3 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मिशन सहयोग: ग्रेटर नोएडा पुलिस ने CEIR से 104 गुम मोबाइल बरामद, ₹21 लाख के फोन मालिकों को लौटाए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मिशन सहयोग: ग्रेटर नोएडा पुलिस ने CEIR से 104 गुम मोबाइल बरामद, ₹21 लाख के फोन मालिकों को लौटाए

सारांश

ग्रेटर नोएडा पुलिस की सर्विलांस सेल ने 'मिशन सहयोग' के तहत CEIR पोर्टल की मदद से ₹21 लाख के 104 गुम स्मार्टफोन एक ही दिन में बरामद कर मालिकों को सौंपे — यह उस तकनीकी पुलिसिंग का व्यावहारिक उदाहरण है जो आम नागरिकों की रोज़मर्रा की समस्या हल करती है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को 'मिशन सहयोग' के तहत 104 गुम मोबाइल फोन बरामद किए।
बरामद फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹21 लाख बताई गई है।
बरामदगी में CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक का उपयोग किया गया।
अभियान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और DCP रवि शंकर निम के नेतृत्व में चल रहा है।
अधिकांश फोन भीड़भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक वाहनों और दोपहिया यात्रा के दौरान खोए थे।
सभी 104 फोन उनके वास्तविक स्वामियों को उसी दिन वापस कर दिए गए।

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को अपने 'मिशन सहयोग' अभियान के तहत 104 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹21 लाख बताई गई है। सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से की गई यह कार्रवाई गौतमबुद्धनगर जोन के लिए एक उल्लेखनीय पुलिसिंग सफलता मानी जा रही है।

मिशन सहयोग क्या है

'मिशन सहयोग' पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त (ग्रेटर नोएडा) रवि शंकर निम के नेतृत्व में चलाया जा रहा विशेष अभियान है। इसके अंतर्गत सर्विलांस सेल ग्रेटर नोएडा तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए गुम और खोए हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके मालिकों तक पहुँचाती है। यह अभियान लगातार जारी है और पुलिस के अनुसार सफलता दर उत्साहजनक है।

CEIR पोर्टल ने कैसे की मदद

मोबाइल बरामदगी की प्रक्रिया में केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल की भूमिका निर्णायक रही। यह पोर्टल किसी मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर उसे नेटवर्क पर ट्रैक और ब्लॉक करने की सुविधा देता है। सर्विलांस सेल ने पोर्टल से मिली तकनीकी जानकारी और नेटवर्क सर्विलांस को मिलाकर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और सभी 104 स्मार्टफोन बरामद किए।

कैसे गुम हुए थे ये फोन

पुलिस जाँच के अनुसार, बरामद किए गए अधिकांश मोबाइल विभिन्न परिस्थितियों में खोए थे। कई फोन भीड़भाड़ वाले स्थानों और साप्ताहिक बाज़ारों में गिर गए थे। कुछ फोन लोगों के दोपहिया वाहन चलाते समय या सुबह-शाम की सैर के दौरान छूट गए। इसके अलावा, कई मोबाइल ऑटो, टैक्सी, बस, मेट्रो और ई-रिक्शा में यात्रा के दौरान वाहन में रह गए। सभी संबंधित लोगों ने ग्रेटर नोएडा जोन के विभिन्न थानों में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

मालिकों की प्रतिक्रिया

19 सितंबर को बरामदगी के तुरंत बाद सभी 104 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए। फोन वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर राहत और खुशी स्पष्ट दिखी। मालिकों ने गौतमबुद्धनगर पुलिस का आभार जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की और कहा कि मोबाइल उनके लिए निजी और व्यावसायिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण था।

आगे की राह

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 'मिशन सहयोग' एक निरंतर चलने वाला अभियान है। CEIR पोर्टल और सर्विलांस सिस्टम के समन्वित उपयोग से गुम मोबाइल ट्रैकिंग की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। यह पहल उन नागरिकों को राहत देती है जो मोबाइल खो जाने के बाद अपना डेटा, बैंकिंग एक्सेस और संपर्क सूची खो देने की चिंता में रहते हैं — और यह संदेश भी देती है कि पुलिसिंग में तकनीक का सक्रिय उपयोग नागरिकों के जीवन को सीधे प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीन पर इसका उपयोग अब तक असमान रहा है — कई राज्यों की पुलिस इसे नियमित रूप से नहीं अपनाती। ग्रेटर नोएडा का यह प्रयोग बताता है कि संसाधन पहले से मौजूद हैं; कमी नीयत और प्रशिक्षण की रही है। असली सवाल यह है कि क्या यह मॉडल पूरे उत्तर प्रदेश में व्यवस्थित रूप से लागू होगा, या यह किसी एक अधिकारी की पहल तक सीमित रहेगा। जब तक CEIR-आधारित रिकवरी नीतिगत स्तर पर मानक प्रोटोकॉल नहीं बनती, इस तरह की खबरें अपवाद बनकर सुर्खियाँ बनती रहेंगी, न कि नागरिकों के लिए अपेक्षित नियम।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिशन सहयोग क्या है और यह कैसे काम करता है?
'मिशन सहयोग' ग्रेटर नोएडा पुलिस का एक विशेष अभियान है, जिसमें सर्विलांस सेल CEIR पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण के ज़रिए गुम और खोए मोबाइल फोन ट्रेस करती है। यह अभियान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चल रहा है और लगातार नई बरामदगियाँ कर रहा है।
CEIR पोर्टल से गुम मोबाइल कैसे ट्रेस होता है?
CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर उसे नेटवर्क पर ट्रैक और ब्लॉक करने की सुविधा देता है। पुलिस इस पोर्टल की जानकारी को सर्विलांस डेटा से मिलाकर फोन की लोकेशन का पता लगाती है और उसे बरामद करती है।
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने कितने मोबाइल बरामद किए और उनकी कीमत क्या थी?
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को 104 स्मार्टफोन बरामद किए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹21 लाख बताई गई है। सभी फोन उसी दिन उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए गए।
अगर मेरा मोबाइल गुम हो जाए तो मुझे क्या करना चाहिए?
मोबाइल गुम होने पर सबसे पहले नज़दीकी पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएँ और CEIR पोर्टल पर अपने IMEI नंबर के साथ शिकायत दर्ज करें। ग्रेटर नोएडा में गुमशुदगी दर्ज कराने वाले 104 लोगों के फोन पुलिस ने इसी प्रक्रिया के ज़रिए बरामद कर लौटाए।
क्या मिशन सहयोग केवल ग्रेटर नोएडा में चल रहा है?
फिलहाल यह अभियान गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा जोन में सक्रिय है। पुलिस के अनुसार, यह एक निरंतर चलने वाली पहल है और CEIR पोर्टल तथा सर्विलांस सिस्टम के उपयोग से बरामदगी की प्रक्रिया जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले