मोंटेश्वर सीट पर भाजपा के सैकत पांजा ने टीएमसी के सिद्दीकुल्लाह चौधरी को 14,798 वोटों से हराया

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मोंटेश्वर सीट पर भाजपा के सैकत पांजा ने टीएमसी के सिद्दीकुल्लाह चौधरी को 14,798 वोटों से हराया

सारांश

2021 में 31,508 वोटों से हारे सैकत पांजा ने इस बार मोंटेश्वर में 14,798 वोटों से जीत दर्ज की — यह राजनीतिक पलटाव पश्चिम बंगाल में BJP की बढ़ती ताकत और TMC की एंटी-इनकंबेंसी की कहानी एक साथ बयाँ करता है।

मुख्य बातें

सैकत पांजा (BJP) ने मोंटेश्वर सीट पर 96,559 वोट पाकर जीत दर्ज की।
TMC के सिद्दीकुल्लाह चौधरी को 81,761 वोट मिले; हार का अंतर 14,798 वोट रहा।
CPI(M) के अनुपम घोष 18,192 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
सीट पर 93.56% का रिकॉर्ड मतदान; पूर्व बर्धमान जिले का औसत 93.83% रहा।
2021 में चौधरी ने पांजा को 31,508 वोटों से हराया था — इस बार परिणाम पूरी तरह पलटा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में पूर्व बर्धमान जिले की मोंटेश्वर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के युवा उम्मीदवार सैकत पांजा ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता सिद्दीकुल्लाह चौधरी को 14,798 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। इस सीट पर 93.56 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था, जो पूरे पश्चिम बंगाल में इस चुनाव के उल्लेखनीय आँकड़ों में से एक है।

मतगणना के मुख्य आँकड़े

मतगणना में सैकत पांजा को कुल 96,559 वोट प्राप्त हुए, जबकि TMC उम्मीदवार सिद्दीकुल्लाह चौधरी को 81,761 वोट मिले। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) — के उम्मीदवार अनुपम घोष 18,192 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के उम्मीदवार ज्योतिर्मय मंडल को बहुत कम मत मिले और वे चौथे स्थान पर रहे। गौरतलब है कि पूरे पूर्व बर्धमान जिले में औसत मतदान 93.83 प्रतिशत रहा, जो इस चुनाव में सर्वाधिक में से एक है।

सीट का राजनीतिक इतिहास

मोंटेश्वर एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है, जो बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। 2008 के परिसीमन के बाद इसकी वर्तमान संरचना अस्तित्व में आई। प्रारंभिक दशकों में यहाँ वाम मोर्चा और CPI(M) का वर्चस्व रहा, जिसके बाद TMC ने अपनी पकड़ मजबूत की। 2021 के विधानसभा चुनाव में सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने इसी सैकत पांजा को 31,508 वोटों के भारी अंतर से हराया था। इस बार परिणाम पूरी तरह पलट गया।

प्रमुख उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि

BJP के विजेता उम्मीदवार सैकत पांजा की आयु 34 वर्ष है और वे पोस्ट ग्रेजुएट हैं। वे पहले CPI(M) से जुड़े थे और बाद में BJP में शामिल हुए। उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनकी घोषित संपत्ति लगभग ₹44.6 लाख है। TMC के सिद्दीकुल्लाह चौधरी 76 वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट हैं, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है और घोषित संपत्ति लगभग ₹1.8 करोड़ है। CPI(M) के अनुपम घोष 42 वर्षीय स्नातक हैं, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है और कुल संपत्ति ₹10.6 लाख है। कांग्रेस के ज्योतिर्मय मंडल 56 वर्षीय हैं और 12वीं पास हैं।

जीत के पीछे के कारण

मोंटेश्वर सीट पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी मतदाताओं का मिश्रण है। BJP ने एंटी-इनकंबेंसी की लहर और स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर प्रभावी चुनावी रणनीति अपनाई। वाम दल और कांग्रेस की वोट कटौती भी BJP के पक्ष में काम आई। यह ऐसे समय में आया है जब TMC को पूरे राज्य में सत्ता-विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है।

आगे का राजनीतिक असर

सैकत पांजा की यह जीत एक युवा चेहरे और मज़बूत संगठनात्मक प्रयासों का नतीजा मानी जा रही है। 2021 में जहाँ उन्हें 31,508 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था, वहीं इस बार उन्होंने 14,798 वोटों की जीत दर्ज की — यह राजनीतिक पलटाव उल्लेखनीय है। मोंटेश्वर का यह परिणाम न केवल स्थानीय राजनीति, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डालेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

508 वोटों की हार को 2026 में 14,798 वोटों की जीत में बदलने की कहानी है, जो BJP के ज़मीनी संगठन की ताकत को रेखांकित करती है। TMC के लिए चिंता की बात यह है कि सिद्दीकुल्लाह चौधरी जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता भी एंटी-इनकंबेंसी की लहर से नहीं बच सके। वाम और कांग्रेस वोटों का BJP की ओर स्थानांतरण यह भी संकेत देता है कि विपक्षी एकजुटता की बजाय मतदाता सत्ता-परिवर्तन को प्राथमिकता दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल में यह प्रवृत्ति व्यापक हो तो TMC के लिए राज्य में अपना वर्चस्व बनाए रखना कठिन होता जाएगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोंटेश्वर विधानसभा सीट पर 2026 चुनाव का नतीजा क्या रहा?
BJP के सैकत पांजा ने TMC के सिद्दीकुल्लाह चौधरी को 14,798 वोटों से हराकर मोंटेश्वर सीट जीती। पांजा को 96,559 और चौधरी को 81,761 वोट मिले।
मोंटेश्वर में इस बार मतदान प्रतिशत कितना रहा?
मोंटेश्वर विधानसभा सीट पर 93.56 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में सर्वाधिक में से एक है। पूरे पूर्व बर्धमान जिले का औसत मतदान 93.83 प्रतिशत रहा।
सैकत पांजा कौन हैं और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
सैकत पांजा 34 वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट हैं जो पहले CPI(M) से जुड़े थे और बाद में BJP में शामिल हुए। उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं और घोषित संपत्ति लगभग ₹44.6 लाख है।
2021 में मोंटेश्वर का चुनाव परिणाम क्या था?
2021 के विधानसभा चुनाव में TMC के सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने BJP के सैकत पांजा को 31,508 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। इस बार नतीजा पूरी तरह उलट गया।
मोंटेश्वर सीट किस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है?
मोंटेश्वर विधानसभा सीट बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और 2008 के परिसीमन के बाद इसकी वर्तमान संरचना बनी।
राष्ट्र प्रेस
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