एफएसएसएआई की कार्रवाई: चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में घटिया दूध बेचने पर सोपन रेस्टोरेंट पर जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस की पेंट्री कार संख्या 15904 में मानक से कम गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ बेचने के आरोप में सोपन रेस्टोरेंट के अधिकृत प्रतिनिधि पर जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया है। जांच में ट्रेन की पेंट्री कार से लिए गए नोवा फ्लेवर्ड डबल टोंड मिल्क के नमूने को निर्धारित गुणवत्ता मानकों से नीचे पाया गया।
मामले का घटनाक्रम
एफएसएसएआई ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। नियामक ने बताया कि पेंट्री कार से लिए गए दूध के नमूने की जांच असम की राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में की गई, जहाँ इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक (एफएसएस) अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत अवमानक घोषित किया गया।
प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के मालीगांव स्थित नामित अधिकारी ने जांच रिपोर्ट निर्माता और संबंधित पक्षों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी।
निर्णयन प्रक्रिया और जुर्माना
अलीपुरद्वार के निर्णयन अधिकारी ने एफएसएस अधिनियम, 2006 की धारा 68 के तहत नोटिस जारी कर निर्णयन प्रक्रिया शुरू की। प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात निर्णयन अधिकारी ने सोपन रेस्टोरेंट के अधिकृत प्रतिनिधि पर जुर्माना लगाने का आदेश पारित किया। हालाँकि, एफएसएसएआई ने जुर्माने की सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की है।
व्यापक अभियान का हिस्सा
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब एफएसएसएआई देशभर में खाद्य कारोबार संचालकों द्वारा नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध सख्त अभियान चला रहा है। इसी सप्ताह नियामक ने पंजाब स्थित रिहान हेल्थकेयर का लाइसेंस भी निलंबित किया, जहाँ निरीक्षण के दौरान हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स निर्माण इकाई में गंभीर अनियमितताएँ पाई गई थीं।
रिहान हेल्थकेयर को निर्देश दिया गया है कि सभी कमियाँ दूर कर सक्षम प्राधिकारी से सत्यापन होने तक उत्पादन पूरी तरह बंद रखा जाए।
आम यात्रियों पर असर
रेलगाड़ियों की पेंट्री कारों में खाद्य गुणवत्ता का मुद्दा लंबे समय से यात्रियों की शिकायतों में शीर्ष पर रहा है। एफएसएसएआई की यह कार्रवाई संकेत देती है कि रेल परिसर में संचालित खाद्य सेवाओं पर निगरानी अब पहले से अधिक कड़ी हो रही है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी ट्रेन की पेंट्री कार में खाद्य मानकों का उल्लंघन सामने आया हो।
आगे क्या होगा
एफएसएसएआई के इस कदम के बाद उम्मीद की जा रही है कि रेलवे की अन्य पेंट्री कारों में भी नमूना परीक्षण अभियान तेज किया जाएगा। खाद्य नियामक ने स्पष्ट किया है कि मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी खाद्य कारोबार संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।