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फिनटेक इकोसिस्टम को मज़बूत किया सरकार और RBI ने: DPDP अधिनियम, SRO-FT ढाँचा और साइबर हेल्पलाइन 1930 लागू

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फिनटेक इकोसिस्टम को मज़बूत किया सरकार और RBI ने: DPDP अधिनियम, SRO-FT ढाँचा और साइबर हेल्पलाइन 1930 लागू

सारांश

सरकार और RBI ने फिनटेक क्षेत्र में DPDP अधिनियम, SRO-FT ढाँचा और साइबर हेल्पलाइन '1930' जैसे ठोस उपाय लागू किए हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में यह जानकारी दी — यह डिजिटल वित्त में उपभोक्ता सुरक्षा की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण नीतिगत कदम है।

मुख्य बातें

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई को लोकसभा में लिखित उत्तर में फिनटेक नियामक उपायों की जानकारी दी।
RBI ने 30 मई, 2024 को SRO-FT ढाँचा जारी किया, जो फिनटेक कंपनियों के लिए स्व-नियामक मानक तय करता है।
DPDP अधिनियम, 2023 के तहत नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को कानूनी आधार मिला।
गृह मंत्रालय ने साइबर अपराध रिपोर्टिंग के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन '1930' और समर्पित पोर्टल शुरू किया है।
'सचेत' पोर्टल और SLCC के ज़रिए अवैध धन संग्रह के विरुद्ध शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध।
RBI ने फरवरी 2021 में डिजिटल भुगतान सुरक्षा पर मास्टर दिशा-निर्देश जारी किए थे।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के फिनटेक इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए उन्नत नियामक ढाँचे और व्यापक उपभोक्ता संरक्षण उपाय लागू किए हैं। इन कदमों में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023, AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्र शामिल हैं।

नियामक हस्तक्षेप की पृष्ठभूमि

मंत्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म और पेमेंट एग्रीगेटर सहित फिनटेक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए वित्तीय नियामकों और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर संवाद बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर समय-समय पर विभिन्न नियामक और पर्यवेक्षी हस्तक्षेप किए गए हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में अवैध ऋण ऐप्स और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं में वृद्धि को लेकर संसद में लगातार चिंताएँ उठाई जा रही हैं।

SRO-FT ढाँचा: स्व-नियमन की नई व्यवस्था

RBI ने 30 मई, 2024 को 'फिनटेक सेक्टर में स्व-नियामक संगठन(ओं) के लिए ढाँचा' (SRO-FT ढाँचा) जारी किया। इस ढाँचे का उद्देश्य फिनटेक कंपनियों के बीच नियामक मानकों को स्थापित करना और लागू करना, नैतिक आचरण को प्रोत्साहित करना, बाज़ार की अखंडता सुनिश्चित करना, विवादों का समाधान करना तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।

गौरतलब है कि यह ढाँचा फिनटेक उद्योग को एक संस्थागत आत्म-नियमन तंत्र से जोड़ने की दिशा में RBI का पहला ऐसा सुव्यवस्थित कदम है।

डिजिटल भुगतान सुरक्षा और DPDP अधिनियम

वेब और मोबाइल ऐप से जुड़े साइबर खतरों से निपटने के लिए RBI ने फरवरी 2021 में डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रणों पर मास्टर दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके अतिरिक्त, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP अधिनियम) के अंतर्गत नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को कानूनी आधार प्रदान किया गया है।

उपभोक्ता संरक्षण: हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल

नागरिकों को साइबर अपराध और अवैध ऋण ऐप्स की शिकायत दर्ज करने में सुविधा देने के लिए गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर '1930' शुरू किया है। इसके साथ ही बैंक सार्वजनिक मंच 'सचेत' पोर्टल और राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) के माध्यम से नागरिकों को अवैध धन संग्रह से जुड़ी किसी भी संस्था के विरुद्ध शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है।

RBI और बैंक साइबर अपराध की रोकथाम पर जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं, जिनमें SMS अभियान, रेडियो प्रसारण और प्रचार सामग्री शामिल हैं। आने वाले समय में इन उपायों की प्रभावशीलता की समीक्षा और उनके विस्तार पर सरकार का ध्यान केंद्रित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली प्रश्न क्रियान्वयन की गति और पहुँच का है। SRO-FT ढाँचा मई 2024 में जारी हुआ, पर अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी फिनटेक कंपनियाँ इसके अंतर्गत पंजीकृत हुई हैं और स्व-नियमन कितना प्रभावी रहा है। हेल्पलाइन '1930' की उपयोगिता तब तक सीमित रहेगी जब तक ग्रामीण और अर्ध-शहरी उपभोक्ताओं तक इसकी जानकारी नहीं पहुँचती — जो अवैध ऋण ऐप्स के सबसे अधिक शिकार बनते हैं। नियामक घोषणाओं और ज़मीनी सुरक्षा के बीच की यह खाई ही वह बिंदु है जिस पर संसदीय जवाबदेही केंद्रित होनी चाहिए।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरकार ने फिनटेक इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए कौन-से प्रमुख कदम उठाए हैं?
सरकार और RBI ने SRO-FT ढाँचा (मई 2024), DPDP अधिनियम 2023, डिजिटल भुगतान सुरक्षा मास्टर दिशा-निर्देश (फरवरी 2021) और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन '1930' जैसे उपाय लागू किए हैं। ये जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई को लोकसभा में दी।
RBI का SRO-FT ढाँचा क्या है और यह कब जारी हुआ?
RBI ने 30 मई, 2024 को 'फिनटेक सेक्टर में स्व-नियामक संगठन(ओं) के लिए ढाँचा' (SRO-FT ढाँचा) जारी किया। इसका उद्देश्य फिनटेक कंपनियों में नियामक मानक स्थापित करना, नैतिक आचरण को बढ़ावा देना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
साइबर अपराध की शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करें?
नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर '1930' पर कॉल कर या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अवैध धन संग्रह से जुड़ी शिकायतें 'सचेत' पोर्टल और SLCC के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती हैं।
DPDP अधिनियम 2023 फिनटेक उपभोक्ताओं की कैसे रक्षा करता है?
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को कानूनी ढाँचा प्रदान करता है। यह डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म और पेमेंट एग्रीगेटर जैसी फिनटेक कंपनियों पर डेटा प्रबंधन में जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
क्या सरकार अवैध ऋण ऐप्स के खिलाफ कोई विशेष कार्रवाई कर रही है?
हाँ, गृह मंत्रालय ने अवैध ऋण ऐप्स सहित साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए '1930' हेल्पलाइन और समर्पित पोर्टल शुरू किए हैं। इसके अलावा RBI और बैंक SMS, रेडियो और प्रचार सामग्री के ज़रिए साइबर जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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