हरिश्चंद्रपुर विधानसभा 2026: मतिबुर रहमान ने 48,271 वोटों से जीत दर्ज कर TMC का परचम लहराया

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हरिश्चंद्रपुर विधानसभा 2026: मतिबुर रहमान ने 48,271 वोटों से जीत दर्ज कर TMC का परचम लहराया

सारांश

हरिश्चंद्रपुर में TMC ने नए चेहरे मतिबुर रहमान के साथ दांव खेला और जीत गई — 48,271 वोटों का अंतर बताता है कि यह कोई करीबी मुकाबला नहीं था। 2021 में पहली बार इस सीट को जीतने के बाद 2026 में इसे और पुख्ता करना TMC की मालदा रणनीति की सफलता का संकेत है।

मुख्य बातें

मतिबुर रहमान (TMC) ने हरिश्चंद्रपुर विधानसभा सीट पर 1,13,104 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।
BJP प्रत्याशी रतन दास को 48,271 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया गया।
TMC ने 2021 के बाद 2026 में भी इस सीट पर जीत बरकरार रखी, इस बार नए उम्मीदवार के साथ।
सीट का गठन 1951 में हुआ था; 1987 से 2011 तक ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक का दबदबा रहा।
यह सीट मालदा उत्तर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और ग्रामीण-अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार मतिबुर रहमान ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की हरिश्चंद्रपुर विधानसभा सीट (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 46) पर 2026 के विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, रहमान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी रतन दास को 48,271 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया, जिससे इस सीट पर TMC की पकड़ और अधिक मजबूत हो गई है।

चुनावी नतीजों का ब्यौरा

मतिबुर रहमान को इस चुनाव में कुल 1,13,104 वोट प्राप्त हुए। BJP प्रत्याशी रतन दास इस मुकाबले में काफी पीछे रहे। यह जीत TMC के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी ने इस बार एक नया चेहरा मैदान में उतारा था और वह सफल साबित हुआ। गौरतलब है कि 2021 में TMC ने इस सीट पर पहली बार जीत हासिल की थी और अब 2026 में उसने अपनी इस बढ़त को और पुख्ता कर लिया है।

सीट का राजनीतिक इतिहास

हरिश्चंद्रपुर विधानसभा सीट का गठन 1951 में हुआ था और यह उत्तर बंगाल की राजनीति में अहम स्थान रखती है। शुरुआती दशकों में इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा। इसके बाद 1987 से 2011 तक वाम मोर्चे के तहत ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक का एकछत्र राज रहा। 2001 और 2016 में कांग्रेस ने वापसी की, जबकि 2021 में TMC ने पहली बार यहाँ जीत दर्ज की।

2021 में इस सीट से विधायक रहे ताजमुल हुसैन, जो ममता बनर्जी सरकार में राज्य मंत्री भी हैं, ने पहले 2006 और 2011 में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के टिकट पर जीत हासिल की थी। बाद में वे TMC में शामिल हुए और 2021 में पार्टी के टिकट पर जीते। 2026 में TMC ने नए उम्मीदवार मतिबुर रहमान को मैदान में उतारकर एक बार फिर सफलता हासिल की।

चुनावी मुद्दे और जनसांख्यिकी

जनसांख्यिकीय दृष्टि से हरिश्चंद्रपुर पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्र है, जहाँ अल्पसंख्यक — विशेषकर मुस्लिम — मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है और वे चुनावी परिणामों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। बंगाली भाषी आबादी यहाँ बहुसंख्यक है, जबकि संथाली और खोरठा भाषी समुदाय भी क्षेत्र की सामाजिक संरचना का हिस्सा हैं। इस बार चुनावी बहस के केंद्र में कृषि, ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाएँ और स्थानीय रोजगार जैसे मुद्दे रहे।

संसदीय क्षेत्र से संबंध

हरिश्चंद्रपुर विधानसभा सीट, मालदा उत्तर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जो उत्तर बंगाल का एक महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र है। यह जीत TMC के लिए न केवल विधानसभा स्तर पर, बल्कि इस लोकसभा क्षेत्र में भी अपनी राजनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने की दृष्टि से अहम मानी जा रही है।

आगे क्या

इस जीत के साथ TMC ने मालदा जिले में अपनी स्थिति और सुदृढ़ की है। नवनिर्वाचित विधायक मतिबुर रहमान के सामने अब कृषि संकट, ग्रामीण बुनियादी ढाँचे और स्थानीय रोजगार सृजन जैसी चुनौतियाँ होंगी, जो इस चुनाव में मतदाताओं की प्रमुख चिंताएँ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

271 वोटों का अंतर बनाए रखना दर्शाता है कि TMC ने यहाँ की जनसांख्यिकीय और स्थानीय मुद्दों की नब्ज़ पकड़ ली है। BJP के लिए यह नतीजा चिंताजनक है क्योंकि मालदा जैसे जिले में वह अपेक्षित पैठ नहीं बना पाई। असली सवाल यह है कि क्या TMC के नवनिर्वाचित विधायक कृषि और ग्रामीण रोजगार के उन वादों को पूरा कर पाएंगे जिन पर यह जीत टिकी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिश्चंद्रपुर विधानसभा सीट 2026 का चुनाव परिणाम क्या रहा?
TMC के मतिबुर रहमान ने 1,13,104 वोट पाकर BJP के रतन दास को 48,271 वोटों के अंतर से हराया। यह TMC की इस सीट पर लगातार दूसरी जीत है।
मतिबुर रहमान कौन हैं और उन्हें TMC ने क्यों उम्मीदवार बनाया?
मतिबुर रहमान 2026 में TMC द्वारा हरिश्चंद्रपुर से उतारे गए नए चेहरे हैं। पार्टी ने 2021 के विधायक ताजमुल हुसैन की जगह उन्हें प्रत्याशी बनाया और यह निर्णय सफल साबित हुआ।
हरिश्चंद्रपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
1951 में गठित इस सीट पर शुरुआत में कांग्रेस का दबदबा रहा, फिर 1987 से 2011 तक ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक का राज रहा। 2001 और 2016 में कांग्रेस ने वापसी की, जबकि 2021 में TMC ने पहली बार यहाँ जीत दर्ज की।
हरिश्चंद्रपुर में किस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है?
हरिश्चंद्रपुर विधानसभा सीट मालदा उत्तर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह उत्तर बंगाल का एक महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र है।
इस सीट पर चुनाव में कौन से मुद्दे प्रमुख रहे?
2026 के चुनाव में कृषि, ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाएँ और स्थानीय रोजगार प्रमुख चुनावी मुद्दे रहे। यह क्षेत्र पूरी तरह ग्रामीण है और यहाँ खेती-किसानी से जुड़े सवाल हमेशा चुनावी एजेंडे में रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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