत्थे प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाया जा रहा है।
एलजी मनोज सिन्हा ने बैठक में क्या निर्देश दिए?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभी उपायुक्तों और एसएसपी को बाहरी मजदूरों की सुरक्षा SOP की समीक्षा करने, उनका बीमा कराने और स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन में उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करने का आदेश दिया।
हाइब्रिड आतंकवाद क्या है और यह कश्मीर में कैसे काम करता है?
हाइब्रिड आतंकवाद वह रणनीति है जिसमें आतंकी संगठन सीधे सशस्त्र टकराव की जगह निहत्थे नागरिकों — जैसे प्रवासी मजदूर, व्यापारी और ड्राइवर — को निशाना बनाते हैं। कश्मीर में यह रणनीति प्रमुख नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्याओं के बाद और अधिक सक्रिय हुई है।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में चल रही अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा इंतजामों को और सुदृढ़ करने पर विशेष चर्चा हुई। यात्रा मार्ग पर निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।
गैर-स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस क्या कदम उठा रही है?
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल गैर-स्थानीय मजदूरों के ट्रांजिट कैंपों के आसपास कड़ी निगरानी रख रहे हैं और रात में गश्त बढ़ाई गई है। आतंकियों के छिपे होने और ओवर ग्राउंड वर्करों के सक्रिय होने की आशंका वाले इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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