भरतपुर विधानसभा 2026: टीएमसी के मुस्तफिजुर रहमान ने भाजपा को 30,753 मतों से हराया

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भरतपुर विधानसभा 2026: टीएमसी के मुस्तफिजुर रहमान ने भाजपा को 30,753 मतों से हराया

सारांश

भरतपुर में हुमायूं कबीर के निष्कासन और नई पार्टी बनाने के बाद भी TMC ने 30,753 मतों की बड़ी जीत दर्ज की — यह नतीजा बताता है कि मुर्शिदाबाद की इस मुस्लिम बहुल सीट पर पार्टी का जनाधार व्यक्तिगत नेतृत्व से कहीं ज़्यादा मज़बूत है।

मुख्य बातें

TMC के मुस्तफिजुर रहमान (सुमन) ने भरतपुर विधानसभा सीट पर BJP की अनामिका घोष को 30,753 मतों से हराया।
पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को TMC ने बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण बयान के बाद निष्कासित किया था; उन्होंने AUJP बनाकर रेजीनगर और नौदा से चुनाव लड़ा।
भरतपुर में 57.90% मुस्लिम और 16.44% अनुसूचित जाति मतदाता हैं।
सीट पर 1951 से RSP का नौ बार , कांग्रेस का छह बार कब्ज़ा रहा; TMC ने 2021 में पहली बार जीत दर्ज की थी।
भरतपुर बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सामान्य श्रेणी की ग्रामीण सीट है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार मुस्तफिजुर रहमान (सुमन) ने पश्चिम बंगाल की भरतपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रत्याशी अनामिका घोष को 30,753 मतों के बड़े अंतर से पराजित कर दिया। मुर्शिदाबाद जिले की यह सीट राजनीतिक उथल-पुथल और बदलते सामाजिक समीकरणों के कारण इस बार भी चर्चा के केंद्र में रही।

मुख्य चुनावी नतीजे

TMC उम्मीदवार मुस्तफिजुर रहमान ने 30,753 मतों की निर्णायक बढ़त से यह सीट अपने नाम की। भाजपा की अनामिका घोष दूसरे स्थान पर रहीं। यह जीत ऐसे समय में आई जब सीट के पूर्व विधायक और TMC के दिग्गज नेता हुमायूं कबीर पार्टी से निष्कासित होकर अलग मैदान में थे। इसके बावजूद TMC ने इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखी।

हुमायूं कबीर और बदलते समीकरण

इस सीट के सबसे चर्चित राजनीतिक चेहरे हुमायूं कबीर रहे हैं, जिन्होंने पुलिस कमिश्नर के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में प्रवेश किया था। वे ममता बनर्जी सरकार में मंत्री पद पर भी रह चुके हैं। हाल ही में बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान के कारण TMC ने उन्हें निलंबित कर दिया, जिसके बाद उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) का गठन किया। इस बार कबीर ने भरतपुर की बजाय रेजीनगर और नौदा सीटों से चुनाव लड़ा।

भरतपुर सीट का राजनीतिक इतिहास

भरतपुर एक सामान्य (General) श्रेणी की विधानसभा सीट है और बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इसमें भरतपुर-2 ब्लॉक और भरतपुर-1 ब्लॉक की कुछ ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है।

1951 से 2021 तक के चुनावी इतिहास पर नज़र डालें तो रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) ने नौ बार यहाँ जीत दर्ज की। कांग्रेस ने छह बार सफलता पाई, जबकि TMC और CPI(M) को एक-एक बार जीत मिली। RSP के ईद मोहम्मद ने 1991 से 2011 तक लगातार पाँच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया।

2011 के बाद सीट की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। RSP की पकड़ कमज़ोर पड़ी और 2016 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की। इसके बाद 2021 में TMC ने पहली बार यह सीट जीती, जब हुमायूं कबीर ने बड़े अंतर से प्रतिद्वंद्वी को हराया था।

जनसांख्यिकीय और भौगोलिक स्थिति

जनसांख्यिकीय दृष्टि से भरतपुर एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, जहाँ वर्तमान में लगभग 57.90 प्रतिशत मतदाता मुस्लिम हैं। अनुसूचित जाति के मतदाता लगभग 16.44 प्रतिशत हैं। हाल के वर्षों में मतदाताओं की संख्या में तेज़ वृद्धि इस क्षेत्र के बदलते सामाजिक समीकरणों को रेखांकित करती है।

भौगोलिक रूप से भरतपुर, बहरामपुर, कृष्णानगर और कोलकाता से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है, जबकि रेल संपर्क पास के स्टेशनों के ज़रिए उपलब्ध है।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

लोकसभा चुनावों के आँकड़े भी यहाँ के बदलते रुझान की पुष्टि करते हैं — जहाँ पहले कांग्रेस और RSP का दबदबा था, वहीं हाल के वर्षों में TMC ने लगातार मज़बूत प्रदर्शन किया है। हुमायूं कबीर के अलग होने के बावजूद TMC की यह जीत संकेत देती है कि पार्टी का जनाधार इस सीट पर अभी भी सुदृढ़ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक मतों से जीत दर्ज की। यह उस धारणा को चुनौती देता है कि मुर्शिदाबाद जैसी सीटों पर व्यक्तिगत नेतृत्व ही निर्णायक होता है। साथ ही, हुमायूं कबीर का AUJP प्रयोग यह सवाल उठाता है कि विवादास्पद धार्मिक बयानों के बाद बनी पार्टियाँ बंगाल की राजनीति में कितनी जगह बना सकती हैं। भाजपा के लिए यह हार दर्शाती है कि मुस्लिम बहुल सीटों पर उसकी पैठ अभी भी सीमित है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरतपुर विधानसभा सीट से 2026 में कौन जीता?
TMC के मुस्तफिजुर रहमान (सुमन) ने भरतपुर विधानसभा सीट जीती। उन्होंने BJP की प्रत्याशी अनामिका घोष को 30,753 मतों के अंतर से हराया।
हुमायूं कबीर को TMC ने क्यों निष्कासित किया?
हुमायूं कबीर को बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण को लेकर दिए गए बयान के कारण तृणमूल कांग्रेस ने निलंबित कर दिया। इसके बाद उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) का गठन किया और इस बार रेजीनगर और नौदा से चुनाव लड़ा।
भरतपुर विधानसभा सीट किस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है?
भरतपुर विधानसभा सीट बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह मुर्शिदाबाद जिले की एक सामान्य श्रेणी की ग्रामीण सीट है।
भरतपुर सीट पर ऐतिहासिक रूप से किस पार्टी का दबदबा रहा है?
1951 से 2021 तक रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) ने नौ बार और कांग्रेस ने छह बार यह सीट जीती। TMC ने पहली बार 2021 में यह सीट जीती थी जब हुमायूं कबीर विधायक बने थे।
भरतपुर की जनसांख्यिकीय संरचना कैसी है?
भरतपुर एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है जहाँ लगभग 57.90 प्रतिशत मतदाता मुस्लिम हैं। अनुसूचित जाति के मतदाता लगभग 16.44 प्रतिशत हैं और हाल के वर्षों में कुल मतदाताओं की संख्या में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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