जेलेंस्की की यूरोप से गुहार: रूस के और बड़े हमले की आशंका, कीव-डनिप्रो में 22 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 3 जून को यूरोपीय साझेदारों से तत्काल सैन्य और हवाई रक्षा सहायता बढ़ाने की अपील की, यह चेतावनी देते हुए कि खुफिया इनपुट के अनुसार रूस उसी रात एक और बड़े पैमाने का हमला कर सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले दौर के हमलों में कीव और डनिप्रो में 22 लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं, और 130 लोग घायल हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज का दिन यूक्रेन के लिए बहुत कठिन रहा है। रूस की तरफ से बड़े पैमाने पर हमला हुआ है। कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे गए।’’ उन्होंने जोड़ा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हवाई हमले के सायरन अभी भी सक्रिय हैं और ‘‘आसमान से फिर से खतरा बना हुआ है।’’
हताहत और नुकसान का आकलन
राष्ट्रपति के अनुसार, पिछली रात हुए हमलों में 130 लोग घायल हुए और 22 की मौत हो गई। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं। जेलेंस्की ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।’’
एयर डिफेंस की कमी पर चिंता
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन की मौजूदा हवाई रक्षा प्रणाली के पास इतनी पर्याप्त आपूर्ति नहीं है कि वह आने वाली मिसाइलों के एक बड़े हिस्से को रोक सके। उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से हमारे एयर डिफेंस के पास अभी उतनी पर्याप्त आपूर्ति नहीं है।’’ यह स्वीकारोक्ति ऐसे समय में आई है जब पश्चिमी सहयोगियों से पैट्रियट जैसी प्रणालियों और इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति में देरी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
यूरोप से अपील
राष्ट्रपति ने कहा कि सभी साझेदारों और ‘‘पूरे यूरोप को’’ मिलकर एयर डिफेंस के लिए मिसाइलें, सिस्टम और जरूरी खुफिया जानकारी देने का काम जारी रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘यह बिल्कुल साफ है कि यूरोप को अपनी खुद की एंटी-बैलिस्टिक प्रणाली की जरूरत है, जो इतनी मजबूत और पर्याप्त हो कि किसी भी खतरे से सुरक्षा दे सके।’’ जेलेंस्की ने इटली का विशेष आभार जताते हुए कहा कि वह कीव की स्वतंत्रता को साझा मुद्दा मानता है।
क्या होगा आगे
जेलेंस्की के अनुसार, खुफिया जानकारी संकेत देती है कि उसी रात एक और बड़ा हमला संभव है। गौरतलब है कि फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के हवाई हमलों का यह सबसे तीव्र दौरों में से एक माना जा रहा है, और यह अपील ऐसे वक्त आई है जब यूरोपीय संघ अपने स्वतंत्र रक्षा ढाँचे पर बहस तेज़ कर रहा है।