रूसी एयरोस्पेस बलों ने डोनेट्स्क, खार्किव और सूमी में यूक्रेनी ठिकानों पर FAB-250 बमों से हमला किया
सारांश
मुख्य बातें
रूस के रक्षा मंत्रालय ने 11 अगस्त को दावा किया कि रूसी एयरोस्पेस बलों ने यूक्रेन के डोनेट्स्क, खार्किव और सूमी क्षेत्रों में यूक्रेनी सैन्य इकाइयों के अस्थायी ठिकानों और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर हवाई हमले किए। मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में FAB-250 हवाई बम और LMUR एयर-लॉन्च मिसाइलें इस्तेमाल की गईं।
हमलों का विवरण
रूसी रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, टोही अभियान के दौरान यूक्रेनी सैनिकों के अस्थायी तैनाती स्थलों और एक मानव रहित हवाई वाहन (UAV) नियंत्रण केंद्र की पहचान की गई। इसके बाद विमानों ने यूनिवर्सल ग्लाइडिंग और करेक्शन मॉड्यूल से लैस FAB-250 बमों से इन लक्ष्यों को निशाना बनाया।
डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (DPR) के डोनेट्स्कोये बस्ती के पास यूक्रेन की 63वीं अलग ब्रिगेड के अस्थायी ठिकाने पर हमला किया गया। खार्किव क्षेत्र के बोल्दीरेवका इलाके में 104वीं अलग टेरिटोरियल डिफेंस ब्रिगेड के तैनाती स्थल को भी निशाना बनाया गया।
सूमी क्षेत्र के पोरोझोक बस्ती में स्थित 119वीं अलग टेरिटोरियल डिफेंस ब्रिगेड के ड्रोन नियंत्रण केंद्र पर भी हमला किए जाने का दावा रूसी मंत्रालय ने किया है। इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि तत्काल संभव नहीं हो सकी।
जेलेंस्की की प्रतिक्रिया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि रूस का हर कदम — चाहे वह बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाना हो, उत्तर कोरियाई हथियारों का इस्तेमाल करना हो, या नई सैन्य लामबंदी की तैयारी करना हो — यह स्पष्ट करता है कि मॉस्को शांति की दिशा में नहीं, बल्कि संघर्ष को और तेज़ करने की राह पर है।
जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की माँग करते हुए कहा कि रूस के युद्ध प्रयासों को समर्थन देने वाले उद्योगों और संस्थानों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने यूक्रेन के लिए वायु रक्षा प्रणालियों में और सहायता की अपील की।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और पूर्वी यूक्रेन में जमीनी संघर्ष लगातार जारी है। गौरतलब है कि FAB-250 जैसे ग्लाइड बमों का उपयोग रूस ने पिछले कई महीनों में बढ़ाया है, जो यूक्रेन की वायु रक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
जेलेंस्की द्वारा उत्तर कोरियाई हथियारों के संदर्भ का उल्लेख भी उल्लेखनीय है — पश्चिमी देश और यूक्रेन कथित तौर पर आरोप लगाते रहे हैं कि उत्तर कोरिया रूस को गोला-बारूद और सैन्य सामग्री की आपूर्ति कर रहा है, जिसे मॉस्को ने नकारा है।
आगे क्या
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रतीक्षा किए बिना अभी जवाब देना होगा। यूक्रेन को वायु रक्षा के क्षेत्र में और सहायता, तथा रूसी युद्ध अर्थव्यवस्था पर कड़े प्रतिबंध — ये दोनों उनकी प्राथमिकता में हैं। विश्लेषकों के अनुसार, अगले कुछ हफ्तों में पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है।