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FIU-India ने 15 क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को PMLA उल्लंघन पर नोटिस जारी किए, ऐप्स-URL ब्लॉक करने का आदेश

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FIU-India ने 15 क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को PMLA उल्लंघन पर नोटिस जारी किए, ऐप्स-URL ब्लॉक करने का आदेश

सारांश

भारत की FIU-India ने PMLA का पालन न करने वाले 15 विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर उनके ऐप्स और URL ब्लॉक करने का आदेश दिया। मार्च 2023 से क्रिप्टो कंपनियाँ PMLA के दायरे में हैं, फिर भी ये प्लेटफॉर्म बिना पंजीकरण के भारतीय उपयोगकर्ताओं को सेवाएँ दे रहे थे।

मुख्य बातें

FIU-India ने 9 सितंबर 2026 को PMLA के गैर-अनुपालन पर 15 क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किए।
नोटिस प्राप्त प्लेटफॉर्म्स में वीक्स, ब्लोफिन, XT.com, व्हाइटबीआईटी, चेंज नाउ सहित अन्य शामिल हैं।
संबंधित संस्थाओं के ऐप्स और URL को सार्वजनिक पहुँच से हटाने का आदेश दिया गया।
मार्च 2023 से VDA सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए FIU-India के साथ पंजीकरण अनिवार्य है, भले ही उनकी भारत में कोई भौतिक उपस्थिति न हो।
वित्त मंत्रालय ने चेतावनी दी कि क्रिप्टो उत्पाद और NFT अनियमित हैं और इनसे होने वाले नुकसान के लिए कोई रेगुलेटरी सुरक्षा उपलब्ध नहीं है।

भारत की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU-India) ने 9 सितंबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के गैर-अनुपालन के आधार पर 15 वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (VDA सर्विस प्रोवाइडर्स) को औपचारिक नोटिस जारी किए। वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी बयान के अनुसार, इन संस्थाओं पर आरोप है कि वे अनिवार्य पंजीकरण और अनुपालन शर्तों को पूरा किए बिना भारतीय उपयोगकर्ताओं को सेवाएँ दे रही थीं।

किन प्लेटफॉर्म्स को मिले नोटिस

नोटिस प्राप्त करने वाले 15 प्लेटफॉर्म्स में वीक्स, ब्लोफिन, रेजोरेक्स, बिटयूनिक्स, डिजीफाइनेंस, टूबीट, XT.com, लाटोकन, वू एक्स, पायनिक्स, चेंज नाउ, सिंपल स्वैप, फिक्स्डफ्लोट, व्हाइटबीआईटी और गार्डेरियन शामिल हैं। ये सभी मुख्यतः विदेशी प्लेटफॉर्म हैं जो भारतीय बाज़ार में सक्रिय थे।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, FIU-India के डायरेक्टर ने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत नोडल ऑफिसर की भूमिका में ये नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों में संबंधित संस्थाओं से जुड़े ऐप्स और URL को सार्वजनिक पहुँच से हटाने का निर्देश दिया गया है।

PMLA का दायरा और क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स की ज़िम्मेदारी

गौरतलब है कि मार्च 2023 में वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भारत के PMLA और आतंकवाद-वित्तपोषण रोधी ढाँचे के अंतर्गत लाया गया था। इसके बाद से भारत में परिचालन करने वाले सभी VDA सर्विस प्रोवाइडर्स — चाहे वे घरेलू हों या विदेशी — के लिए FIU-India के साथ रिपोर्टिंग संस्था के रूप में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया।

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह दायित्व उन गतिविधियों पर आधारित है जो कोई प्लेटफॉर्म भारतीय उपयोगकर्ताओं को प्रदान करता है — जैसे वर्चुअल एसेट्स को फिएट करेंसी से एक्सचेंज करना, डिजिटल एसेट्स का ट्रांसफर, या कस्टडी और एडमिनिस्ट्रेशन सेवाएँ देना। यह दायित्व तब भी लागू होता है जब संबंधित कंपनी की भारत में कोई भौतिक उपस्थिति न हो।

पंजीकृत प्रोवाइडर्स पर अनुपालन की अनिवार्यता

पंजीकृत VDA सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए PMLA और उसके तहत बने नियमों के अनुसार संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग, रिकॉर्ड संधारण और अन्य अनुपालन दायित्वों का निर्वहन करना अनिवार्य है। इन शर्तों का उल्लंघन करने पर ही वर्तमान कार्रवाई की गई है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

वित्त मंत्रालय ने आम जनता को भी सचेत किया कि क्रिप्टो उत्पाद और नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) भारत में अभी भी अनियमित हैं और इनमें अत्यधिक जोखिम हो सकता है। मंत्रालय ने कहा, 'ऐसे ट्रांजैक्शन से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए कोई रेगुलेटरी उपाय नहीं है।' यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भारत में क्रिप्टो निवेशकों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और अनियमित विदेशी प्लेटफॉर्म्स का उपयोग भी व्यापक हो गया है।

आगे क्या होगा

इन नोटिसों के बाद संबंधित प्लेटफॉर्म्स के ऐप्स और वेबसाइट्स को भारत में ब्लॉक किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। यह कार्रवाई भारत सरकार के क्रिप्टो क्षेत्र में अनुपालन सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में और भी प्लेटफॉर्म्स की जाँच हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगता है। नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है — असली परीक्षा यह होगी कि इन प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध कितनी जल्दी और कितने प्रभावी ढंग से लागू होता है, क्योंकि वीपीएन के ज़रिए ब्लॉकिंग को दरकिनार करना भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए कठिन नहीं है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FIU-India ने किन 15 क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किए हैं?
FIU-India ने वीक्स, ब्लोफिन, रेजोरेक्स, बिटयूनिक्स, डिजीफाइनेंस, टूबीट, XT.com, लाटोकन, वू एक्स, पायनिक्स, चेंज नाउ, सिंपल स्वैप, फिक्स्डफ्लोट, व्हाइटबीआईटी और गार्डेरियन को PMLA के गैर-अनुपालन पर नोटिस जारी किए हैं। इन सभी प्लेटफॉर्म्स पर आरोप है कि वे अनिवार्य पंजीकरण के बिना भारतीय उपयोगकर्ताओं को सेवाएँ दे रहे थे।
PMLA के तहत क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के लिए क्या नियम हैं?
मार्च 2023 से भारत में परिचालन करने वाले सभी VDA सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए FIU-India के साथ पंजीकरण अनिवार्य है। उन्हें संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग, रिकॉर्ड संधारण और PMLA के अन्य अनुपालन दायित्वों का पालन करना होता है — चाहे उनकी भारत में कोई भौतिक उपस्थिति हो या नहीं।
इन क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
FIU-India के डायरेक्टर ने IT कानून के तहत नोडल ऑफिसर के रूप में इन 15 संस्थाओं के ऐप्स और URL को सार्वजनिक पहुँच से हटाने का आदेश दिया है। इसका अर्थ है कि भारत में इन प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट और ऐप्लिकेशन ब्लॉक किए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
क्या भारत में क्रिप्टो में निवेश सुरक्षित है?
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि क्रिप्टो उत्पाद और NFT भारत में अनियमित हैं और इनमें अत्यधिक जोखिम है। मंत्रालय के अनुसार, ऐसे लेन-देन से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए कोई रेगुलेटरी सुरक्षा उपलब्ध नहीं है।
विदेशी क्रिप्टो कंपनियाँ जिनकी भारत में कोई ऑफिस नहीं है, क्या उन पर भी PMLA लागू होता है?
हाँ, वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि PMLA के तहत अनुपालन दायित्व गतिविधियों पर आधारित हैं, न कि भौतिक उपस्थिति पर। यदि कोई विदेशी कंपनी भारतीय उपयोगकर्ताओं को वर्चुअल एसेट एक्सचेंज, ट्रांसफर या कस्टडी सेवाएँ देती है, तो उसे FIU-India के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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