संदेशखाली में भाजपा के सनत सरदार ने टीएमसी की झरना सरदार को 17,510 वोटों से हराया

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संदेशखाली में भाजपा के सनत सरदार ने टीएमसी की झरना सरदार को 17,510 वोटों से हराया

सारांश

संदेशखाली — जो पिछले कुछ वर्षों से कथित हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल के कारण राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा — अब भाजपा की पहली सीधी जीत का गवाह बना। सनत सरदार ने 17,510 वोटों के अंतर से टीएमसी को हराकर दशकों पुराने राजनीतिक समीकरण को पलट दिया।

मुख्य बातें

भाजपा के सनत सरदार ने संदेशखाली विधानसभा सीट पर 1,07,189 मत पाकर जीत दर्ज की।
टीएमसी की झरना सरदार को 89,679 वोट मिले; हार का अंतर 17,510 मत रहा।
सीपीआई(एम) के रवींद्रनाथ महाता 12,921 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
यह सीट 2011 से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है और 1977 से 2011 तक सीपीआई(एम) का गढ़ रही।
भाजपा का वोट शेयर 2011 के करीब 11% से बढ़कर 2021 में 35% से अधिक हो गया था।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की बहुचर्चित संदेशखाली विधानसभा सीट पर 4 मई 2026 को घोषित चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सनत सरदार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रत्याशी झरना सरदार को 17,510 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। यह जीत भाजपा के लिए इस अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट पर ऐतिहासिक महत्व रखती है, जहाँ दशकों तक वामपंथी और फिर तृणमूल का वर्चस्व रहा है।

मतगणना के प्रमुख आँकड़े

मतगणना के अनुसार विजेता उम्मीदवार सनत सरदार को कुल 1,07,189 मत प्राप्त हुए। दूसरे स्थान पर रहीं टीएमसी प्रत्याशी झरना सरदार को 89,679 वोट मिले। तीसरे स्थान पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — के उम्मीदवार रवींद्रनाथ महाता को 12,921 मत प्राप्त हुए। परिणाम घोषित होते ही भाजपा समर्थकों ने आतिशबाजी कर एक-दूसरे को बधाई दी।

संदेशखाली सीट का राजनीतिक इतिहास

संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और 1951 से चुनावी इतिहास का हिस्सा है। 2011 से यह सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है। गौरतलब है कि सीपीआई(एम) ने 1977 से 2011 तक लगातार आठ विधानसभा चुनाव इस सीट पर जीते। 2016 में तृणमूल कांग्रेस के सुकुमार महता ने सीपीआई(एम) के निरपदा सरदार को भारी अंतर से हराकर इस सिलसिले को तोड़ा। 2021 में भी सुकुमार महता ने सीट बरकरार रखी, जबकि भाजपा के भास्कर सरदार दूसरे स्थान पर रहे।

भाजपा की बढ़ती ताकत

पिछले एक दशक में भाजपा ने संदेशखाली में तेज़ी से अपनी पकड़ मज़बूत की है। 2011 में पार्टी को करीब 11 प्रतिशत वोट मिले थे, जो 2021 तक बढ़कर 35 प्रतिशत से अधिक हो गए। इस क्रमिक उभार की परिणति अब भाजपा की पहली सीधी जीत के रूप में सामने आई है। यह ऐसे समय में आया है जब संदेशखाली पिछले कुछ वर्षों से कथित हिंसा और राजनीतिक तनाव के कारण राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा है।

मतदान प्रतिशत में बदलाव

संदेशखाली में मतदान प्रतिशत पारंपरिक रूप से ऊँचा रहा है। 2016 में यह 87 प्रतिशत से अधिक था, जो 2024 तक घटकर करीब 82 प्रतिशत रह गया। विशेषज्ञों के अनुसार, मतदान में यह गिरावट क्षेत्र में राजनीतिक अनिश्चितता और प्रवासन जैसे कारकों से जुड़ी हो सकती है।

आगे क्या

सनत सरदार की इस जीत से भाजपा को पश्चिम बंगाल में अपनी उपस्थिति और मज़बूत करने का अवसर मिला है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि नवनिर्वाचित विधायक इस संवेदनशील और चर्चित क्षेत्र में विकास और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर किस दिशा में काम करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब भाजपा ने टीएमसी को। यह क्रमिक बदलाव बताता है कि मतदाता बदलाव चाहते हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भाजपा शासन में वह विश्वास बनाए रख पाएगी जो उसने विपक्ष में अर्जित किया। मतदान में गिरावट और क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए, नवनिर्वाचित विधायक के लिए प्रशासनिक चुनौती राजनीतिक जीत से कहीं बड़ी होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संदेशखाली विधानसभा सीट पर 2026 में कौन जीता?
भाजपा उम्मीदवार सनत सरदार ने संदेशखाली सीट पर 1,07,189 मत पाकर जीत दर्ज की। उन्होंने टीएमसी की झरना सरदार को 17,510 वोटों के अंतर से हराया।
संदेशखाली सीट पर तीसरे स्थान पर कौन रहा?
सीपीआई(एम) के उम्मीदवार रवींद्रनाथ महाता 12,921 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वामपंथी दल इस सीट पर एक बार फिर हाशिये पर रहा।
संदेशखाली विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
यह सीट 2011 से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है और 1977 से 2011 तक सीपीआई(एम) का गढ़ रही। 2016 में टीएमसी के सुकुमार महता ने वामपंथियों का वर्चस्व तोड़ा और 2021 में भी जीते।
संदेशखाली में भाजपा का वोट शेयर कैसे बढ़ा?
भाजपा का वोट शेयर 2011 के करीब 11 प्रतिशत से बढ़कर 2021 में 35 प्रतिशत से अधिक हो गया। इस क्रमिक उभार की परिणति 2026 में पहली सीधी जीत के रूप में सामने आई।
संदेशखाली किस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है?
संदेशखाली विधानसभा सीट बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह उत्तर 24 परगना जिले में स्थित है और 1951 से चुनावी इतिहास का हिस्सा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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