श्यामपुकुर में TMC का 15 साल पुराना किला ढहा, BJP की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 14,000+ वोटों से जीत दर्ज की

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श्यामपुकुर में TMC का 15 साल पुराना किला ढहा, BJP की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 14,000+ वोटों से जीत दर्ज की

सारांश

श्यामपुकुर में 2011 से TMC का अटूट गढ़ माना जाता था — तीन बार जीती शशि पांजा इस बार BJP की पूर्णिमा चक्रवर्ती से 14,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गईं। नॉर्थ कोलकाता की यह जीत BJP के शहरी विस्तार की कहानी का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

BJP की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 60,248 वोट पाकर श्यामपुकुर सीट जीती।
TMC की शशि पांजा को 45,615 वोट मिले; जीत का अंतर 14,633 वोट रहा।
शशि पांजा ने 2011 , 2016 और 2021 में लगातार तीन बार यह सीट जीती थी।
1951 से अब तक इस सीट पर 18 चुनाव हो चुके हैं; फॉरवर्ड ब्लॉक ने 10 बार जीत दर्ज की थी।
सीट पर मतदाताओं की संख्या और वोटिंग प्रतिशत में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा की ऐतिहासिक सीट श्यामपुकुर पर 4 मई 2026 को घोषित नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की दिग्गज नेता शशि पांजा को 14,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से परास्त कर दिया। 2011 से इस सीट पर TMC का एकछत्र राज रहा था, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव में यह किला धराशायी हो गया।

मतगणना के प्रमुख आँकड़े

मतगणना के अनुसार, BJP की पूर्णिमा चक्रवर्ती को कुल 60,248 वोट मिले, जबकि TMC की शशि पांजा 45,615 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर 14,633 वोट रहा। यह अंतर इस सीट के हालिया चुनावी इतिहास में उल्लेखनीय माना जा रहा है। गौरतलब है कि शशि पांजा ने 2011, 2016 और 2021 में लगातार तीन बार यह सीट जीती थी और हर बार अलग-अलग मार्जिन से विरोधियों को पीछे छोड़ा था।

TMC के लिए बड़ा झटका

शशि पांजा की यह हार TMC के लिए महज एक सीट का नुकसान नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक झटका है। नॉर्थ कोलकाता के शहरी इलाके में यह सीट पार्टी की पकड़ का प्रतीक मानी जाती थी। यह ऐसे समय में आया है जब TMC शहरी क्षेत्रों में अपना जनाधार बनाए रखने की कोशिश में है। शशि पांजा पार्टी की वरिष्ठ नेता रही हैं और उनकी हार पार्टी के भीतर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

श्यामपुकुर सीट का राजनीतिक इतिहास

1951 से अब तक इस सीट पर 18 चुनाव हो चुके हैं। शुरुआती दौर में फॉरवर्ड ब्लॉक का दबदबा रहा और उसने 10 बार जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस ने चार बार यह सीट अपने नाम की। 1971 का चुनाव हिंसक घटनाओं के कारण रद्द कर दिया गया था, जो इस सीट के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। 2011 में TMC की लहर के बाद से यह सीट पार्टी का गढ़ बन गई थी, जो अब 2026 में BJP के हाथ चली गई।

मतदाता रुझान और सामाजिक संरचना

इस सीट की एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि यहाँ समय के साथ मतदाताओं की संख्या घटी है, जो अन्य सीटों से अलग प्रवृत्ति को दर्शाती है। अनुसूचित जाति और मुस्लिम मतदाताओं का अनुपात अपेक्षाकृत कम है। वोटिंग प्रतिशत में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है, जो शहरी क्षेत्रों में बढ़ती चुनावी उदासीनता का संकेत देती है। नॉर्थ कोलकाता के बीचोंबीच स्थित यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है और कोलकाता उत्तर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस इलाके में कोलकाता नगर निगम के 11 वार्ड शामिल हैं।

श्यामपुकुर की सांस्कृतिक पहचान

श्यामपुकुर का इतिहास कोलकाता के विकास के साथ गहराई से जुड़ा है। कभी यह इलाका अपने आलीशान घरों और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था। इसके आसपास के इलाके — अहिरीटोला, बागबाजार, कुमारतुली और श्यामबाजार — आज भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। कुमारतुली मूर्ति निर्माण के लिए और श्यामबाजार अपने व्यस्त बाजार के लिए प्रसिद्ध है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि TMC इस हार से क्या सबक लेती है और BJP अपनी नई जीत को किस तरह भुनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सावधानीपूर्वक विश्लेषण की माँग करती है कि क्या यह ठोस समर्थन है या TMC-विरोधी लहर का असर।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्यामपुकुर विधानसभा सीट 2026 का चुनाव परिणाम क्या रहा?
4 मई 2026 को घोषित नतीजों में BJP की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 60,248 वोट पाकर TMC की शशि पांजा को 14,633 वोटों के अंतर से हराया। शशि पांजा को 45,615 वोट मिले।
शशि पांजा ने इससे पहले कितनी बार श्यामपुकुर सीट जीती थी?
शशि पांजा ने 2011, 2016 और 2021 में लगातार तीन बार श्यामपुकुर सीट जीती थी। 2026 में BJP की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने उन्हें पहली बार हराया।
श्यामपुकुर सीट का ऐतिहासिक राजनीतिक रिकॉर्ड क्या है?
1951 से अब तक इस सीट पर 18 चुनाव हो चुके हैं। फॉरवर्ड ब्लॉक ने 10 बार और कांग्रेस ने 4 बार यह सीट जीती। 1971 का चुनाव हिंसा के कारण रद्द हुआ था और 2011 के बाद से TMC का दबदबा था।
श्यामपुकुर सीट किस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है?
श्यामपुकुर विधानसभा सीट कोलकाता उत्तर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस इलाके में कोलकाता नगर निगम के 11 वार्ड शामिल हैं और यह नॉर्थ कोलकाता के मध्य में स्थित है।
TMC की हार के क्या संकेत हैं?
इस सीट पर मतदाताओं की संख्या और वोटिंग प्रतिशत दोनों में लगातार गिरावट आई है, जो शहरी चुनावी उदासीनता को दर्शाती है। अनुसूचित जाति और मुस्लिम मतदाताओं का अनुपात भी अपेक्षाकृत कम है, जिससे TMC का पारंपरिक समीकरण इस सीट पर कमजोर पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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