मई की हीटवेव पर घबराएं नहीं, आईएमडी के दिशा-निर्देशों का पालन करें: डॉ. जितेंद्र सिंह

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मई की हीटवेव पर घबराएं नहीं, आईएमडी के दिशा-निर्देशों का पालन करें: डॉ. जितेंद्र सिंह

सारांश

मई की गर्मी को लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का संदेश स्पष्ट है — घबराहट नहीं, तैयारी। आईएमडी के मुताबिक गुजरात, महाराष्ट्र और पूर्वी तट पर 2-4 दिन अधिक लू संभव है, लेकिन देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य रहेगा। सरकार राज्य स्तर पर पानी, बिजली और शीतलन व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है।

Key Takeaways

डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2 मई 2026 को कहा — मई की संभावित गर्मी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं। आईएमडी के अनुसार गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सामान्य से 2-4 दिन अधिक लू चलने की संभावना। मई के दूसरे और चौथे सप्ताह में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी अधिक रहने का अनुमान। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में धान (बोरो), मक्का और दालों की फसलों पर असर पड़ सकता है। किसानों को सुबह-शाम खेती , हल्की सिंचाई और पशु सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह। सरकार राज्य और जिला स्तर पर पानी, बिजली और शीतलन व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटी।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2 मई 2026 को स्पष्ट किया कि मई में संभावित गर्मी और हीटवेव को लेकर नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की भविष्यवाणियों और सामान्य सावधानियों का पालन करके स्वास्थ्य जोखिमों को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। एक आधिकारिक बयान में मंत्री ने देशभर के नागरिकों, किसानों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की अपील की।

किन क्षेत्रों में रहेगा अधिक तापमान

आईएमडी के अनुसार, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान और लू की स्थिति देखने को मिल सकती है। हालांकि, देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य या उससे कम रहने की संभावना है।

विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में हीटवेव की स्थिति बनने की आशंका है। इन क्षेत्रों में सामान्य से 2-4 दिन अधिक लू चल सकती है। मई के दूसरे और चौथे सप्ताह में तापमान विशेष रूप से अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

मंत्री की नागरिकों से अपील

डॉ. सिंह ने लोगों से आग्रह किया कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, दिन के सबसे गर्म समय में लंबे समय तक धूप में न रहें और अपने आसपास के कमजोर लोगों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि आईएमडी के दैनिक अपडेट और प्रभाव-आधारित पूर्वानुमानों का पालन करने से स्वास्थ्य जोखिमों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

मंत्री ने यह भी बताया कि कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जैसा कि आईएमडी की नवीनतम मासिक और विस्तारित अवधि की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। शहरी और तटीय क्षेत्रों में रात के तापमान में बढ़ोतरी गर्मी की परेशानी को और बढ़ा सकती है।

कृषि पर संभावित असर और किसानों को सलाह

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में रबी फसलों की कटाई का मौसम चल रहा है। आईएमडी के अनुसार, इन क्षेत्रों में मौजूदा परिस्थितियां कटाई के लिए सामान्य रूप से अनुकूल बताई गई हैं।

हालांकि, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी के कारण धान (बोरो), मक्का और दालों जैसी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों का काम सुबह और शाम के समय करें, हल्की और नियमित सिंचाई अपनाएं और पशुओं की सुरक्षा के उचित उपाय करें।

सरकार की तैयारी और राज्यों से समन्वय

डॉ. सिंह ने आश्वस्त किया कि सरकार गर्मी से जुड़ी स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य और जिला स्तर पर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं ताकि पीने के पानी की उपलब्धता, शीतलन व्यवस्था और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विशेष ध्यान बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले मजदूरों पर दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि भारत में हर वर्ष मई-जून के दौरान हीटवेव से जुड़ी घटनाएं सामने आती हैं, और इस बार समय रहते सरकारी तैयारी व जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत इस दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी तैयारी की है। भारत में हर वर्ष हीटवेव से होने वाली मौतों के आँकड़े बताते हैं कि सरकारी अपील और वास्तविक राहत व्यवस्था के बीच अक्सर बड़ा अंतर रहता है। शहरी झुग्गियों और खेतों में काम करने वाले मजदूर — जो सबसे अधिक जोखिम में हैं — वे आईएमडी के ऐप अपडेट तक पहुँचने में सबसे पीछे हैं। सरकार की घोषणाओं को तब विश्वसनीयता मिलेगी जब राज्य-स्तरीय हीट एक्शन प्लान की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

मई 2026 में भारत में हीटवेव कहाँ-कहाँ पड़ेगी?
आईएमडी के अनुसार गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और हिमालयी क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। इन क्षेत्रों में सामान्य से 2-4 दिन अधिक लू चल सकती है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने मई की गर्मी को लेकर क्या कहा?
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2 मई 2026 को कहा कि मई की संभावित गर्मी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आईएमडी के दैनिक अपडेट और प्रभाव-आधारित पूर्वानुमानों का पालन करने की सलाह दी।
हीटवेव से बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
पर्याप्त पानी पिएं, दिन के सबसे गर्म समय में धूप में लंबे समय तक न रहें और आसपास के बुजुर्गों व बच्चों का ध्यान रखें। आईएमडी के दैनिक मौसम अपडेट नियमित रूप से देखते रहें।
मई की गर्मी का किसानों पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में रबी फसलों की कटाई के लिए परिस्थितियाँ सामान्य रूप से अनुकूल बताई गई हैं। हालांकि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में धान (बोरो), मक्का और दालों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए किसानों को सुबह-शाम काम करने और हल्की सिंचाई अपनाने की सलाह दी गई है।
सरकार हीटवेव से निपटने के लिए क्या तैयारी कर रही है?
सरकार राज्य और जिला स्तर पर समन्वित प्रयास कर रही है जिसमें पीने के पानी की उपलब्धता, शीतलन व्यवस्था और बिजली की निर्बाध आपूर्ति शामिल है। विशेष ध्यान बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले मजदूरों पर दिया जा रहा है।
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