फिनटेक इकोसिस्टम को मज़बूत किया सरकार और RBI ने: DPDP अधिनियम, SRO-FT ढाँचा और साइबर हेल्पलाइन 1930 लागू
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के फिनटेक इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए उन्नत नियामक ढाँचे और व्यापक उपभोक्ता संरक्षण उपाय लागू किए हैं। इन कदमों में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023, AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्र शामिल हैं।
नियामक हस्तक्षेप की पृष्ठभूमि
मंत्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म और पेमेंट एग्रीगेटर सहित फिनटेक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए वित्तीय नियामकों और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर संवाद बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर समय-समय पर विभिन्न नियामक और पर्यवेक्षी हस्तक्षेप किए गए हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में अवैध ऋण ऐप्स और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं में वृद्धि को लेकर संसद में लगातार चिंताएँ उठाई जा रही हैं।
SRO-FT ढाँचा: स्व-नियमन की नई व्यवस्था
RBI ने 30 मई, 2024 को 'फिनटेक सेक्टर में स्व-नियामक संगठन(ओं) के लिए ढाँचा' (SRO-FT ढाँचा) जारी किया। इस ढाँचे का उद्देश्य फिनटेक कंपनियों के बीच नियामक मानकों को स्थापित करना और लागू करना, नैतिक आचरण को प्रोत्साहित करना, बाज़ार की अखंडता सुनिश्चित करना, विवादों का समाधान करना तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
गौरतलब है कि यह ढाँचा फिनटेक उद्योग को एक संस्थागत आत्म-नियमन तंत्र से जोड़ने की दिशा में RBI का पहला ऐसा सुव्यवस्थित कदम है।
डिजिटल भुगतान सुरक्षा और DPDP अधिनियम
वेब और मोबाइल ऐप से जुड़े साइबर खतरों से निपटने के लिए RBI ने फरवरी 2021 में डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रणों पर मास्टर दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके अतिरिक्त, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP अधिनियम) के अंतर्गत नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को कानूनी आधार प्रदान किया गया है।
उपभोक्ता संरक्षण: हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल
नागरिकों को साइबर अपराध और अवैध ऋण ऐप्स की शिकायत दर्ज करने में सुविधा देने के लिए गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर '1930' शुरू किया है। इसके साथ ही बैंक सार्वजनिक मंच 'सचेत' पोर्टल और राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) के माध्यम से नागरिकों को अवैध धन संग्रह से जुड़ी किसी भी संस्था के विरुद्ध शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है।
RBI और बैंक साइबर अपराध की रोकथाम पर जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं, जिनमें SMS अभियान, रेडियो प्रसारण और प्रचार सामग्री शामिल हैं। आने वाले समय में इन उपायों की प्रभावशीलता की समीक्षा और उनके विस्तार पर सरकार का ध्यान केंद्रित रहेगा।