मिशन सहयोग: ग्रेटर नोएडा पुलिस ने CEIR से 104 गुम मोबाइल बरामद, ₹21 लाख के फोन मालिकों को लौटाए
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को अपने 'मिशन सहयोग' अभियान के तहत 104 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹21 लाख बताई गई है। सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से की गई यह कार्रवाई गौतमबुद्धनगर जोन के लिए एक उल्लेखनीय पुलिसिंग सफलता मानी जा रही है।
मिशन सहयोग क्या है
'मिशन सहयोग' पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त (ग्रेटर नोएडा) रवि शंकर निम के नेतृत्व में चलाया जा रहा विशेष अभियान है। इसके अंतर्गत सर्विलांस सेल ग्रेटर नोएडा तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए गुम और खोए हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके मालिकों तक पहुँचाती है। यह अभियान लगातार जारी है और पुलिस के अनुसार सफलता दर उत्साहजनक है।
CEIR पोर्टल ने कैसे की मदद
मोबाइल बरामदगी की प्रक्रिया में केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल की भूमिका निर्णायक रही। यह पोर्टल किसी मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर उसे नेटवर्क पर ट्रैक और ब्लॉक करने की सुविधा देता है। सर्विलांस सेल ने पोर्टल से मिली तकनीकी जानकारी और नेटवर्क सर्विलांस को मिलाकर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और सभी 104 स्मार्टफोन बरामद किए।
कैसे गुम हुए थे ये फोन
पुलिस जाँच के अनुसार, बरामद किए गए अधिकांश मोबाइल विभिन्न परिस्थितियों में खोए थे। कई फोन भीड़भाड़ वाले स्थानों और साप्ताहिक बाज़ारों में गिर गए थे। कुछ फोन लोगों के दोपहिया वाहन चलाते समय या सुबह-शाम की सैर के दौरान छूट गए। इसके अलावा, कई मोबाइल ऑटो, टैक्सी, बस, मेट्रो और ई-रिक्शा में यात्रा के दौरान वाहन में रह गए। सभी संबंधित लोगों ने ग्रेटर नोएडा जोन के विभिन्न थानों में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
मालिकों की प्रतिक्रिया
19 सितंबर को बरामदगी के तुरंत बाद सभी 104 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए। फोन वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर राहत और खुशी स्पष्ट दिखी। मालिकों ने गौतमबुद्धनगर पुलिस का आभार जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की और कहा कि मोबाइल उनके लिए निजी और व्यावसायिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण था।
आगे की राह
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 'मिशन सहयोग' एक निरंतर चलने वाला अभियान है। CEIR पोर्टल और सर्विलांस सिस्टम के समन्वित उपयोग से गुम मोबाइल ट्रैकिंग की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। यह पहल उन नागरिकों को राहत देती है जो मोबाइल खो जाने के बाद अपना डेटा, बैंकिंग एक्सेस और संपर्क सूची खो देने की चिंता में रहते हैं — और यह संदेश भी देती है कि पुलिसिंग में तकनीक का सक्रिय उपयोग नागरिकों के जीवन को सीधे प्रभावित कर सकता है।