राम मंदिर ट्रस्ट की 22 जुलाई को अहम बैठक: एसआईटी रिपोर्ट, पहले सीईओ की नियुक्ति और समितियों के पुनर्गठन पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जुलाई को अयोध्या के मणिराम दास छावनी में दो महत्वपूर्ण बैठकें बुलाई हैं — एक दोपहर 3 बजे और दूसरी शाम 4 बजे — जो राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट की आंतरिक जवाबदेही और प्रशासनिक सुधार की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही हैं। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन द्वारा रविवार को जारी सर्कुलर में यह जानकारी दी गई।
बैठक का एजेंडा
सर्कुलर के अनुसार, शाम 4 बजे होने वाली बैठक में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की आने वाली अंतिम रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, 6 जुलाई को हुई पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि और ट्रस्ट के नियमों के तहत विभिन्न समितियों के पुनर्गठन का विषय भी एजेंडे में शामिल है।
दोपहर 3 बजे की विशेष बैठक में मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है — जो ट्रस्ट के प्रशासनिक ढाँचे को और अधिक संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
पृष्ठभूमि: 6 जुलाई की बैठक और इस्तीफे
6 जुलाई की बैठक में ट्रस्ट ने चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जाँच के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे। उस बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने चढ़ावे की कथित चोरी को 'शर्मनाक' करार दिया और जवाबदेही व प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया।
गिरि ने कहा था कि दान की चोरी पूरे ट्रस्ट और भगवान राम के भक्तों के लिए 'बेहद दुखद और पीड़ादायक' है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चंपत राय ने स्वयं पद छोड़ने का निर्णय लिया, यह तर्क देते हुए कि जब तक चोरी के मामले में आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते और उन्हें सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनके लिए इस पद पर बने रहना उचित नहीं होगा।
जाँच की स्थिति
इस बीच, राम मंदिर से दान की चोरी की जाँच एक अहम चरण में पहुँच गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और उसके भतीजे मनीष यादव से 39 घंटे की कस्टडी रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की। अदालत से रिमांड मिलने के बाद शनिवार सुबह करीब 8 बजे दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आगे क्या
22 जुलाई की बैठक के नतीजे ट्रस्ट की भविष्य की प्रशासनिक दिशा तय करेंगे। एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रस्ट पर देशभर के राम भक्तों की नज़रें टिकी हैं और पारदर्शिता की माँग तेज हो रही है।