भारत का मेडिकल टूरिज्म बाज़ार 2030 तक दोगुना होकर $16.2 अरब तक पहुँचेगा: सरकार
सारांश
Key Takeaways
भारत सरकार ने 2 मई 2026 को घोषणा की कि देश मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) यानी मेडिकल टूरिज्म के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, भारत का मेडिकल टूरिज्म बाज़ार 2025 में लगभग $8.7 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक करीब $16.2 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है — यानी पाँच वर्षों में लगभग दोगुना। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की लागत और प्रतीक्षा अवधि में लगातार वृद्धि हो रही है।
वैश्विक एमवीटी बाज़ार का परिदृश्य
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वैश्विक MVT बाज़ार 2022 में करीब $115.6 अरब डॉलर का था, जो 2030 तक लगभग $286.1 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। इस बाज़ार में सालाना करीब 10.8 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) रहने की संभावना है। दुनिया भर में बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की लागत, लंबी प्रतीक्षा अवधि और जीवनशैली संबंधी बीमारियों के बढ़ते बोझ के कारण लोग इलाज के लिए विदेशों का रुख कर रहे हैं।
भारत की एमवीटी क्षमता और संरचना
भारत का MVT तंत्र दो प्रमुख स्तंभों पर टिका है — पहला, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मेडिकल टूरिज्म, और दूसरा, योग व आयुर्वेद जैसी आयुष पद्धतियों पर आधारित वेलनेस टूरिज्म। ये दोनों मिलकर उन्नत उपचार और रोकथाम (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करते हैं। इस क्षेत्र को उन्नत चिकित्सा अवसंरचना, मज़बूत नीतिगत समर्थन, आयुष वीज़ा और क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों जैसी सरकारी पहलों से और बल मिल रहा है।
2025 के प्रमुख आँकड़े
2025 में भारत में कुल 91.5 लाख विदेशी पर्यटक आए, जिनमें से 5,07,244 लोग विशेष रूप से चिकित्सा उपचार के लिए आए — यानी कुल विदेशी पर्यटकों में मेडिकल टूरिज्म की हिस्सेदारी लगभग 5.5 प्रतिशत रही। मेडिकल टूरिज्म के लिए भारत आने वाले शीर्ष देशों में बांग्लादेश (3,25,127), इराक (30,989), उज़्बेकिस्तान (13,699), सोमालिया (11,506), तुर्कमेनिस्तान (10,231), ओमान (9,738) और केन्या (9,357) शामिल रहे।
गुणवत्ता मानक और अंतरराष्ट्रीय मान्यता
मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स 2020-21 के अनुसार, भारत दुनिया के 46 प्रमुख मेडिकल टूरिज्म देशों में 10वें स्थान पर है, जबकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष 10 वेलनेस डेस्टिनेशन में पाँचवें स्थान पर है। देश के अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (NABH) से मान्यता प्राप्त करते हैं, जो मरीजों की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।
आगे की योजना
सरकार ने बजट 2026-27 में पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इन हब में चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं के साथ-साथ आयुष केंद्र और MVT सुविधा केंद्र भी शामिल होंगे। गौरतलब है कि यह कदम भारत को वैश्विक स्वास्थ्य पर्यटन मानचित्र पर और मज़बूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण नीतिगत प्रयास है।