मई की हीटवेव पर घबराएं नहीं, आईएमडी के दिशा-निर्देशों का पालन करें: डॉ. जितेंद्र सिंह
सारांश
Key Takeaways
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2 मई 2026 को स्पष्ट किया कि मई में संभावित गर्मी और हीटवेव को लेकर नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की भविष्यवाणियों और सामान्य सावधानियों का पालन करके स्वास्थ्य जोखिमों को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। एक आधिकारिक बयान में मंत्री ने देशभर के नागरिकों, किसानों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की अपील की।
किन क्षेत्रों में रहेगा अधिक तापमान
आईएमडी के अनुसार, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान और लू की स्थिति देखने को मिल सकती है। हालांकि, देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य या उससे कम रहने की संभावना है।
विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में हीटवेव की स्थिति बनने की आशंका है। इन क्षेत्रों में सामान्य से 2-4 दिन अधिक लू चल सकती है। मई के दूसरे और चौथे सप्ताह में तापमान विशेष रूप से अधिक रहने की संभावना जताई गई है।
मंत्री की नागरिकों से अपील
डॉ. सिंह ने लोगों से आग्रह किया कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, दिन के सबसे गर्म समय में लंबे समय तक धूप में न रहें और अपने आसपास के कमजोर लोगों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि आईएमडी के दैनिक अपडेट और प्रभाव-आधारित पूर्वानुमानों का पालन करने से स्वास्थ्य जोखिमों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
मंत्री ने यह भी बताया कि कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जैसा कि आईएमडी की नवीनतम मासिक और विस्तारित अवधि की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। शहरी और तटीय क्षेत्रों में रात के तापमान में बढ़ोतरी गर्मी की परेशानी को और बढ़ा सकती है।
कृषि पर संभावित असर और किसानों को सलाह
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में रबी फसलों की कटाई का मौसम चल रहा है। आईएमडी के अनुसार, इन क्षेत्रों में मौजूदा परिस्थितियां कटाई के लिए सामान्य रूप से अनुकूल बताई गई हैं।
हालांकि, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी के कारण धान (बोरो), मक्का और दालों जैसी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों का काम सुबह और शाम के समय करें, हल्की और नियमित सिंचाई अपनाएं और पशुओं की सुरक्षा के उचित उपाय करें।
सरकार की तैयारी और राज्यों से समन्वय
डॉ. सिंह ने आश्वस्त किया कि सरकार गर्मी से जुड़ी स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य और जिला स्तर पर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं ताकि पीने के पानी की उपलब्धता, शीतलन व्यवस्था और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विशेष ध्यान बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले मजदूरों पर दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि भारत में हर वर्ष मई-जून के दौरान हीटवेव से जुड़ी घटनाएं सामने आती हैं, और इस बार समय रहते सरकारी तैयारी व जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत इस दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।