सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए फरवरी-मार्च में 92,000 करोड़ रुपए की गारंटी को दी स्वीकृति
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नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष फरवरी-मार्च में सरकार ने एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने हेतु 92,000 करोड़ रुपए की 5.27 लाख से अधिक गारंटियों को स्वीकृति प्रदान की है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के चलते उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों के बीच यह निर्णय सेक्टर को मजबूत समर्थन देने के लिए लिया गया है।
मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि फरवरी-मार्च 2026 के दौरान 20 लाख से अधिक एमएसएमई ने उद्यम पोर्टल पर नया रजिस्ट्रेशन कराया, जिससे देश में कुल रजिस्टर्ड उद्यमों की संख्या 8 करोड़ को पार कर गई है। यह दर्शाता है कि देश में उद्यमशीलता गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हो रही है।
एमएसएमई सेक्टर को प्रदान किए गए कुल कर्ज का आंकड़ा 36.7 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है, जिसमें तिमाही आधार पर 23.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। यह संकेत करता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद इस सेक्टर में क्रेडिट फ्लो में सुधार हुआ है।
वित्तीय सहायता तक आसान पहुंच बढ़ाने के लिए, सरकार ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज के लिए बिना गारंटी लोन की सीमा को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया है। यह बदलाव 1 अप्रैल से लागू हो चुका है, जिससे छोटे व्यवसायियों और नए उद्यमियों को विशेष लाभ होगा।
लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (टी-आरईडीएस) प्लेटफॉर्म पर भी तेज वृद्धि देखी गई है। यहां इनवॉइस डिस्काउंटिंग 2022 के 4,300 करोड़ रुपए से बढ़कर अब 7 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। केवल फरवरी-मार्च में ही 85,000 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ, जो डिजिटल फाइनेंसिंग के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाता है।
सरकार ने यह भी कहा कि वह एमएसएमई सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए निरंतर नीतिगत कदम उठा रही है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर चुनौतियां बढ़ रही हैं।
इसके अलावा, सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के लिए कमर्शियल एलपीजी की सीमा को मार्च 2026 से पहले के स्तर के 70 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसका लाभ फार्मा, फूड, पॉलिमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, स्टील, मेटल, सिरेमिक और ग्लास जैसे कई क्षेत्रों को मिलेगा।
कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को राज्यों को अतिरिक्त कोयला उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को सप्लाई सुनिश्चित की जा सके।
राज्यों को घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेज करने की भी सलाह दी गई है।
मंत्रालय ने कहा कि वह सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर एमएसएमई सेक्टर की मजबूती, प्रतिस्पर्धा और विकास को बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।