भारत का मेडिकल टूरिज्म बाज़ार 2030 तक दोगुना होकर $16.2 अरब तक पहुँचेगा: सरकार

Click to start listening
भारत का मेडिकल टूरिज्म बाज़ार 2030 तक दोगुना होकर $16.2 अरब तक पहुँचेगा: सरकार

सारांश

भारत का मेडिकल टूरिज्म बाज़ार 2030 तक दोगुना होकर $16.2 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। 2025 में 5.07 लाख विदेशी मरीज़ इलाज के लिए भारत आए, जिनमें बांग्लादेश सबसे आगे रहा। आयुष, NABH मान्यता और पाँच नए क्षेत्रीय मेडिकल हब की योजना के साथ भारत वैश्विक स्वास्थ्य पर्यटन का बड़ा केंद्र बनने की राह पर है।

Key Takeaways

भारत का मेडिकल टूरिज्म बाज़ार 2025 में $8.7 अरब से बढ़कर 2030 तक $16.2 अरब तक पहुँचने का अनुमान है। वैश्विक MVT बाज़ार 2030 तक $286.1 अरब तक पहुँचने की संभावना, CAGR लगभग 10.8% । 2025 में 5,07,244 विदेशी मरीज़ भारत आए — कुल विदेशी पर्यटकों का 5.5% । शीर्ष स्रोत देश: बांग्लादेश (3,25,127) , इराक (30,989) , उज़्बेकिस्तान (13,699) । भारत मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स 2020-21 में 46 देशों में 10वें स्थान पर। सरकार ने बजट 2026-27 में 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।

भारत सरकार ने 2 मई 2026 को घोषणा की कि देश मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) यानी मेडिकल टूरिज्म के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, भारत का मेडिकल टूरिज्म बाज़ार 2025 में लगभग $8.7 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक करीब $16.2 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है — यानी पाँच वर्षों में लगभग दोगुना। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की लागत और प्रतीक्षा अवधि में लगातार वृद्धि हो रही है।

वैश्विक एमवीटी बाज़ार का परिदृश्य

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वैश्विक MVT बाज़ार 2022 में करीब $115.6 अरब डॉलर का था, जो 2030 तक लगभग $286.1 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। इस बाज़ार में सालाना करीब 10.8 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) रहने की संभावना है। दुनिया भर में बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की लागत, लंबी प्रतीक्षा अवधि और जीवनशैली संबंधी बीमारियों के बढ़ते बोझ के कारण लोग इलाज के लिए विदेशों का रुख कर रहे हैं।

भारत की एमवीटी क्षमता और संरचना

भारत का MVT तंत्र दो प्रमुख स्तंभों पर टिका है — पहला, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मेडिकल टूरिज्म, और दूसरा, योग व आयुर्वेद जैसी आयुष पद्धतियों पर आधारित वेलनेस टूरिज्म। ये दोनों मिलकर उन्नत उपचार और रोकथाम (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करते हैं। इस क्षेत्र को उन्नत चिकित्सा अवसंरचना, मज़बूत नीतिगत समर्थन, आयुष वीज़ा और क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों जैसी सरकारी पहलों से और बल मिल रहा है।

2025 के प्रमुख आँकड़े

2025 में भारत में कुल 91.5 लाख विदेशी पर्यटक आए, जिनमें से 5,07,244 लोग विशेष रूप से चिकित्सा उपचार के लिए आए — यानी कुल विदेशी पर्यटकों में मेडिकल टूरिज्म की हिस्सेदारी लगभग 5.5 प्रतिशत रही। मेडिकल टूरिज्म के लिए भारत आने वाले शीर्ष देशों में बांग्लादेश (3,25,127), इराक (30,989), उज़्बेकिस्तान (13,699), सोमालिया (11,506), तुर्कमेनिस्तान (10,231), ओमान (9,738) और केन्या (9,357) शामिल रहे।

गुणवत्ता मानक और अंतरराष्ट्रीय मान्यता

मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स 2020-21 के अनुसार, भारत दुनिया के 46 प्रमुख मेडिकल टूरिज्म देशों में 10वें स्थान पर है, जबकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष 10 वेलनेस डेस्टिनेशन में पाँचवें स्थान पर है। देश के अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (NABH) से मान्यता प्राप्त करते हैं, जो मरीजों की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।

आगे की योजना

सरकार ने बजट 2026-27 में पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इन हब में चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं के साथ-साथ आयुष केंद्र और MVT सुविधा केंद्र भी शामिल होंगे। गौरतलब है कि यह कदम भारत को वैश्विक स्वास्थ्य पर्यटन मानचित्र पर और मज़बूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण नीतिगत प्रयास है।

Point of View

लेकिन एक महत्त्वपूर्ण तथ्य अक्सर नज़रअंदाज़ होता है — कुल 91.5 लाख विदेशी पर्यटकों में से केवल 5.5% ही चिकित्सा उद्देश्य से आए, जो दर्शाता है कि विशाल संभावनाएँ अभी भी अधूरी हैं। बांग्लादेश का एकल दबदबा (कुल मेडिकल पर्यटकों का 64%) इस क्षेत्र की भौगोलिक विविधता की कमी को उजागर करता है — यूरोप, अमेरिका और खाड़ी के उच्च-आय वाले मरीज़ अभी भी थाईलैंड और सिंगापुर को प्राथमिकता देते हैं। पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब की घोषणा सही दिशा में कदम है, परंतु क्रियान्वयन की गति और NABH मान्यता का विस्तार ही असली परीक्षा होगी।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

भारत का मेडिकल टूरिज्म बाज़ार 2030 तक कितना बड़ा होगा?
सरकारी अनुमान के अनुसार, भारत का मेडिकल टूरिज्म बाज़ार 2025 में $8.7 अरब से बढ़कर 2030 तक करीब $16.2 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। यह पाँच वर्षों में लगभग दोगुनी वृद्धि है।
2025 में भारत में कितने विदेशी मरीज़ इलाज के लिए आए?
2025 में भारत में कुल 5,07,244 विदेशी नागरिक चिकित्सा उपचार के लिए आए, जो उस वर्ष के कुल 91.5 लाख विदेशी पर्यटकों का लगभग 5.5% है। सबसे अधिक मरीज़ बांग्लादेश (3,25,127) से आए।
भारत में मेडिकल टूरिज्म के लिए कौन-से देश सबसे अधिक आते हैं?
2025 में मेडिकल टूरिज्म के लिए भारत आने वाले शीर्ष देशों में बांग्लादेश, इराक, उज़्बेकिस्तान, सोमालिया, तुर्कमेनिस्तान, ओमान और केन्या शामिल रहे। बांग्लादेश सबसे बड़ा स्रोत देश रहा।
भारत सरकार मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने बजट 2026-27 में पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है, जिनमें चिकित्सा, शिक्षा, अनुसंधान, आयुष केंद्र और MVT सुविधा केंद्र होंगे। इसके अलावा आयुष वीज़ा और NABH मान्यता प्रणाली भी इस क्षेत्र को मज़बूत कर रही है।
मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स में भारत की रैंकिंग क्या है?
मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स 2020-21 के अनुसार भारत दुनिया के 46 प्रमुख मेडिकल टूरिज्म देशों में 10वें स्थान पर है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष 10 वेलनेस डेस्टिनेशन में भारत पाँचवें स्थान पर है।
Nation Press