PM मोदी ने ITLA और SME ग्रोथ फंड को सराहा, कैबिनेट के फैसलों को बताया विकास की दिशा में बड़ा कदम
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के दो प्रमुख फैसलों की सराहना करते हुए उन्हें देश की विकास यात्रा के लिए निर्णायक बताया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन और ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड (SGF) को मंजूरी दी है, जो एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
ITLA: परिवहन क्षेत्र में समन्वय की नई व्यवस्था
सरकारी बयान के अनुसार, ITLA को एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अनुसंधान, योजना निर्माण, परियोजनाओं के मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को सुदृढ़ बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि ITLA से भारत के परिवहन तंत्र में बेहतर समन्वय, डेटा-आधारित योजना निर्माण और मल्टीमॉडल एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल देश के विकास पथ पर व्यापक और दूरगामी प्रभाव डालने वाली बताई गई है।
मल्टीमॉडल परिवहन पर फोकस
सरकार के अनुसार, सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई और जल परिवहन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर मल्टीमॉडल परिवहन प्रणाली को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की लॉजिस्टिक्स लागत GDP के सापेक्ष विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक मानी जाती है।
गौरतलब है कि विभिन्न परिवहन मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी लंबे समय से एक चुनौती रही है। ITLA का गठन इसी चुनौती का संस्थागत समाधान माना जा रहा है। इससे परिवहन अवसंरचना विकास की दक्षता, स्थिरता और प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड: एमएसएमई को मिलेगी इक्विटी पूंजी
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी! मंत्रिमंडल का यह निर्णय भारतीय व्यापार जगत के भावी नेताओं को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह एसएमई का विकास करने, उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने, विनिर्माण का विस्तार करने, वैश्विक बाजारों में प्रवेश करने और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं के साथ जुड़ने का मंच प्रदान करता है।'
आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्र सरकार ने ₹10,000 करोड़ की प्रतिबद्धता के साथ SME ग्रोथ फंड (SGF) को मंजूरी दी है। यह फंड केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित व्यापक एमएसएमई समर्थन पैकेज का हिस्सा है।
इक्विटी अंतर को भरने की कोशिश
सरकारी बयान के अनुसार, वर्तमान में उपलब्ध अधिकांश इक्विटी फंड शुरुआती चरण के उद्यमों और सूक्ष्म इकाइयों पर केंद्रित हैं, जबकि छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए विकास-उन्मुख इक्विटी पूंजी की कमी बनी रही है। नया SGF इसी संरचनात्मक अंतर को भरने का प्रयास करेगा।
यह फंड विनिर्माण, सेवाओं, तकनीक, नवाचार-आधारित उद्योगों और रणनीतिक वैल्यू चेन में काम करने वाली कंपनियों को बढ़ने का अवसर देगा। इसके अतिरिक्त, यह पहल घरेलू पूंजी बाजार को गहरा बनाने और विकासशील कंपनियों को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी।
आगे की राह
ITLA के SPV ढाँचे और SGF के परिचालन दिशानिर्देशों की घोषणा अभी प्रतीक्षित है। उद्योग जगत की नज़र अब इस पर होगी कि इन दोनों पहलों को व्यावहारिक धरातल पर कितनी तेज़ी से उतारा जाता है और इनके क्रियान्वयन के लिए कौन-सा संस्थागत ढाँचा अपनाया जाएगा।