होर्मुज स्ट्रेट के लिए मैक्रों और स्टार्मर की मेज़बानी में होगा वैश्विक सम्मेलन, 40 देशों के नेता शामिल होंगे
सारांश
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नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। एक ओर, ईरान इस क्षेत्र पर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहता है, जबकि दूसरी ओर, अमेरिका ईरान के बंदरगाहों से जहाजों के निकलने पर रोक लगा रहा है। इस स्थिति का कई देशों की आर्थिकी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
इन समस्याओं के समाधान के लिए, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर 40 देशों के नेताओं की ग्लोबल मीटिंग की मेज़बानी करने जा रहे हैं। यह बैठक शुक्रवार को आयोजित की जाएगी, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 40 देशों के नेता ईरान के सीजफायर का समर्थन करने और इस जलमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विचार-विमर्श करेंगे।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री के कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, दुनिया के नेता इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन का गठन करेंगे। यह मिशन पूरी तरह से सुरक्षा संबंधी होगा, जो हालात सामान्य होने पर सैन्य सहायता प्रदान करने का प्रयास करेगा।
बैठक में जहाजों और उन पर सवार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के काम को समर्थन देने पर भी चर्चा होगी।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के शुक्रवार सुबह पेरिस पहुंचने की संभावना है, ताकि वे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक की मेज़बानी कर सकें। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भी इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए पेरिस जा रहे हैं।
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, स्टार्मर इस बैठक में यह बताएंगे कि स्ट्रेट को बिना किसी शर्त के तुरंत खोलना वैश्विक जिम्मेदारी है और हमें वैश्विक ऊर्जा और व्यापार को फिर से सुचारु करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
जर्मन अधिकारी ने कहा है कि जर्मनी होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए योगदान देने के लिए तत्पर है, बशर्ते इसके लिए कोई स्पष्ट कानूनी आधार हो। इसमें माइन क्लियरेंस वेसल या समुद्री निगरानी शामिल हो सकती है, जो जर्मन सेना की विशेषज्ञता है।