AIADMK महिला विंग बैठक 1 जुलाई को चेन्नई में, पलानीस्वामी करेंगे अध्यक्षता; उपचुनाव रणनीति पर होगा मंथन
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) ने आगामी विधानसभा उपचुनावों की तैयारियों को गति देने के लिए 1 जुलाई 2025 को अपनी महिला विंग की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक चेन्नई के रॉयपेट्टा स्थित पार्टी मुख्यालय में होगी और इसकी अध्यक्षता पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी करेंगे। पार्टी नेतृत्व ने सभी आमंत्रित सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य घोषित की है।
बैठक में कौन होगा शामिल
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में महिला विंग की राज्यस्तरीय पदाधिकारी, सभी संगठनात्मक जिलों की महिला विंग सचिव और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भाग लेंगे। नेतृत्व का जोर है कि महिला कार्यकर्ता सदस्यता अभियान, संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएँ।
मुख्य एजेंडा: उपचुनाव रणनीति
बैठक का केंद्रीय उद्देश्य आगामी विधानसभा उपचुनावों में महिला विंग की भूमिका को सुदृढ़ करना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, महिला मतदाताओं को जोड़ने, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और चुनाव प्रचार में महिला कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति पर विचार-विमर्श होगा। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
विरोध अभियान की रूपरेखा भी संभव
बैठक में राज्य की सत्तारूढ़ सरकार की कथित विफलताओं को लेकर भविष्य के विरोध-प्रदर्शनों और जनजागरण अभियानों की रूपरेखा भी तैयार की जा सकती है। पार्टी महिला विंग को आंदोलन और जनसंपर्क अभियानों में अधिक सक्रिय भूमिका देने की योजना बना रही है।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद विभिन्न कारणों से कई सीटें रिक्त हो गई हैं। इनमें सबसे चर्चित सीट त्रिची ईस्ट है, जिसे मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने खाली किया। उन्होंने त्रिची ईस्ट और पेरंबूर — दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और जीता था, किंतु नियमानुसार एक सीट छोड़नी थी, जिसके चलते उन्होंने त्रिची ईस्ट सीट का त्याग किया।
पिछली तैयारियों का विस्तार
यह ऐसे समय में आया है जब इस वर्ष की शुरुआत में AIADMK ने महिला विंग का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया था, जिसे चुनावी तैयारियों के तहत महिला कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था। अब पार्टी नेतृत्व उसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए महिला विंग को अधिक संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ और राजनीतिक गतिविधियों में प्रमुख भूमिका देने की तैयारी में है। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि AIADMK की यह रणनीति उपचुनावी समीकरणों को किस हद तक प्रभावित करती है।