संदेशखाली में भाजपा के सनत सरदार ने टीएमसी की झरना सरदार को 17,510 वोटों से हराया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की बहुचर्चित संदेशखाली विधानसभा सीट पर 4 मई 2026 को घोषित चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सनत सरदार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रत्याशी झरना सरदार को 17,510 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। यह जीत भाजपा के लिए इस अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट पर ऐतिहासिक महत्व रखती है, जहाँ दशकों तक वामपंथी और फिर तृणमूल का वर्चस्व रहा है।
मतगणना के प्रमुख आँकड़े
मतगणना के अनुसार विजेता उम्मीदवार सनत सरदार को कुल 1,07,189 मत प्राप्त हुए। दूसरे स्थान पर रहीं टीएमसी प्रत्याशी झरना सरदार को 89,679 वोट मिले। तीसरे स्थान पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — के उम्मीदवार रवींद्रनाथ महाता को 12,921 मत प्राप्त हुए। परिणाम घोषित होते ही भाजपा समर्थकों ने आतिशबाजी कर एक-दूसरे को बधाई दी।
संदेशखाली सीट का राजनीतिक इतिहास
संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और 1951 से चुनावी इतिहास का हिस्सा है। 2011 से यह सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है। गौरतलब है कि सीपीआई(एम) ने 1977 से 2011 तक लगातार आठ विधानसभा चुनाव इस सीट पर जीते। 2016 में तृणमूल कांग्रेस के सुकुमार महता ने सीपीआई(एम) के निरपदा सरदार को भारी अंतर से हराकर इस सिलसिले को तोड़ा। 2021 में भी सुकुमार महता ने सीट बरकरार रखी, जबकि भाजपा के भास्कर सरदार दूसरे स्थान पर रहे।
भाजपा की बढ़ती ताकत
पिछले एक दशक में भाजपा ने संदेशखाली में तेज़ी से अपनी पकड़ मज़बूत की है। 2011 में पार्टी को करीब 11 प्रतिशत वोट मिले थे, जो 2021 तक बढ़कर 35 प्रतिशत से अधिक हो गए। इस क्रमिक उभार की परिणति अब भाजपा की पहली सीधी जीत के रूप में सामने आई है। यह ऐसे समय में आया है जब संदेशखाली पिछले कुछ वर्षों से कथित हिंसा और राजनीतिक तनाव के कारण राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा है।
मतदान प्रतिशत में बदलाव
संदेशखाली में मतदान प्रतिशत पारंपरिक रूप से ऊँचा रहा है। 2016 में यह 87 प्रतिशत से अधिक था, जो 2024 तक घटकर करीब 82 प्रतिशत रह गया। विशेषज्ञों के अनुसार, मतदान में यह गिरावट क्षेत्र में राजनीतिक अनिश्चितता और प्रवासन जैसे कारकों से जुड़ी हो सकती है।
आगे क्या
सनत सरदार की इस जीत से भाजपा को पश्चिम बंगाल में अपनी उपस्थिति और मज़बूत करने का अवसर मिला है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि नवनिर्वाचित विधायक इस संवेदनशील और चर्चित क्षेत्र में विकास और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर किस दिशा में काम करते हैं।