ललन सिंह का आरोप: कांग्रेस कभी नहीं करती सामाजिक बदलाव का समर्थन
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य महिलाओं की संसद में भागीदारी को बढ़ाना है।
- ललन सिंह ने कांग्रेस पर सामाजिक बदलाव का समर्थन न करने का आरोप लगाया।
- अनुप्रिया पटेल ने ओबीसी महिलाओं की टिकट आवंटन में समर्थन की अपील की।
- सरकार ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया है।
- यह विधेयक महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बताया कि महिलाओं के साथ न्याय करना अत्यंत आवश्यक है। देश की लगभग 50 प्रतिशत जनसंख्या महिलाओं की है और यदि उनके साथ न्याय नहीं किया गया, तो यह उचित नहीं होगा। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए यह विधेयक प्रस्तुत किया गया है।
ललन सिंह ने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी पहले से सुनिश्चित की गई है, लेकिन अब समय आ गया है कि उन्हें कानून बनाने की प्रक्रिया में भी समान अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि आज की आवश्यकता है कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, ताकि वे नीतिगत फैसलों में भी अपनी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2023 में प्रस्तुत 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है कि संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद जब सदन में 33 प्रतिशत महिला सांसद होंगी, तो वह दृश्य अत्यंत प्रेरणादायक होगा।
इस दौरान ललन सिंह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी सामाजिक बदलाव का समर्थन नहीं करती। उनका कहना था, "आपकी मंशा देश समझ चुका है। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व यह कहता है कि हम इसे लागू नहीं होने देंगे। यह एक सोची-समझी साजिश है। सामाजिक क्रांति लाने वाले कदमों का कांग्रेस कभी समर्थन नहीं करती।"
वहीं, अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी सरकार के कदमों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो काम विपक्ष नहीं कर पाया, वह वर्तमान सरकार ने करके दिखाया है। उन्होंने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने समेत सरकार के कई फैसलों का उल्लेख किया।
अनुप्रिया पटेल ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि जब चुनाव हों, तो ओबीसी महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी न करें। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में ओबीसी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और अन्य दलों को भी ऐसा करना चाहिए। उन्होंने सभी दलों से मिलकर इस विधेयक को पारित करने की अपील करते हुए इसे पुण्य का काम बताया।