जौनपुर: साइबर सेल ने 55 लाख के 240 मोबाइल फोन बरामद कर दिखाया कमाल

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जौनपुर: साइबर सेल ने 55 लाख के 240 मोबाइल फोन बरामद कर दिखाया कमाल

सारांश

जौनपुर की साइबर सेल ने गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी में अद्भुत सफलता प्राप्त की है। 240 मोबाइल फोन बरामद कर उनकी कीमत 55 लाख रुपए आंकी गई है, जिससे लोगों में खुशी की लहर है। जानें इस सफलता की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

जौनपुर साइबर सेल ने 240 मोबाइल फोन बरामद किए।
बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 55 लाख रुपए है।
सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइलों का पता लगाया गया।
लोगों को मोबाइल खोने पर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई।
साइबर क्राइम खत्म करना प्रदेश की प्राथमिकता है।

जौनपुर, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जौनपुर के साइबर सेल पुलिस टीम ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इस टीम ने कुल 240 मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके मालिकों के सुपुर्द किया। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 55 लाख रुपए आंकी गई है।

जौनपुर साइबर क्राइम थाना और अन्य जनपदों के थानों की साइबर सेल टीम ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से इन मोबाइलों का पता लगाया। जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 1,400 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। ये मोबाइल जौनपुर के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों जैसे आजमगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़, भदोही और अन्य राज्यों जैसे दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार एवं राजस्थान से भी बरामद किए गए।

मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया। एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल खोने पर तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत करें। उन्होंने लोगों को साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।

इस मामले को लेकर एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने कहा कि साइबर क्राइम को समाप्त करना प्रदेश और जनपद की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से, टीम ने जनवरी-फरवरी में भी 100 से अधिक मोबाइल फोन ट्रैक और रिकवर किए। मार्च में भी जनपद पुलिस ने 240 मोबाइल फोन ट्रैक कर रिकवर किए और इन्हें उनके असली मालिकों को सौंपा गया।

उन्होंने बताया कि इन मोबाइलों की कीमत लगभग 55 लाख रुपए है और ये फोन विभिन्न कंपनियों के हैं। इन मोबाइलों को अलग-अलग स्थानों से बरामद किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के जनपद जैसे आजमगढ़, लखनऊ, कानपुर, बलिया, मिर्जापुर और अन्य प्रदेशों जैसे दिल्ली, गुजरात, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इन सभी फोनों को बरामद करने में सफलता सीईआईआर पोर्टल और जिनका भी फोन गुम हो जाता है, उनकी तत्परता से मिली है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब भी आपका मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाए, तो तुरंत आईएमईआई नंबर सुरक्षित करें और अपने नजदीकी थाने के साइबर हेल्प डेस्क और सीईआईआर पोर्टल पर आईएमईआई नंबर से मोबाइल रजिस्टर और ट्रैक कराएं।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का गुम या चोरी हुआ मोबाइल फोन जल्द से जल्द बरामद किया जा सकता है। इन 240 मोबाइल फोन में से एक केवल 24 घंटे के अंदर रिकवर कर लिया गया। इसलिए जितनी तत्परता से आप काम करेंगे, उतनी ही तत्परता से पुलिस आपके लिए काम करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संकेत है। मोबाइल फोन की बरामदगी से न केवल लोगों का विश्वास बढ़ा है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी गया है। इस प्रयास के माध्यम से पुलिस ने यह साबित किया है कि वे लोगों की सुरक्षा के प्रति गंभीर हैं।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइबर सेल ने कितने मोबाइल फोन बरामद किए?
साइबर सेल ने कुल 240 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल कीमत क्या है?
बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 55 लाख रुपए है।
क्या लोगों को मोबाइल वापस मिलने पर खुशी हुई?
जी हां, मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
लोगों को मोबाइल खोने पर क्या करना चाहिए?
लोगों को तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत करनी चाहिए।
सीईआईआर पोर्टल क्या है?
सीईआईआर पोर्टल एक ऐसा प्लेटफार्म है जहाँ लोग अपने गुमशुदा मोबाइल फोन की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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