राम जन्मभूमि दान विवाद: एसआईटी 15 जून को करेगी परिसर का दौरा, ट्रस्ट ने जताया उत्तर प्रदेश सरकार का आभार
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में राम जन्मभूमि दान विवाद के बीच मंदिर के दर्शन प्रभारी गोपाल जी राव ने 14 जून 2025 को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जाँच दल (एसआईटी) 15 जून को राम जन्मभूमि परिसर का दौरा कर मामले की जाँच शुरू करेगी। ट्रस्ट ने स्वयं इस जाँच की माँग की थी और सरकार की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया है।
जाँच की पृष्ठभूमि और ट्रस्ट का पक्ष
गोपाल जी राव ने स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक की ओर से पहले से ही ऑडिट की प्रक्रिया जारी थी। उनके अनुसार, कुछ गलतफहमियों के कारण यह विवाद सार्वजनिक हुआ, जिसके बाद ट्रस्ट ने स्वयं सरकार से जाँच की माँग की ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 12 से 15 घंटे के भीतर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया — जिसे ट्रस्ट ने सराहनीय कदम बताया। राव ने कहा कि ट्रस्ट जाँच में पूरा सहयोग करेगा और सभी आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध कराएगा।
विपक्ष के आरोप और न्यायिक जाँच की माँग
समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावे के रूप में आने वाले धन में 'भारी गड़बड़ी और घपला' हुआ है। उन्होंने माँग की कि इस पूरे मामले की जाँच किसी वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में हो — अधिमानतः उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की देखरेख में — ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मेहरोत्रा ने यह भी आरोप लगाया कि इस धन का दुरुपयोग कर कुछ लोगों द्वारा संपत्तियाँ खरीदी गई हैं। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक सिद्ध नहीं हुए हैं और एसआईटी जाँच इन्हीं दावों की पड़ताल करेगी।
सरकार और संस्थाओं पर व्यापक आरोप
मेहरोत्रा ने दान विवाद से आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'सरकार और उसके मंत्री जानबूझकर उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। नफ़रत फैलाकर वे लोगों को बाँटकर चुनाव जीतना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है।
उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पर भी निशाना साधा और कहा कि यह पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'बी टीम' की तरह काम करते हुए मुस्लिम वोटों का विभाजन करने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, इसका अंतिम लाभ भाजपा को मिलता है और समाजवादी पार्टी (सपा) को नुकसान।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
मेहरोत्रा ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग जैसी जाँच एजेंसियों का उपयोग विपक्षी दलों को दबाने के लिए किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता और धनबल के ज़रिये राजनीतिक विरोधियों को कमज़ोर करना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
आगे क्या होगा
एसआईटी का 15 जून को राम जन्मभूमि परिसर का दौरा इस विवाद में एक निर्णायक कदम होगा। ट्रस्ट के सहयोग के आश्वासन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जाँच दल किन दस्तावेज़ों की माँग करता है और क्या विपक्ष की न्यायिक निगरानी की माँग को कोई समर्थन मिलता है।